
Noida News Live : नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत पूरे गौतमबुद्धनगर जनपद के वाहन चालकों के लिए यह बेहद ही महत्वपूर्ण खबर है। यदि आपके वाहन की 15 साल की उम्र पूरी हो गई है और वह अभी भी सड़कों पर दौड़ा रहे हैं तो इस तरह के तमाम वाहनों को जल्द जल्द बेच दीजिए, कहीं ऐसा ना हो कि आपको खिलाफ बड़ा एक्शन हो जाए। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने उम्र पूरी करने वाले वाहनों को सड़कों से हटाए जाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही संभागीय परिवहन निगम (ARTO) द्वारा इस तरह के वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जाएगा।
आपको बता दे कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत पूरे जिले में करीब डेढ़ लाख वाहन ऐसे हैं, जिनकी NGT द्वारा तय किए गए नियम के अनुसार उम्र पूरी हो चुकी है। NGT के आदेश पर संभागीय परिवहन निगम अब इन वाहनों को सड़कों से हटाने की तैयारी कर रहा है। यानि उम्र पूरी कर चुके ये कार, स्कूटर, बाइक समेत अन्य सभी वाहनों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। ARTO की ओर से ऐसे वाहनों का पंजीकरण भी रद्द कर दिया जाएगा। जिसके बाद यदि इस तरह के वाहनों का संचालन किया जाता है तो वाहन चालक के खिलाफ विधिक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।
आपको बता दें कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत एनसीआर के सभी प्रमुख शहरों में प्रदूषण रोकने के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने नियम बना रखा है। इन नियमों के तहत उम्र पूरी करने वाले वाहनों का संचालन किसी भी कीमत पर नहीं हो सकता। यदि आयु पूरी कर चुके वाहन सड़कों पर चलाए जाते हैं तो संबंधित चालक और मालिक के खिलाफ विधिक कार्यवाही किए जाने का नियम है। संभागीय परिवहन विभाग आयु पूरी कर चुके वाहनों के पंजीकरण निरस्त करने की कार्यवाही शुरू करने जा रहा है। इन वाहनों के स्वामियों को पहले नोटिस भेजा जाएगा और बाद में अगर वे खुद अपने वाहनों का पंजीकरण निरस्त करा लेते हैं या उसे एनसीआर से बाहर ले जाते हैं तो उन्हें मौका दे दिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उन सभी वाहन स्वामियों पर कार्रवाई की जाएगी।
गौतमबुद्धनगर जनपद के संभागीय परिवहन विभाग के अनुसार, बेहतर वायु गुणवत्ता वाले 34 जिले ऐसे हैं, जहां ऐसे वाहनों को उनके संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों से एनओसी जारी करने के बाद स्थानांतरित किया जा सकता है। बता दें गौतमबुद्धनगर जनपद में कुल वाहनों की संख्या 9,34,347 है। इनमें 97,366 वाहन डीजल तथा 7,25,608 वाहन पेट्रोल वाले हैं। आयु पूरी कर चुके पेट्रोल के 1,38,816 वाहन और डीजल के 23,001 वाहन हैं। इन वाहनों पर विभाग अब कार्रवाई करने जा रहा है।