
Noida News (चेतना मंच)। लोगों को बेहतर लोकेशन पर उनके सपनों का आशियाना, ऑफिस व दुकान उपलब्ध कराने के नाम पर बिल्डरों ने जमकर लूट मचाई है। आए दिन बिल्डरों के काले कारनामे प्रकाश में आ रहे हैं। किसी बिल्डर ने बिना जमीन के हवा में ही मॉल व फ्लैट का निर्माण कर लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। बिल्डरों की ठगी का शिकार हुए 2 लोगों ने मैसर्स वर्धमान इंफ्रा डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड व ड्रीमलैंड प्रमोटर्स एंड कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड के कर्ता-धर्ताओं के खिलाफ धोखाधड़ी व ठगी का मुकदमा दर्ज कराया है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी अनुज अग्रवाल ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उनके चाचा जनार्दन सिंह रोहतगी ने मैसर्स वर्तमान इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अल्फा-1 सेक्टर में बनाए जा रहे वर्धमान अल्फा स्क्वायर मॉल के निर्माण का प्रचार देखकर उसमें एक दुकान बुक की थी। मैसर्स वर्धमान इंफ्रा डेवलपर्स के डायरेक्टर हरेंद्र वशिष्ट, राजू वर्मा, सतीश जैन, विवेक गुप्ता व नवीन राय ने उन्हें बताया कि दुकान का कब्जा देने तक उन्हें 12 प्रतिशत एश्योर्ड रिटर्न भी दिया जाएगा। सभी आरोपियों ने उन्हें मॉल निर्माण के फर्जी दस्तावेज दिखाकर बताया कि उक्त मॉल का निर्माण 2015 तक पूरा कर दुकान का कब्जा उन्हें दे दिया जाएगा।
अनुज अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने मॉल में एक दुकान बुक करते हुए बिल्डर को 72 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। वर्ष 2015 में दुकान का कब्जा न मिलने पर उन्होंने बिल्डर से बात की तो उन्होंने जल्द ही कब्जा देने की बात कही।
इस दौरान उन्हें अन्य खरीदारों से पता चला कि उक्त मॉल का नक्शा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से पास नहीं है। बिल्डर द्वारा फर्जी नक्शा तैयार कर भ्रमित किया जा रहा है। प्राधिकरण का 100 करोड रुपये बकाया न चुकाए जाने के प्राधिकरण ने उस प्लॉट की लीज डीड भी कैंसिल कर दी है, जिस पर मॉल बनाया जाना था। इस पर जब उन्होंने बिल्डर से अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें धमका कर भगा दिया। न्यायालय के निर्देश पर थाना बीटा-2 में मैसर्स वर्धमान इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हरेंद्र वशिष्ट, राजू वर्मा, सतीश जैन, विवेक गुप्ता, नवीन राय व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
थाना बीटा-2 थाने में ही धोखाधड़ी का दूसरा मुकदमा ड्रीमलैंड प्रोमोटर्स एंड कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड बिल्डर के खिलाफ दर्ज कराया गया है। ग्रेटर नोएडा के अल्फा वन सेक्टर निवासी धर्मेंद्र बैंसला ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2010 जुलाई माह में तिलपता निवासी सुनील भाटी, ड्रीमलैंड प्रमोटर्स के निदेशक पवन भड़ाना, संजय कुमार मावी, रवि कुमार शुक्ला आदि उसके घर आए इन लोगों ने बताया कि वह ड्रीमलैंड का द विलो प्रोजेक्ट को एनएच-24 पर क्रॉसिंग रिपब्लिक के पास लांच कर रहे हैं। इसमें वह आवासीय फ्लैट बना रहे हैं। इनकी बातों में आकर उसने प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक कर दिया आरोपियों ने उससे 22 लाख 50 हजार रूपये ले लिए पैसे लेने के बाद आरोपी उनसे और पैसे देने का दबाव देने लगे जिस पर उन्होंने मना कर दिया।
पीड़ित का कहना है कि इसके बाद आरोपियों ने उनके फ्लैट को कैंसिल कर किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। इसके बाद साथ अप्रैल 2015 को उनका बिल्डर से समझौता हुआ जिसके तहत उन्होंने ब्याज के 5 लाख 83 हजार 500 के साथ 11 लाख 50 हजार रूपये का भुगतान किया। जिसके बाद उन्हें बिल्डर ने एक अन्य फ्लैट आवंटित कर दिया और 6 महीने के भीतर रजिस्ट्री करने की बात कही।
6 महीने बीतने के बाद भी जब फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं कराई तो वह बिल्डर द्वारा बनाई गई द विलो सोसाइटी में जाकर पूछताछ की तो पता चला कि जो फ्लैट उन्हें आवंटित किया गया था उसका मालिक कोई और है। उन्होंने जब ड्रीमलैंड बिल्डर के कर्ताधर्ता से बातचीत करने का प्रयास किया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इस दौरान उसे पता चला कि ड्रीमलैंड के निदेशक पवन भडाना व उनके साथियों ने एक ही फ्लैट को कई लोगों को बेचकर ठगी की है।
इस तरह की ठगी के मामले में आरोपियों के खिलाफ दिल्ली में मुकदमा भी दर्ज हुआ था जिसके बाद पवन भड़ाना, रवि कुमार शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया था। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने साजिश के तहत उससे 34 लाख रूपये धोखाधड़ी से ठग लिए और फ्लैट के झूठे कागजात थमा दिए। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों ही पीड़ितों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है यह मामले कोर्ट के निर्देश पर दर्ज किए गए हैं। Noida News