
Noida News : देश और दुनिया को झकझोर कर रख देन वाले निठारी कांड का मुख्य आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर नोएडा में नहीं है। वह जेल से रिहा होते ही नोएडा से बाहर चला गया है। उसे नोएडा से बाहर चले जाने के बाद अनेकों सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को जिस वक्त पंढेर को नोएडा की लुक्सर जेल से बाहर लाया गया तो उसके साथ काफी मात्रा में सुरक्षा के जवान थे। उनके वकील ने उनका हाथ पकड़ रखा था। जेल से बाहर आने पर मीडिया के सामने वह कुछ नहीं बोला और केवल हाथ जोड़कर खड़ा रहा। इसके बाद वह कार में सवार होकर कहां चला गया, किसी को पता नहीं चला। संभावना जताई जा रही थी कि पंढेर जेल से बाहर आने के बाद नोएडा में ही रहेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पता चला है कि निठारी कांड का आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर जिस जेल से बाहर निकलने पर जिस कार में सवार हुआ था, वह कार सीधे चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई।
लुक्सर जेल के जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताते हैं कि मोनिंदर सिंह पंढेर काफी समय से गाजियाबाद की डासना जेल में बंद था। शासन के सिद्ध दोष बंदियों को उनके जिले की जेल में स्थानांतरित करने के आदेश के मद्देनजर पंढेर को 4 जून 2023 को लुक्सर जेल भेज दिया था। इसके बाद से पंढेर लुक्सर जेल में बंद था। इस साल जुलाई को बेटा उससे मिलने आया था। उसके बाद से कोई मिलने नहीं आया। टीबी व शुगर का मरीज होने से पंढेर को जेल अस्पताल के टीबी वॉर्ड में रखा गया था। वह व्हील चेयर से ही परिसर के अंदर आता जाता था।
मोनिंदर सिंह पंढेर ने जेल प्रशासन को बताया था कि उसका बेटा उसकी रिहाई कराने आएगा। शुक्रवार को परिवार का कोई भी सदस्य नहीं आया। सुबह से सिर्फ उनके तीन वकील रिहाई कराने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि पंढेर चंडीगढ़ के अपने पैतृक घर में रहेगा।
दिसंबर 2006 में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से 19 बच्चों समेत एक युवती के कंकाल मिले थे। पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। गाजियाबाद की सीबीआई अदालत में सुरेंद्र कोली को 12 मामलों और मोनिंदर सिंह पंढेर को 2 मामलों में फांसी की सजा सुनाई थी। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इस साल 16 अक्टूबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पंढेर को दो मामलों में बरी कर दिया। उसके नौकर सुरेंद्र कोली को भी 14 मामलों में बरी कर दिया गया है। कोली अभी दो मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहा है।