बिजली आपूर्ति में स्मार्ट बनेगा नोएडा शहर, तैयारी शुरू
Noida News
भारत
चेतना मंच
10 Mar 2024 11:30 PM
Noida News : उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी भी कहा जाता है। नोएडा शहर में दुनिया के तमाम आधुनिक शहरों की तरह से ही सारी सुविधाएं मौजूद हैं। अब नोएडा शहर को बिजली की आपूर्ति के मामले में भी स्मार्ट शहर बनाने का काम शुरू हुआ है। नोएडा को बसाते समय बिजली आपूर्ति के लिए जो कमी रह गई थी उसे अब पूरा किया जाएगा।
Noida News
वर्ष-1976 में बसा था नोएडा
आपको बता दें कि नोएडा शहर की स्थापना वर्ष-1976 में हुई थी। 17 अप्रैल 1976 को उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम के तहत नोएडा शहर को बसाने का काम शुरू हुआ था। शुरूआत में नोएडा के बसने की गति बेहद कम थी। वर्ष-1985 आते-आते नोएडा शहर ने एक सुंदर शहर के रूप में आकार ले लिया था। उस समय नोएडा को बसाने वाले नोएडा प्राधिकरण ने बिजली आपूर्ति के लिए नोएडा शहर में बिजली की भूमिगत तार नहीं बिछाई थी। नोएडा में आज भी बिजली के खम्बों पर लटकी हुई तारों के द्वारा ही बिजली आपूर्ति की जाती है। अब नोएडा प्राधिकरण ने बिजली आपूर्ति का स्मार्ट तरीका अपनाने का फैसला किया है।
क्या है नई योजना ?
एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि नोएडा के सेक्टर-47, 15ए और 3 में 200 करोड़ की लागत से बिजली के ओवर हेड तारों को भूमिगत किया जाएगा। विद्युत निगम की मांग पर नोएडा प्राधिकरण यह कदम उठाने जा रहा है। इस कार्य से नोएडा के उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराइ जा सकेगी।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बारिश एवं तूफान की हालत में भी सुचारु विद्युत आपूर्ति उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा सकेगी। साथ ही पेड़ों की छंटाई भी कराने की जरूरत महसूस नहीं होगी। इसके अलावा अन्य सेक्टरों के मुख्य मार्गों के बिजली के तारों को भूमिगत कराने की आवश्यकता है।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि कुछ वर्ष पहले तक एक लाख एलईडी लाइटें लगाई जा चुकी हैं। इसके अलावा पिछले एक वर्ष में 7500 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। जिनमें पुलिस विभाग की ओर से चिह्नित किए गए स्थानों एवं नोएडा प्राधिकरण द्वारा अंधेरे वाले स्थलों को चिह्नित कर करीब 220 स्थानों पर 5361 स्ट्रीट लाइटें व हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं। इसके अलावा 121 स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम प्रस्तावित है। वहीं, कुछ स्थानों पर घने पेड़ होने की वजह से रोशनी नहीं मिल पा रही है।