
Noida News (चेतना मंच)। नोएडा में रियल स्टेट के क्षेत्र में काम कर रहे नामी बिल्डर को एक दलाल ने नोएडा प्राधिकरण से सेटिंग के नाम पर अपने जाल में फंसा लिया और कानूनी पचड़े से बचाने के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए। शातिर ठग ने बिल्डर को इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक फर्जी आदेश थमाकर गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन उसकी पोल खुल गई। पीड़ित ने नोएडा के थाना फेस-1 में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मूल रूप से मधुवन विहार कॉलोनी धूमनगंज प्रयागराज निवासी सुशांत अग्रवाल ने बताया कि वह एट इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का निदेशक है। उसकी कंपनी का एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट नोएडा के सेक्टर-16 में निर्मित हो रहा है। इस प्रोजेक्ट पर आंशिक निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष का निर्माण कार्य जारी है। उक्त भूखंड के संबंध में एनजीटी द्वारा ओसी दिए न जाने के संबंध में आदेश पारित किए गए थे, जिसके चलते उसकी कंपनी का कार्य काफी समय तक बाधित रहा। भूखंड के खिलाफ हुई कई शिकायत के कारण नोएडा प्राधिकरण द्वारा उसे वसूली के नोटिस भेजे जा रहे थे।
सुशांत अग्रवाल के मुताबिक उसने नोएडा प्राधिकरण से नियम अनुसार आर्थिक रियायत देने की मांग की जिसे प्राधिकरण द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया। इस दौरान उसका संपर्क धूमनगंज प्रयागराज निवासी विजय शर्मा से हुआ। विजय शर्मा ने उसे आश्वासन दिलाया कि वह इलाहाबाद हाईकोर्ट से उसकी कंपनी को रियायत दिला देंगे। विजय सिंह ने उसकी कंपनी की तरफ से हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दाखिल कर दी और विश्वास दिलाया कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा लगाए गए गैरवाजिब शुल्क को हटवाकर प्राधिकरण की वसूली पर रोक लगा दी जाएगी।
सुशांत अग्रवाल के मुताबिक विजय शर्मा ने उन्हें 14 मार्च को हाईकोर्ट इलाहाबाद द्वारा पारित एक आदेश तथा उक्त आदेश को तस्दीक करने वाली प्रश्नोत्तरी दी। उन्होंने जब इस आदेश के बारे में पड़ताल कराई तो पता चला कि विजय शर्मा ने फर्जी तरीके से हाईकोर्ट कार्यालय की फर्जी मोहर व हस्ताक्षर बनाकर उन्हें आदेश की कॉपी दी है। पीड़ित के मुताबिक विजय शर्मा ने इसकी एवज में उनसे लाखों रुपए हड़प लिए। थाना फेस 1 प्रभारी ध्रूव भूषण दुबे ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। यह मामला न्यायालय के निर्देश पर दर्ज किया गया है।