
Noida News : वर्ष 1981-82 से पहले शुरू हुए मुआवजा घोटाले की जांच प्रगति पर है। इस बीच नोएडा प्राधिकरण के सूत्रों ने एक बड़ा दावा किया है। दावा यह है कि यदि इस मुआवजे घोटाले की ठीक से जांच की गई तो यह घोटाला 1 हजार करोड़ से भी अधिक का है। नोएडा प्राधिकरण के इस घोटाले की जांच स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम SIT कर रही है।
इन दिनों नोएडा प्राधिकरण पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस चर्चा का कारण नोएडा प्राधिकरण में हुआ मुआवजा घोटाला है। प्रारंभ में यह घोटाला मात्र 7 करोड़ 26 लाख रूपये का बताया जा रहा था। अब पता चला है कि नोएडा प्राधिकरण का मुआवजा घोटाला हजार करोड़ से भी अधिक का है। जो SIT इस घोटाले की जांच कर रही है। उसका नेतृत्व उत्तर प्रदेश राजस्व बोर्ड के चेयरमैन हेमंत राव कर रहे हैं। हेमंत राव को ईमानदार अफसर माना जाता है। इस कारण संभावना जताई जा रही है कि हजारों करोड़ के इस घोटाले की सारी कडिय़ां जुड जाएंगी और सारा प्रकरण सामने आ जाएगा।
आपको बता दें कि अतिरिक्त मुआवजा वितरण के नाम से प्रकाश में आया नोएडा प्राधिकरण का मुआवजा घोटाला वर्ष 1981-1982 से शुरू हो गया था। होता यह था कि नोएडा प्राधिकरण जिस नोएडा क्षेत्र के गांवों की जिस भूमि को अधिग्रहित करता था उसका किसानों को मुआवजा दिया जाता था। कुछ किसान मुआवजा राशि से संतुष्ट नहीं होते थे इस कारण किसान हाईकोर्ट में अपील दायर कर देते थे। कुछ मामलों में हाईकोर्ट मुआवजे की राशि बढ़ा देता था। इसी को आधार बनाकर एक बड़े घोटाले ने जन्म लिया।
सबसे पहले सलारपुर गांव के ओमदेव नाम के किसान ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों व कर्मचारियों से सांठगांठ करके 19 करोड़ रूपये का अतिरिक्त मुआवजा उठा लिया। नोएडा प्राधिकरण के सामने तर्क यह रखा गया कि उनका मामला अदालत में लंबित है। यदि प्राधिकरण अतिरिक्त मुआवजा दे देगा तो वह अपना मुकदमा वापस ले लेंगे। इसी प्रकार दूसरे कुछ किसानों के नाम पर भी घोटालेबाज अधिकारियों व कर्मचारियों ने खेल करना शुरू किया।
गेझा गांव की रहने वाली धर्मपाल की पत्नी रामवती को भी 10 करोड़ से भी अधिक मुआवजा अदालत की आड़ लेकर दे दिया गया। भुल्लड व फुंदन नामक किसानों को भी 9 करोड़ व 7 करोड़ दिये गये। यह सिलसिला काफी लम्बा बताया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण इस प्रकार के चार मामलों में वर्ष-2020 में व 11 मामलों में हाल ही में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा चुका है। पुलिस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अदालत का बहाना बनाकर नोएडा प्राधिकरण के करोड़ों रूपये की बंदरबांट मुआवजे के नाम पर की गई है। नोएडा प्राधिकरण के एक अंतरंग सूत्र ने दावा किया है कि यह घोटाला एक हजार करोड़ रूपये से भी अधिक का घोटाला है।
नोएडा प्राधिकरण के जानकार सूत्रों की माने तो नोएडा प्राधिकरण का मुआवजा घोटाला नोएडा के अधिकतर गांवों में हुआ है। इस कड़ी में नोएडा क्षेत्र के गेझा, सलारपुर, ककराला, नंगला एवं भूड़ा गांवों के दर्जनों मामले ग्रामीणों को जवानी याद हैं। इन मामलों में अदालत की आड़ लेकर बिना किसी आधार के नोएडा प्राधिकरण से मुआवजा न केवल लिया गया है बल्कि नोएडा प्राधिकरण के धन की लूट की गयी है।
मुआवजा घोटाले में नोएडा प्राधिकरण के पूर्व विधि अधिकारी विरेन्द्र नागर को निलंबित किया जा चुका है। साथ ही उसके खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-20 में नामजद FIR दर्ज है। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए विरेन्द्र सिंह नागर सुप्रीम कोर्ट की शरण में गया था। पूरे प्रकरण को देखते ही सुप्रीम कोर्ट चकित रह गया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि करोड़ों रूपये का यह घोटाला अकेले 1-2 अधिकारी नहीं कर सकते। इस मामले में पूरा प्राधिकरण लिप्त है। इस टिप्पणी के बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने पूरे प्रकरण की व्यापक जांच करके रिपोर्ट पेश करने को कहा है। उसी आदेश के आधार पर SIT जांच कर रही है।
SIT की जांच शुरू होने के बाद नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी एक बार फिर नींद से जागे हैं। प्राधिकरण की तरफ से फेस-1 थाने में एक ताजा FIR दर्ज कराई गई है। इस FIR में 11 मामलों में 82 करोड़ रूपये का मुआवजा गलत ढंग से बांटे जाने का जिक्र है। FIR में सबसे पहले घोटालेबाज स्व. दिलीप सिंह के बेटे ओमदेव सिंह, धर्म सिंह, बिजेन्द्र कुमार और राजकुमार को 20 करोड़ रूपये ठगने का आरोपी बनाया गया है।
इसी प्रकार गोपी, इंद्राज, सिंह राज, किशनवती, सुनील, अनिल, संजय, बिटटू, हरीश चंद्र, चंद्रपाल, महेंद्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, सुमन त्यागी, रनवीर सिंह, प्रेमवती देवी, बालकिशन, अशोक कुमार, बबली कुमार, देवेन्द्र, बंटी, अनारो, छिद्रा, संजीव त्यागी, राजीव कुमार त्यागी, नवीन त्यागी, उर्मिला देवी, प्रदीप त्यागी, मनोज त्यागी, जयवती, रामोतार, नेगपाल, अशोक त्यागी, संजय त्यागी, दुर्गेश त्यागी, अश्वनी त्यागी, आकाश त्यागी, किशनदेई, राजकुमार, सुशील, सुबीश कुमार, प्रमोद कुमार त्यागी, नीरज कुमार त्यागी, रजनीश कुमार, शांति देवी, अंशुल त्यागी, निशु त्यागी, मंजू त्यागी, पिंटू त्यागी, प्रदीप त्यागी, सीमा त्यागी, कुलदीप, योगेश, अशोक कुमार, अनिल कुमार, जयप्रकाश, नीरज, वेदप्रकाश, अजय कुमार, भगवती व रेखा को नामजद किया गया है। Noida News
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