
Noida News: नोएडा (चेतना मंच)। दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) से पीएचडी कर रही एक छात्रा ने अपने स्टडी रूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पूर्व महिला ने अपनी फ्रेंड से चैट के दौरान जिंदगी से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात कही। महिला पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में थी और उसका इलाज चल रहा था। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर किशोरी व युवक ने भी फांसी लगाकर जान दे दी।
थाना फेस-2 प्रभारी विंध्याचल तिवारी ने बताया कि सेक्टर-110 स्थित लोटस पना सोसाइटी में रहने वाली नीलाक्षी ने कुछ वर्ष पूर्व भरतपुर राजस्थान निवासी आकाश से प्रेम विवाह किया था। पति पत्नी दोनों लोटस पना सोसाइटी में रह रहे थे। निलाक्षी डीयू से पीएचडी कर रही थी जबकि उसके पति ड्राई फ्रूट का व्यवसाय करते हैं। बीती रात्रि नीलाक्षी अपनी फ्रेंड से व्हाट्सएप पर चैट कर रही थी।
चैटिंग के दौरान उसने बताया कि वह जिंदगी से थक चुकी है और काफी परेशान हैं। चैटिंग के दौरान उस ने आत्महत्या किए जाने की बात कही। इस पर उसकी दोस्त ने उसे कई बार फोन किया लेकिन उसने फोन पिक नहीं किया। किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर नीलाक्षी की फ्रेंड दिल्ली से नोएडा पहुंची। निलाक्षी की दोस्त ने घर पहुंच कर आकाश को चैट के बारे में बताया जिस पर वह लोग नीलाक्षी के स्टडी रूम में पहुंचे तो वह फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि निलाक्षी पिछले काफी समय से डिप्रेशन में थी और उसकी दवाइयां चल रही थी। वह मूल रूप से गुवाहाटी असम की रहने वाली थी। उसके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।
इसी थाना क्षेत्र के गेझा गांव में हैप्पी अवाना के मकान में रहने वाले लबलू शेखू की 15 वर्षीय पुत्री लवली खातून ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि लवली खातून पिछले कुछ दिनों से गुमसुम रह रही थी। वहीं थाना सेक्टर-126 क्षेत्र के ग्राम शाहपुर में किराए पर रहने वाले (25 वर्षीय) सुरेश आर्य पुत्र भूपेंद्र आर्य ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुरेश आर्य मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला था और नोएडा के जेपी अस्पताल की कैंटीन में कार्यरत था। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है और परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। Noida News