नोएडा बनेगा जीरो डिस्चार्ज सिटी, भू जलस्तर रोकने की कवायद
Noida News
भारत
चेतना मंच
27 Nov 2025 04:31 AM
Noida News : लगातार गिर रहे भू-गर्भ जलस्तर को रोकने के लिए नोएडा को जीरो डिस्चार्ज सिटी बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन से पानी निकालने पर रोक लगाई जाएगी। पानी की जरूरत गंगाजल और रेनीवेल के साथ एसटीपी से पूरी होगी। नोएडा प्राधिकरण ने काम शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि शहर में हर साल 2.5 से 3 फीट भू-गर्भ जलस्तर गिर रहा है। यह गिरावट सबसे ज्यादा छिजारसी से मोरना और सेक्टर-16 के बीच है। इस क्षेत्र में पुराने सेक्टर और गांव हैं। सबसे कम गिरावट सेक्टर-148 से ग्रेटर नोएडा बॉर्डर के बीच हो रही है। ये आंकड़े प्राधिकरण के सर्वे में सामने आए हैं, जिसे भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई, केंद्र की वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विस (वाप्कोस) से कराया गया था।
पहले से हो रहे ये प्रयास
आठ एसटीपी से निकलने वाले 190 एमएलडी शोधित जल के इस्तेमाल पर प्राधिकरण जोर दे रहा है। निर्माण स्थल, कार वॉशिंग सेंटर, पाकों की सिंचाई व अन्य जगहों पर इसका इस्तेमाल हो रहा है। यमुना की तलहटी में लगे रेनीवेल प्राधिकरण चालू करवा रहा है। दावा है कि 11 में से नौ रेनीवेल चालू हैं। छह साल बाद गंगाजल की दूसरी लाइन का काम पूरा हो गया है। यह परियोजना 50 क्यूसेक की है।
300 वर्ग मीटर से बड़े सभी प्लॉट में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य है। इसका निरीक्षण कर जांच के निर्देश प्राधिकरण के सीईओ ने दिए हैं।
रोज 415 एमएलडी पानी की खपत
प्राधिकरण के आंकड़े बताते हैं कि अभी 155 सेक्टरों और 47 गांवों में करीब 415 एमएलडी पानी की जरूरत है। गंगाजल 240 एमएलडी, 120 एमएलडी रेनीवेल और बाकी पानी ट्यूबवेल से सप्लाई हो रहा है। गंगाजल का अभी पूरा नेटवर्क तैयार नहीं है। ऐसे में करीब 90 एमएलडी से ज्यादा ट्यूबवेल से निकलने वाले पानी पर निर्भरता है।
यहां हो रही पानी की बबार्दी
डॉ. लोकेश एम, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में बोरवेल लगाकर भू-जल का इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर के अंदर बसे गांवों में कई जगहों पर बोरवेल लगाकर आरओ प्लांट चलाए जा रहे हैं। वाहन धुलाई के सेंटर पर भी भू-गर्भ जल का दोहन हो रहा है। जल संचयन के साथ जल दोहन शून्य किया जाना जरूरी है। इस दिशा में प्राधिकरण ने योजना तैयार की है और काम भी शुरू कर दिया है। तैयारी है कि नोएडा को जीरो डिस्चार्ण सिटी बनाया जाए। Noida News