नोएडा को दिया जाएगा नगर निगम का दर्जा! किसके अधिकारों में होगी कमी
भारत
चेतना मंच
14 Aug 2025 02:53 PM
Noida News : अगर नोएडा को नगर निगम का दर्जा दिया जाता है तो प्रशासनिक और विकास संबंधी ढांचे में बड़ा बदलाव होगा। अभी तक अधिकांश अधिकार, जैसे मास्टर प्लान लागू करना, भू-उपयोग और प्लॉट आवंटन, बिल्डिंग अनुमतियां, ट्रैफिक इंजीनियरिंग, विकास शुल्क वसूलना आदि अथॉरिटी के पास हैं। नगर निगम बनने के बाद इन अधिकारों का बड़ा हिस्सा नगर निगम को ट्रांसफर हो जाएगा। यानी अथॉरिटी की शक्ति घट जाएगी और वह मुख्य रूप से औद्योगिक और विकास संबंधी उच्च स्तर के काम तक सीमित रह जाएगी।
कौन-कौन जिम्मेदार होंगे और किसकी पावर बढ़ेगी?
* नोएडा नगर निगम : मेयर और सभासदों का चुनाव होगा। नगर निगम के पास अब शहर के कई स्थानीय प्रशासनिक और शहरी विकास संबंधी काम होंगे।
* जिलाधिकारी : जिलाधिकारी की भूमिका भी सशक्त होगी। अब वे नगर निगम के कामकाज में सीधे तौर पर शामिल होंगे और प्रशासनिक पावर में इजाफा होगा।
किसकी पावर घटेगी?
* न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी :नोएडा: अभी तक अधिकांश अधिकार, जैसे मास्टर प्लान लागू करना, भू-उपयोग और प्लॉट आवंटन, बिल्डिंग अनुमतियां, ट्रैफिक इंजीनियरिंग, विकास शुल्क वसूलना आदि अथॉरिटी के पास हैं। नगर निगम बनने के बाद इन अधिकारों का बड़ा हिस्सा नगर निगम को ट्रांसफर हो जाएगा। यानी अथॉरिटी की शक्ति घट जाएगी और वह मुख्य रूप से औद्योगिक और विकास संबंधी उच्च स्तर के काम तक सीमित रह जाएगी।
बदलाव का मतलब
नगर निगम बनने पर स्थानीय प्रशासन अधिक लोकतांत्रिक और पारदर्शी होगा, क्योंकि मेयर और सभासद जनता द्वारा चुने जाएंगे। जिलाधिकारी और नगर निगम दोनों ही पावरफुल होंगे, जबकि प्राधिकरण अब केवल औद्योगिक और बुनियादी विकास कार्यों तक सीमित रहेगा। नागरिकों और स्थानीय व्यवसायों को शहरी सेवाओं, ड्रेनेज, पार्क, सड़कें, पेयजल आदि पर सीधे प्रभाव और सुविधा मिलेगी। नगर निगम बनने के बाद नोएडा में जिलाधिकारी और मेयर-पॉलिटिकल नेतृत्व की पावर बढ़ेगी, जबकि प्राधिकरण के अधिकार घटेंगे। Noida News