
Noida News (चेतना मंच)। नोएडा में अब किसी भी सेक्टर तथा गांव में मोबाइल टॉवर लगाये जा सकते हैं, लेकिन शर्त यह है कि उसे अधिकृत एजेंसी से स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराकर नोएडा प्राधिकरण में उसकी रिपोर्ट जमा करानी होगी। यह नीति ग्रुप हाउसिंग पर लागू नहीं होगी।
नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक विश्वास त्यागी ने बताया कि टॉवर लगाने के लिए आवेदनकर्ता को स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट और नोएडा प्राधिकरण की ओर तय की जाने वाली प्रतिमाह की फीस देनी होगी। इसके बाद वो टॉवर लगा सकता है। गांवों में भी यही नियम लागू किया जाएगा। हालांकि ग्रुप हाउसिंग को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इससे संबंधित एक प्रस्ताव तैयार कर 211 बोर्ड बैठक में लाया गया था। जिस पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
आपको बता दें कि नोएडा में पहले आवासीय सेक्टरों में मोबाइल टावर लगे थे। 2018 में नीति में संशोधन करते हुए प्राधिकरण सभी आवासीय सेक्टरों में टावरों को हटाने के निर्देश दिए।
मालूम हो कि अभी तक नोएडा में आवासीय भवनों तथा भूखंडों पर मोबाइल टॉवर लगाने की नीति नहीं थी। इस नीति के तहत निजि संपत्ति पर मोबाइल टावर लगाने के लिए यदि कोई आवेदन करता है तो उसे किसी भी प्राधिकारी से अनुज्ञा लेने की आवश्यकता नहीं है।
नोएडा प्राधिकरण ने इस अधिसूचना में बदलाव किया है। प्राधिकरण का मत है वो आवासीय भूखंड और भवन पर (निजी संपत्ति) तभी टावर लगाने की अनुमति देगा। जब आवेदनकर्ता प्राधिकरण की ओर से अधिकृत एजेंसी से एक स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराए और उसकी रिपोर्ट प्राधिकरण में सब्मिट करे। इसके बाद वो टावर लगा सकता है। उसे इसके लिए प्राधिकरण में बतौर फीस भी जमा करनी होगी। सबसे बड़ा प्रश्व है कि नोएडा में गांवों को छोड़कर पूरी प्रॉपर्टी लीज पर है। यानी यहां के आंवटी की अपनी कोई प्रॉपर्टी नहीं है।