बदलेगा नोएडा का जमीनी गणित, मिक्स लैंड यूज पर लगेगा अब 50% शुल्क
Noida News
भारत
चेतना मंच
28 May 2025 05:46 PM
Noida News : नोएडा प्राधिकरण अब मिक्स लैंड यूज पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। इस पॉलिसी के तहत अब तक आवासीय और औद्योगिक प्लॉट पर वाणिज्यिक गतिविधियों की मंजूरी लेने के लिए सेक्टर की आवंटन दरों (आवासीय/औद्योगिक और वाणिज्यिक के बीच) के अंतर का 10 प्रतिशत शुल्क देना होता था। लेकिन अब यह शुल्क बढ़ाकर लगभग 50 प्रतिशत करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यानी अब वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए पांच गुना ज्यादा रकम चुकानी पड़ सकती है।
क्यों किया जा रहा है ये बदलाव?
इस पॉलिसी को सबसे पहले नवंबर 2013 में लागू किया गया था जिसका उद्देश्य मेट्रो विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना था। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में मुख्य सड़कों पर ऑटो शोरूम और आवासीय इलाकों में गेस्ट हाउस जैसी वाणिज्यिक गतिविधियों को अनुमति दी गई थी। शुरू में इसके लिए 50% शुल्क तय था, जिसे बाद में 2014 में घटाकर 25% और 2015 में 10% कर दिया गया था।
वाणिज्यिक दरों में कोई खास बदलाव नहीं
प्राधिकरण का कहना है कि जब यह दरें कम की गई थीं, तब वाणिज्यिक प्लॉट की कीमतें काफी ज्यादा थीं और आवासीय/औद्योगिक प्लॉट सस्ते थे। लेकिन पिछले कुछ सालों में आवासीय और औद्योगिक प्लॉट की दरें तेजी से बढ़ी हैं, जबकि वाणिज्यिक दरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। ऐसे में अब 10% शुल्क पर्याप्त नहीं रह गया है और प्राधिकरण को राजस्व में नुकसान हो रहा है।
क्या है जमीनी हकीकत?
फिलहाल की व्यवस्था के अनुसार, शुल्क जमा करने के बाद केवल 25% एफएआर (Floor Area Ratio) का उपयोग वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए करने की अनुमति होती है। लेकिन देखा गया है कि बहुत से लोग पूरे प्लॉट को ही वाणिज्यिक गतिविधियों में इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ एक चौथाई हिस्से की मंजूरी मिली होती है। इससे प्राधिकरण को न सिर्फ राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि बिजली, पानी, सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
और क्या बदलेगा?
इस प्रस्ताव के साथ ही मंजूरी प्रक्रिया, नियमों और मानकों में भी बदलाव किए जाएंगे। साथ ही, अब ये नियम लागू करने से पहले प्रस्ताव को प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। इसके अलावा यह शर्त भी बनी रहेगी कि केवल 24 मीटर या उससे चौड़ी सड़क वाले प्लॉट पर ही मिक्स लैंड यूज की मंजूरी दी जाएगी, ताकि ट्रैफिक और आधारभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त भार न पड़े। Noida News