
Noida News : चर्चित यू-टयूबर एल्विश यादव के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब नई खबर यह है कि एक "बड़ी ताकत" के डर से नोएडा पुलिस डरी हुई है। इसी डर के कारण यूपी..... की सबसे बेहतरीन समझी जाने वाली नोएडा पुलिस एल्विश यादव को हाथ तक नहीं लगा रही है। तमाम तथ्य चीख-चीख कर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि एल्विश यादव सांपों की तस्करी, रेव पार्टी व सांपों के जहर के नशे का घटिया व्यापार करने वाले गिरोह का सरगना नहीं भी है तो उस गिरोह का हिस्सा जरूर है।
यू-टयूबर से रातोंरात धनपति बने एल्विश यादव के विरूद्ध नोएडा में FIR दर्ज हुए एक सप्ताह से भी अधिक का समय हो चुका है। इस बीच एल्विश यादव के तमाम सबूत सार्वजनिक हो चुके हैं। इस सबके बावजूद नोएडा पुलिस एल्विश यादव के साथ VVIP से बर्ताव कर रही है। एल्विश यादव अपनी मर्जी से नोएडा पुलिस के पास आता है। अपनी मर्जी से ही वापस चला जाता है। गंभीर अपराधिक धाराओं का आरोपी एल्विश यादव पुलिस से जरा भी नहीं डरता है बल्कि नोएडा पुलिस के अफसरों की आंखों में आंख डालकर बात करते हुए यह भी कह देता है कि "तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते" चेतना मंच ने नोएडा पुलिस से डर का कारण जानने का प्रयास किया है।
पता चला है कि एल्विश यादव को सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी के एक दो नहीं बल्कि पूरे आधा दर्जन नेताओं का आशीर्वाद प्राप्त है। इन नेताओं ने नोएडा पुलिस के अफसरों को साफ हिदायत दे रखी है कि एल्विश यादव के साथ VVIP की तरह से बर्ताव किया जाए। यही कारण है कि संगीन अपराधिक धाराओं का आरोपी एल्विश यादव केवल आजाद घूम रहा है। बल्कि बाकायदा अभी भी अपना "धंधा" चला रहा है।
कानून के जानकारों का कहना है कि नोएडा के सेक्टर-49 थाने में एल्विश यादव के विरूद्ध दर्ज FIR एक संगीन मामला है। कानूनदा साफ मान रहे हैं कि यदि नोएडा पुलिस इस FIR पर एल्विश यादव को क्लीन चिट दे रही है तो फिर तो जेल में बंद एल्विश के साथी राहुल समेत पांचों आरोपी भी दोषी नहीं मानने चाहिए। सवाल यह उठता है कि एल्विश यादव को "बड़ी ताकत" का आशीर्वाद प्राप्त है तो वह गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। जिन सपेरों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है उनकी कोई सिफारिश नहीं है तो वें जेल में सड़ेंगे ? कानून के जानकार यह सवाल पूछकर साफ कहते हैं कि यह तो बेहद गलत परंपरा है।