
Noida News : बहुत पहले ''सिंघम'' के नाम से एक हिन्दी फिल्म आई थी। उस फिल्म का हीरो ''सिंघम'' एक आदर्श पुलिस असफर था। धीरे धीरे अच्छे पुलिस अफसरों को सिंघम के नाम की उपमा दी जाने लगी। इसी प्रकार अपराध तथा अपराधियों का खात्मा करने वाली महिला पुलिस अफसरों को ''लेडी सिंघम'' कहा जाने लगा। आज हम आपको एक ऐसी ही ''लेडी सिंघम'' के नाम से प्रसिद्ध महिला IPS अधिकारी के विषय में बताएंगे। यह IPS अधिकारी उत्तर प्रदेश कैडर की IPS अधिकारी है। पिछले मात्र एक साल में इस लेडी अफसर ने अनेक रिकार्ड बनाएं हैं।
वैसे तो इस महिला IPS अधिकार नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस महिला अफसर के प्रशंसक इन्हें ''लेडी सिंघम'' कहना खूब पसंद करते हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस कमिश्नरी (गौतमबुद्धनगर) की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह। नोएडा की दूसरी पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने एक दिसंबर 2022 को नोएडा में पुलिस कमिश्नर का पद संभाला था। मात्र इस एक वर्ष में इस महिला आईपीएस अधिकारी ने UP की औद्योगिक नगरी नोएडा को संगठित अपराध व अपराधियों से मुक्त करके ऐतिहासिक काम किया है। यही कारण है कि श्रीमती लक्ष्मी सिंह के लाखों फैन्स (प्रशसंक) हैं। उनके ज्यादातर फैन्स लक्ष्मी सिंह को "लेडी सिंघम" के नाम से ही पुकारते हैं।
UP के CM योगी आदित्यनाथ के लिए नोएडा तथा इसके आसपास की कानून व्यवस्था हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। अक्टूबर व नवंबर 2022 में नोएडा क्षेत्र की कानून व्यवस्था को लेकर अनेक सवाल उठने लगे थे। नोएडा का चर्चित माफिया श्रीकांत त्यागी प्रकरण रहा हो अथवा स्क्रैप माफिया का बढ़ता हुआ साम्राज्य, नोएडा पुलिस की खूब बदनामी हो रही थी। उसी समय CM योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सबसे तेज तर्रार महिला IPS अधिकारी लक्ष्मी सिंह को नोएडा का पुलिस कमिश्नर का पद सौंप दिया। 1 1 दिसंबर 2022 को नोएडा पुलिस कमिश्नर का पदभार ग्रहण करने से लेकर आज तक श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
वर्ष 2022 में खराब हो चुकी नोएडा पुलिस की छवि आज पूरे उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत में शानदार छवि बनकर उभरी है। नागरिकों का स्पष्ट मत है कि नोएडा में पहले की तरह संगठित अपराध होने बंद हो गए हैं। इस एक वर्ष में श्रीमती लक्ष्मी सिंह माफियाओं के ऊपर दुर्गा बनकर टूटी है। बड़े से बड़े माफिया को जेल भेजा गया। गैंगस्टर एक्ट लगाया गया तथा माफियाओं की प्रॉपर्टी कुर्क करके नीलाम की गई।
नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हजारों करोड़ के ड्रग्स के अवैध कारोबार को ध्वस्त करना हो अथवा माफियागिरी पर अंकुश लगाना हो लक्ष्मी सिंह प्रत्येक मामले में बेहद सफल आईपीएस अफसर साबित हुई हैं। नोएडा शहर से ही संचालित होने वाले नवभारत टाइम्स के पोर्टल ''एनबीटी आनलाइन'' ने नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के अनेक नागरिकों से बातचीत के आधार पर दावा किया है कि पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह का नोएडा का एक वर्ष का कार्यकाल बेहद सफल रहा है। नोएडा के नागरिकों ने उनकी दिल खोलकर तारीफ की है।
आपको बता दें कि श्रीमती लक्ष्मी सिंह वर्ष 2000 बैच की आईपीएस अफसर हैं। यूपी कैडर की आईपीएस अधिकारी श्रीमती लक्ष्मी सिंह को आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान ही सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी अफसर का खिताब मिल चुका है। श्रीमती लक्ष्मी सिंह के पति राजेश्वर सिंह इन दिनों उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सरोजनी नगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं।
नोएडा की पुलिस कमिश्नर बनने से पहले श्रीमती लक्ष्मी सिंह लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के अनेक जनपदों की एसएसपी रह चुकी हैं। अपनी हर तैनाती में श्रीमती लक्ष्मी सिंह अपराध तथा अपराधियों पर कहर बनकर टूटती रही हैं। इसी कारण लक्ष्मी सिंह को उनके प्रशसंक ''लेडी सिंघम'' कहकर पुकारते हैं।