
Noida News : नोएडा में रहने वाले नागरिकों के लिए एक काम की बड़ी खबर सामने आ रही है। खबर यह है कि नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा की सड़कों का नेटवर्क दुबई, सिंगापुर और फ्रांस की तर्ज पर तैयार करने का प्लान तैयार किया है। विदेशों की सड़कों के नेटवर्क की तर्ज पर नोएडा की सड़कों का विकास करने के लिए प्राधिकरण ने रीजनल कांग्रेसिव मोबिलिटी प्लान लिए RFP (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी कर दी है।
आपको बता दें कि दुबई, फ्रांस और सिंगापुर आदि देशों की तर्ज पर सड़कों का नेटवर्क प्लान तैयार करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने विदेश में काम करने वाली कई कंपनियों से सलाह मशविरा किया और सुझाव प्राप्त किए। अब नए सिरे से आरएफपी तैयार की जा रही है। इस बार आरएफपी के तहत जिस सलाहकार कंपनी का चयन किया जाएगा। वह नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर में विकसित होने वाले डीएनजीआईआर (दादरी नोएडा गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र) समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यातायात को बेहतर बनाएगा।
मोबिलिटी प्लान तैयार करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने अक्टूबर में आरएफपी जारी की थी। कंपनियों से 14 अक्टूबर तक आवेदन मांगे गए थे। इस दौरान दो कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया। कंपनियों की ओर से प्राधिकरण अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिस पर प्राधिकरण के सीईओ असहमत नजर आए, क्योंकि इस रीजनल प्लान का मकसद पश्चिमी यूपी में इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देना है। रीजनल प्लान तैयार करने के प्रस्ताव पर 13 अगस्त को बोर्ड बैठक में मुहर लग गई थी। जिले के तीनों प्राधिकरण अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी गई है, जिसका अध्यक्ष नोएडा प्राधिकरण सीईओ को बनाया गया है। तमिलनाडू द्वारा तैयार किए गए एप्लान को भी आरएफपी में शामिल करने की बात कही गई है।
रीजनल मोबिलिटी प्लान के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना क्षेत्र को कनेक्टिविटी दिल्ली से बेहतर हो, इस पर फोकस किया आएगा। इसी के आधार पर ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन मोबिलिटी प्लान तैयार किया जाएगा। जिससे इन क्षेत्रों में आने जाने वाले को यातायात की कोई समस्या न हो।
चयनित सलाहकार कंपनी इन क्षेत्रीय प्लान का अध्ययन करेगी और उसमें दिए गाए बेहतर पनान या सुझाव को अपनी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में शामिल करेगी। कंपनी को अधिकतम डेढ़ साल का समय दिया जाएगा, लेकिन प्राथमिक प्लान उसे तीन माह में ही देना होंगा। यह एक प्रकार का थिंक टैंक होगा, जिसमें छह स्थानों के अधिकारी और सलाहकार कंपनी सिर्फ इस बात पर अध्ययन करेंगे।