नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला, तैयार होगा लैंड बैंक
Noida News
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 01:00 PM
Noida News : नोएडा प्राधिकरण ने एक बड़ा फैसला किया है। नोएडा प्राधिकरण के CEO लोकेश एम की अगुवाई में यह फैसला लिया गया है। नोएडा प्राधिकरण ने इस फैसले से नोएडा क्षेत्र में एक बड़ा लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। इस लैंड बैंक में उपलब्ध जमीन नोएडा शहर में पूंजी निवेश की इच्छा रखने वाली दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों को आवंटित करके नोएडा में नया पूंजी निवेश कराया जाएगा।
नेाएडा के पास जमीन की भारी कमी
वर्ष-1976 से लगातार विकसित हो रहे नोएडा में अब खाली जमीन नहीं के बराबर रह गई है। जमीन की कमी होने के कारण नोएडा प्राधिकरण कोई नई योजना लागू नहीं कर पा रहा है। जमीन की कमी को दूर करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक बड़ा फैसला लिया है। नोएडा प्राधिकरण ने तय किया है कि पूरे नोएडा शहर में लैंड ऑडिट काया जाएगा। लैंड ऑडिट के द्वारा नोएडा प्राधिकरण एक लैंड बैंक बनाएगा। इस लैंड बैंक का सदुपयोग नई योजनाएं तथा नया निवेश लाने के लिए किया जाएगा।
क्या है नोएडा प्राधिकरण का नया फैसला
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डा. लोकेश एम ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने लैंड ऑडिट कराने का फैसला किया है। नोएडा में कराए जाने वाले लैंड ऑटिड के माध्यम से अतिक्रमण की गई जमीनों का पता लगाया जाएगा। निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण ने यह कवायद शुरू की है। इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। टेंडर खुलने के बाद चुनी गई एजेंसी लैंड ऑडिट कर अतिक्रमण की गई जमीन का पता लगाएगी।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा प्राधिकरण को लैंड बैंक बनाने के निर्देश दिए हैं। नोएडा प्राधिकरण के पास काफी कम जमीन बची हुई है। इसे देखते हुए प्राधिकरण अपनी जमीन ढूंढने के लिए एजेंसी का सहारा लेगा। एजेंसी के माध्यम से जमीन ढूंढने के बाद उसकी स्कीम निकाली जाएगी और निवेश कराया जाएगा। लैंड ऑडिट के दौरान चयनित एजेंसी यह पता करने का प्रयास करेगी कि यहां कितनी जमीनों का अधिग्रहण हुआ है।
अधिग्रहित जमीन में से कितनी जमीनें स्कीम के माध्यम से बिक चुकी हैं और कितनी जमीन बची हुई हैं। इसके अलावा अधिग्रहण के लायक बचे हुए भूखंडों का भी पता लगया जाएगा है। इसके अलावा मास्टर प्लान से भी इसका मिलान कराया जाएगा। इसमें नोएडा में अधिग्रहण के लिए अंकित की गई जमीनों का मिलान कराया जाएगा। ऑडिट में यह भी पता लगाया जाएगा कि कितनी जमीनों पर कोर्ट में केस चल रहे हैं। उनका स्टेटस क्या है और यह कब तक प्राधिकरण के कब्जे में आ सकती हैं। Noida News