
Noida News : कमजोर व आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को नि:शुल्क रिक्शा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की सिस्टर सैलीन द्वारा चलाई जा रही मुहिम को 18 वर्ष हो गए हैं। 18 वर्ष पूरे होने पर नोएडा के सेक्टर 17 स्थित भेल कॉलोनी के एसीसी कान्वेंट स्कूल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित रिक्शा चालकों के साथ सहभोज कर उन्हें उपहार वितरित किए गए।
इस मौके पर उपस्थित फादर मार्टिन ने सिस्टर सैलीन के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी को सिस्टर सैलीन से प्रेरणा लेनी चाहिए। जिन्होंने जाति धर्म का भेदभाव किए बगैर जरूरतमंदों की मदद कर मिसाल पेश की है। वयोवृद्ध होने के बावजूद वह आज भी रिक्शा चालकों तथा उनके परिवारों के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।
फादर मार्टिन ने कहा कि हम सभी को जाति धर्म से ऊपर हटकर केवल इंसानियत के धर्म को अपनाना चाहिए। जिस इंसान में इंसानियत समाप्त हो चुकी है वह मृत व्यक्ति के समान है। सभी को एक दूसरे की हर संभव मदद के लिए तैयार रहना चाहिए, जिससे जरूरतमंदों को समय पर मदद मिल सके।
इस मौके पर एसीसी कान्वेंट स्कूल की पूर्व प्रधानाचार्य एवं समाज सेविका सिस्टर सैलीन ने सभी रिक्शा चालकों का आह्वान किया कि वह तमाम बुराइयों को त्याग कर अपने परिवार का ख्याल रखें। ईमानदारी से कार्य करते हुए वह अपने परिवार का भरण पोषण कर बच्चों को शिक्षित बनाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है, इसलिए जरूरत पड़ने पर किसी भी जरुरतमंद की मदद से पीछे नहीं हटना चाहिए। सिस्टर सैलीन ने उपस्थित रिक्शा चालकों को आश्वासन दिया कि वह अपनी आखिरी सांस तक उनके उत्थान के लिए काम करती रहेंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित करीब 400 रिक्शा चालकों को सिस्टर सैलीन द्वारा बेडशीट भेंट की गई तथा उन्हें प्रेम पूर्वक भोजन कराया। इस अवसर स्कूली छात्र छात्राओं ने प्रेरणादायक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। फादर रिलेश, स्बस्टियन जोशन, वर्गीस, सैलविन, सनल, सिस्टर अरुण, जीशा, थेरिस,ग्लेडी, मेरी, बेट्टी टेरेसा सहित एसीसी कान्वेंट स्कूल की अध्यापिकाएं इस अवसर पर मौजूद रही।
आपको बता दें कि सिस्टर सैलीन पिछले 18 वर्षों से आर्थिक रूप से पिछड़े रिक्शा चालकों के उत्थान के लिए कार्य कर रही हैं। एक गरीब व्यक्ति को देखकर उन्होंने 2 अक्टूबर वर्ष 2005 में उसे नि:शुल्क रिक्शा जीवन यापन के लिए मुहैया कराया था। इसके बाद रिक्शा चालकों के उत्थान के लिए शुरू की गई उनकी यह मुहिम आगे बढ़ती चली गई। अब तक वह 478 जरूरतमंदों को नि:शुल्क रिक्शा का वितरण कर चुकी हैं।
प्रत्येक वर्षगांठ पर वह रिक्शा चालकों के साथ सहभोज कर उन्हें उपहार भी वितरित करती हैं। रिक्शा चालकों की परेशानियों को लेकर वह समय-समय पर उनकी आवाज उठाने का भी काम करती हैं। नि:स्वार्थ भाव से आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए कार्य कर रही सिस्टर सैलीन को कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। 82 वर्ष की उम्र होने के बावजूद सिस्टर सैलीन का आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का जज्बा कम नहीं हुआ है। Noida News