
Noida News : नोएडा प्राधिकरण ने एक खास पहल की है। इससे पहले कि 304 करोड़ रूपए खर्च करके बनाई गई नोएडा की इमारत खंडर हो जाए उसे बचाने तथा बेहतरीन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इस काम के लिए नोएडा प्राधिकरण ने टेंडर जारी करके कंसलटेंट की तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही कंसलटेंट मिल जाने की उम्मीद जताई गई है।
आपको बता दें कि अब से 8 वर्ष पूर्व नोएडा प्राधिकरण में नोएडा शहर के सेक्टर-96 में अपना (प्राधिकरण) का नया भवन बनाने का फैसला किया था। उस समय उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। नोएडा प्राधिकरण केे इस भवन के निर्माण पर में 304 करोड़ रूपए खर्च हुए हैं। इतनी मोटी रकम खर्च होने के बाद नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को भनक लगी कि प्राधिकरण के नए कार्यालय के बनाई गई इमारत खराब क्वालिटी की घटिया इमारत बनी है।
यह पता लगने पर नोएडा प्राधिकरण ने IIT Delhi के विशेषज्ञों से इमारत की क्वालिटी की जांच कराई। IIT की जांच में पता चला कि नोएडा प्राधिकरण के नए दफ्तर के लिए बनाई गई इमारत की क्वालिटी बेहद घटिया है। इस इमारत की उम्र अधिक नहीं है। यह इमारत कभी भी खंडहर में बदल सकती है। IIT की टीम द्वारा इमारत की क्वालिटी जांच के लिये गए सभी 12 नमूने भी फेल साबित हुए हैं। अब नोएडा प्राधिकरण के CEO डा. लोकेश एम ने नवनिर्मित इमारत की क्वालिटी को सुधार कर इस इमारत को बेहतरीन बनाने का फैसला किया है।
नोएडा प्राधिकरण के CEO ने प्राधिकरण के नए दफ्तर की इमारत की गुणवत्ता यानि क्वालिटी को सुधारने तथा पूरी इमारत को नोएडा शहर की शानदार बिल्डिंग के रूप में विकसित करने के मकसद से कंसलटेंट नियुक्त करने का फैसला किया है। कंसलटेंट की तलाश करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने टेंडर की तरह से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) निकाला है। इस आरएफपी में इच्छुक कंपनी 21 दिंसबर 2023 तक आवेदन करेगी। बेस्ट कंपनी को छांटकर नोएडा प्राधिकरण अपनी बर्बाद हो रही इमारत को बचाएगा।