
Noida News : उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कहे जाने वाले नोएडा शहर में एक बड़ी पहल हुई है। यहां विकसित हुए सबसे औद्योगिक पुराने सेक्टरों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डा. लोकेश एम. ने घोषणा की है कि अगले दो महीने में औद्योगिक सेक्टरों की समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।
नोएडा शहर की स्थापना 47 वर्ष पहले 1976 में हुई थी। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम 1976 (Uttar Pradesh Industrial Development Act 1976) के तहत बसाए गए इस शहर में सेक्टर 1 से लेकर सेक्टर 17 तक के सेक्टर सबसे पुराने औद्योगिक सेक्टर हैं। इन सेक्टरों के बसने के बाद ही नोएडा शहर का संपूर्ण विकास हुआ था। इन सेक्टरों में ढेर सारी समस्याएं पैदा हो गई हैं। अब इन समस्याओं के समाधान की तैयारियां शुरू की गई हैं।
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डा. लोकेश एम. की पहल पर कल एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, इस बैठक में औद्योगिक सेक्टरों की समस्याओं के समाधान के लिए पहली बार नोएडा प्राधिकरण ने पहल की है। शनिवार को सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में आयोजित समाधान दिवस के दौरान खुद प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डॉ. लोकेश एम ने फेज-1 के सेक्टर- एक से 11 तक की समस्याओं को सुना। उन्होंने दो महीने में 80 फीसदी समस्याओं के समाधान का आश्वासन उद्यमियों को दिया। अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई शुरू करने के दिशा-निर्देश दिए।
नोएडा एन्ट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने समस्या उठाते हुए कहा कि प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट नगर बनाया हुआ है, इसके बाद भी औद्योगिक सेक्टरों में सड़कों पर टैंपो-ट्रक आदि माल वाहक वाहन यातायात व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। सीईओ ने एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी को प्राधिकरण के संबंधित वर्क सर्किल के साथ अतिक्रमण और अवैध पार्किंग हटाने के निर्देश दिए। एनईए ने मांग उठाई कि भूखंड के कुछ भाग पर उत्पादन शुरू होने पर ही प्रमाणपत्र जारी किया जाए। पुराने उद्योगों के विस्तार के लिए भूखंड आवंटन में आरक्षण की सुविधा को बहाल करने की मांग भी उठाई गई।
Read Also - Noida News : पूरे NCR में रही हरियाली तीज की बहार, सज धज कर खूब झूला झुली महिलाएंएमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नाहटा ने कहा कि फेज-1 के औद्योगिक सेक्टरों में स्लम एरिया बढ़ने से कानून व्यवस्था बिगड़ रही है। विभिन्न मार्गों पर खुले नालों के कारण हादसों का खतरा बना रहता है और सीवर जाम की समस्या से उद्यमी परेशान हैं। इस संबंध में सीईओ ने पुलिस अधिकारियों को औद्योगिक सेक्टरों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। संबंधित विभागों के अधिकारियों को नाला ढकने और स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। हेंडीक्राफ्ट एंड हेंडलूम एसोसिएशन के अध्यक्ष सीपी शर्मा ने औद्योगिक सेक्टरों में एफएआर बढ़ाने आदि की मांग उठाई। उद्यमियों की मांग पर डीजी सेट के पीएनजी कनेक्शन में लग रहे अत्याधिक समय की समस्या को देखते हुए सीईओ ने प्रभावित उद्योगों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त व नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज सिंह ने निर्देश दिए थे कि नोएडा के पुराने औद्योगिक सेक्टरों पर पूरा ध्यान दिया जाए। एक सप्ताह पूर्व बोर्ड की बैठक की अध्यता करने नोएडा आए मनोज सिंह ने यह निर्देश जारी किए थे। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डा. लोकेश एम. ने उनके निर्देशों को गंभीरता से लिया है।
यहां यह भी बताना जरुरी है कि चेतना मंच इस मुद्दे को बार बार उठाता रहा है। चेतना मंच का मत है कि नोएडा के सबसे पुराने औद्योगिक सेक्टरों में शामिल सेक्टर 1 से सेक्टर 11 तक पर नोएडा शहर का पूरा विकास निर्भर है। इन सेक्टरों की अनेक समस्याओं को चेतना मंच बार बार उठाता रहा है। पहली बार किसी सीईओ ने इस समस्या का समाधान पर ध्यान दिया है। चेतना मंच परिवार सीईओ डा. लोकेश एम की इस पहल का स्वागत करता है। Noida News