
Noida News (गौतमबुद्धनगर) पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने महिलाओं के प्रति अपराध को जीरो टोलरेंस करार दिया है। नोएडा की पुलिस कमिश्नर का साफ मत है कि महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराध सबसे घृणित की श्रेणी में आते हैं। नोएडा पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र (गौतमबुद्धनगर जिले) में अब महिलाओं का दु:ख-दर्द सुनने के लिए महिला पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
अपराध तथा अपराधियों के विरूद्ध नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह लगातार खास अभियान चला रही हैं। इसी अभियान को नोएडा पुलिस ने और अधिक तेज किया है। नोएडा कमिश्नरी के क्षेत्र में दो नए पुलिस पिंक बूथ शुरू कर दिए गए हैं। चार पिंक बूथ पहले से ही कार्यरत हैं। इस प्रकार नोएडा कमिश्नरी के क्षेत्र में अब 6 पिंक बूथ हो गए हैं।
आपको बता दें कि इन दिनों उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर खास अभियान चलाया जा रहा है। इस खास अभियान का नाम "मिशन शक्ति-4.0" रखा गया है। इसी मिशन शक्ति-4.0 के तहत पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने विशेष पहल की है। इस पहल के तहत नोएडा व ग्रेटर नोएडा में अलग-अलग स्थानों पर पुलिस के खास बूथ स्थापित किए जा रहे हैं। इन खास बूथों को पिंक बूथ का नाम दिया गया है। पिंक बूथ केवल महिलाओं के लिए बनाए गए हैं। पिंक बूथ में विशेष रूप से ट्रेंड महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।
कोई भी महिला अपनी किसी भी प्रकार की शिकायत पिंक बूथ में दर्ज करा सकती है। महिलाओं के लिए महिला पुलिसकर्मी को आपबीती सुनाना बेहद आसान होता है। उन्हें पूरी घटना का विवरण महिला के सामने बताने में कोई परेशानी नहीं होती है। नोएडा के गेझा तथा बरौला गांव में मंगलवार को दो नए पिंक बूथ शुरू किए गए हैं। इससे पूर्व गौतमबुद्धनगर जिले में चार पिंक बूथ बनाए जा चुके हैं। इस प्रकार नोएडा की पुलिस कमिश्नरी के क्षेत्र में अब आधा दर्जन पिंक बूथ हो गए हैं।
आपको बता दें कि नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों को सबसे घृणित अपराध मानती हैं। इसी के चलते उनके निर्देशन में नोएडा की पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क कार्य कर रही है। नोएडा की पुलिस कमिश्नर खुद औचक निरीक्षण करके महिला हेल्प डेस्क के काम-काज को चेक करती हैं। साथ ही उन्होंने नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में तैनात सभी पुलिस अफसरों को निर्देश जारी किए हैं कि महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराधों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा उस पर त्वरित कार्यवाही की जाए।