
Greater Noida : UP का ग्रेटर नोएडा शहर ठगों के लिए एक बड़ा अड्डा बन गया है। ग्रेटर नोएडा शहर के नागरिकों का कहना है कि उनका शहर ठगी करने वालों का हैवन (स्वर्ग) बन गया है। ग्रेटर नोएडा में प्रत्येक दिन ठगी की दो-तीन घटनाएं जरूर घटित होती हैं। ग्रेटर नोएडा शहर में घटित हुई ठगी की कुछ ताजा घटनाएं हम आपको यहां पढ़वा रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा में ठगी की ताजा घटना ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के जेवर कस्बे की है। इस घटना में दिल्ली क्राइम ब्रांच का फर्जी DSP बनकर साइबर ठग ने एक व्यक्ति से 64500 हड़प लिए। साइबर ठग ने फोटो वायरल करने की धमकी देकर इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। पीडि़त ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के थाना जेवर में अज्ञात ठग के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
जेवर के मोहल्ला मॉडल पुरिया निवासी ब्रजपाल सिंह नरेंद्र ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि बीते 30 अक्टूबर को उसके पास एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच में डीएसपी बताते हुए कहा कि उसका किसी व्यक्ति ने फोन हैक कर लिया है। उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो सकती हैं। खुद के पुलिसकर्मी होने का यकीन दिलाने के लिए उक्त व्यक्ति ने उसे वीडियो कॉल की जिसमें वह पुलिस के DSP की वर्दी में था।
बृजपाल सिंह के मुताबिक कथित डीएसपी ने फोटो वायरल न करने की एवज में उसे 21500 ट्रांसफर करने को कहा पैसे ट्रांसफर करने के बाद उक्त व्यक्ति का फिर फोन आया और उसने 43000 और अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। पीडि़त के मुताबिक उस पर और पैसे ट्रांसफर करने का दावा बनाया गया और पैसे ना देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। संदेह होने पर उसने हेल्पलाइन नंबर-1076 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के जेवर के थाना प्रभारी ने बताया कि पीडि़त की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच पड़ताल की जा रही है।
ठगी की दूसरी वारदात ग्रेटर नोएडा के ओमेगा-2 सेक्टर की NRI सिटी की है। यहां जिगरी दोस्त के साथ व्यवसाय करने का आइडिया एक व्यक्ति को खासा महंगा पड़ा। जिगरी दोस्त ने धोखाधड़ी करते हुए अपने साथी के लाखों रुपए ठग लिए। पीडि़त ने अपने दोस्त व बिजनेस पार्टनर के खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-142 में मुकदमा दर्ज कराया है।
सेक्टर ओमेगा-2 स्थित एनआरआई सिटी सोसाइटी निवासी अनुव्रत पांडे ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उसने अपने दोस्त अनुज के साथ मिलकर किराने का सामान और होम डिलीवरी करने वाला एक खुदरा स्टोर वर्ष 2020 में सेक्टर 137 स्थित सुपरटेक इको सिटी में शुरू किया था। अनुव्रत पांडे के मुताबिक उसके तथा अनुज के बीच इस व्यवसाय में 30 लाख रुपए निवेश करने का मौखिक समझौता हुआ था। निवेश करने पर मुनाफे को बराबर हिस्सों में बांटने पर भी सहमति बनी थी। उन्होंने वर्ष 2020 में पनेका मार्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई। अनुव्रत पांडे के मुताबिक वह वर्ष 2021 में अमेरिका चला गया इस दौरान उसकी मां तथा अनुज कंपनी के सभी वित्तीय तथा अन्य कार्यों के प्रभारी थे उन्होंने आरोप लगाया कि अनुज खर्च का कोई बयौरा नहीं दे रहा था और ना ही उसने अपने हिस्से के 15 लाख रुपए कंपनी में निवेश किया।
अनुज ने उसकी मां अर्चना पांडे से 10 लाख रुपए अपने खाते में धोखे से ट्रांसफर कर लिए और 7.30 लाख रुपए नगद ले लिए। इसके अलावा अनुज ने उसकी मां से उनका क्रेडिट कार्ड लेकर करीब 900000 रूपये निकाल लिए। उसने जब कंपनी में 15 लाख रुपए निवेश करने को कहा तो अनुज ने उसे टाल दिया। अनुव्रत के मुताबिक वह वर्ष 2021 दिसंबर माह में अमेरिका से भारत लौटा तो पता चला कि कंपनी को भारी नुकसान हो रहा था और कंपनी पर काफी कर्ज चढ़ गया था। छानबीन करने पर पता चला कि अनुज ने उसकी अनुपस्थिति का लाभ उठाते हुए कंपनी के जीएसटी से संबंधित दस्तावेजों में हेर फेर करते हुए वित्तीय अनियमितता कर कंपनी को आर्थिक क्षति पहुंचाई है।
कंपनी के पैसों का उसने व्यक्तिगत उपयोग किया अनुव्रत के मुताबिक कंपनी में हो रहे लगातार घाटे को देखते हुए वर्ष 2022 जून माह में उसे लोकेश कुमार और सचिन कुमार को बेच दिया गया। इसके बाद जब उसने अनुज से 15 लाख रुपए मांगे तो उसने देने से इंकार कर दिया। पीडि़त ने अनुज के खिलाफ धोखाधड़ी में गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा की पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
यहां दिए गए ठगी के मामले तो ग्रेटर नोएडा शहर में होने वाली ठगी की छोटी सी झलक मात्र है। ग्रेटर नोएडा के नागरिकों का कहना है कि इस शहर में प्रत्येक दिन ठगी के दो तीन मामले जरुर सामने आते हैं। नोएडा पुलिस कमिश्नरी DCP रामबदन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि वें ठगों से सावधान रहे। किसी भी व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा ना करें। उन्होंने यह भी कहा कि आनलाइन माध्यमों का प्रयोग बेहद सावधानी से करें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति को किसी भी स्थिति में अपना ओटीपी.. ना दें। अज्ञात व्यक्तियों के साथ बातचीत ना करें। छोटी छोटी सावधानी बरत कर हम ग्रेटर नोएडा को ठगों का बड़ा अड्डा बनने से बचा सकते हैं।