Noida News : 'नजऱ अब चांद पर रखो, सितारे आपके होंगे'
नोएडा
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 05:12 PM
नोएडा
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 05:12 PM
Noida नोएडा । समरस संस्थान साहित्य सृजन भारत द्वारा फेसबुक पेज पर हास्य कवि बाबा कानपुरी की अध्यक्षता एवं अंजना सिन्हा सखी के कुशल संचालन में आयोजित काव्य संध्या का शुभारंभ अंजना सिन्हा की सरस्वती वंदना 'विनती मतु शारदे सुनलो, आज गई मैं हार' से हुआ। काव्य संध्या के संयोजक मुकेश कुमार व्यास, डा शोभा दीक्षित भावना, गिरधारी लाल खंडेलवाल, डॉ. शोभा त्रिपाठी ने विभिन्न रसों की सुंदर मनमोहक गीत गज़़लें प्रस्तुत की। महात्मा बुद्ध के संदेश से जुड़ी डॉ. शोभा त्रिपाठी की गज़़ल की ये पंक्तियां बहुत पसंद की गई-
क्रोध के मार्ग को पहले अवरुद्ध कर,मन की बगिया की आबो हवा शुद्ध कर।
गीत गज़़ल के सशक्त हस्ताक्षर गिरधारी खंडेलवाल ने भी अपने गीत गज़़लों से शमा बांध दिया। गुरु महिमा पर उन्होंने सुनाया---
गुरु करुणा का सागर है,गुरु ममता की गागर है।
उनकी एक और गज़़ल का यह शेर बहुत पसंद किया गया
नजऱ अब चांद पर रक्खो, सितारे आपके होंगे,नया जब दौर आएगा, ज़माने आपके होंगे।
डॉ. शोभा दीक्षित के घनाक्षरी छंद मनमोहक थे। हनुमान जी पर उन्होंने सुनाया----
'राम के गुलाम का, गुलाम के गुलाम का, गुलाम के गुलाम का गुलाम करदो कपीश।'
कवि मुकेश कुमार व्यास ने गज़़ल पढ़ी--
लोग यूं तो खफा नहीं होते,आपकी भी खता रही होगी।तुम्हारी प्यार की बातें हमें रोने नहीं देती,छुपा लो नींद आंखों में, हमें सोने नहीं देती।
अपने अध्यक्षीय काव्यपाठ में हास्य कवि बाबा कानपुरी ने काव्य संध्या में उपस्थित सभी कवियों की रचनाओं की सराहना की और उन्होंने अपने गीत गज़़लों और छंदो से सभी श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। महात्मा बुद्ध के संदेश पर उनकी गज़़ल का श्रोताओं ने भरपूर तालियों से स्वागत किया---
समझो मित्र हर एक दुश्मन को,अपनों सा व्यवहार करो।जो आ जाए मीत समझ करबस उसका सत्कार करो।
कार्यक्रम के अंत मे संयोजक मुकेश कुमार व्यास ने सभी कवि श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।