
Noida News : नोएडा में पानी की किल्लते झेल रहे नागरिकों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। गंगा नदी की सफाई होने के बाद अब नोएडावासियों को कई गुना गंगा जल मुहैया कराया जाएगा। गुरुवार को संपन्न हुई नोएडा प्राधिकरण की 212वीं बोर्ड बैठक में 80 क्यूसेक गंगाजल परियोजना को रफ्तार दिए जाने के लिए हरी झंडी दे दी गई है। 80 क्यूसेक गंगाजल परियोजना की क्षतिग्रस्त लाइन की जांच के लिए गठित की गई समिति ने अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण में प्रस्तुत की।
इसके तहत पूर्व में डाली गई 500 एमएम, 800 एमएम और 900 एमएम व्यास की जीआरपी पाइप लाइन में जल प्रवाह के जरिए टेस्टिंग का काम किया गया। ऐसे में पाइन लाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त मिली। इसकी मरम्मत के लिए 4.95 करोड़ किए जाएंगे। इन पाइपों की मरम्मत के बाद ही 35 किमी. से अधिक की लाइन को क्रियाशील किया जा सकेगा। इससे नोएडा की 75 प्रतिशत आबादी को उच्च गुणवत्ता का पानी मिल सकेगा। इसेक अलावा 700 एमएम की 20 किमी. पूर्व में डाली गई पाइप लाइन का परीक्षण भी जल्द किया जाएगा।
2019 से किसान मांग कर रहे थे कि उनको 10 प्रतिशत आबादी का भूखंड या इसके समतुल्य मुआवजा की धनराशि दी जाए। इसी को लेकर लगातार किसान धरना प्रदर्शन कर रहे थे। प्राधिकरण की 212वी बोर्ड बैठक में उनकी मांग को अनुमोदित करते हुए प्राधिकरण ने शासन को भेज दिया है। शासन स्तर पर तय किया जाएगा कि किसानों की ये मांग जाएज है या नहीं।
अवस्थापना एंव औद्योगिक विकास आयुक्त व नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्राधिकरण की 212वीं बोर्ड बैठक हुई। जिसमें अनिल कुमार सागर प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास ऑनलाइन जुड़े। इसके अलावा नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम., यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के सीईओ अरुण वीर सिंह, के अलावा एसीईओ मौजूद रहे। बोर्ड में किसान, औद्योगिक निवेश को बढ़ाने से संबंधित निर्णय लिए गए।