
Noida News : नोएडा (22 अगस्त 2023 विशेष संवाददाता)। बिजली का काम करने वाले जिस ठेकेदार (Contractor) के कारण एक मजदूर की मौत हो गयी और 6 मजदूर घायल हो गए उस हत्यारे ठेकेदार को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। आरोप लग रहा है कि ठेकेदार को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। इस कारण गिरफ्तारी तो दूर पुलिस ठेकेदार को टच तक नहीं कर पा रही है। इसी मामले में एक पेटी ठेकेदार और उसके सुपरवाइजर को जरूर पुलिस ने दबोचा है। आरोप है कि पुलिस के कुछ अधिकारी भी आरोपी ठेकेदार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर-24 में स्थित ईएसआई अस्पताल (ESI Hospital) के पास स्ट्रीट लाइट के खम्भे लगाने का काम चल रहा है। स्ट्रीट लाइट लगाने का यह काम नोएडा प्राधिकरण के विद्युत विभाग द्वारा जारी ठेके पर किया जा रहा है। रविवार को ठेकेदार की लापरवाही से स्ट्रीट लाइट (Street lights) का काम कर रहे 7 मजदूर 11 हजार किलोवाट की बिजली की लाइन की चपेट में आ गए थे। इस हादसे में मूल रूप से बिहार के रहने वाले दिलकश नामक एक मजदूर की मौत भी हो गई थी। साथ ही आदिल, मूसा, अब्दुल, अफरोज, नसीर तथा मुस्ताक झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह मामला मीडिया में प्रमुखता से उठाया गया। मीडिया में उठने के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की किन्तु घटना के 3 दिन बाद भी पुलिस आरोपी ठेकेदार को टच तक नहीं कर पाई है।
नोएडा के सेक्टर-24 व उसके आसपास स्ट्रीट लाइट (Street lights) लगाने का काम सविता इलेक्ट्रिकल नामक कंपनी (Savita Electrical Construction Company) कर रही है। इस कंपनी के मालिक का नाम संजय गोयल बताया जा रहा है। संजय गोयल के विरूद्ध पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर रखा है। फिर भी तीन दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक संजय गोयल को गिरफ्तार करना तो दूर उसको टच तक नहीं कर पायी है। जानकार सूत्रों का दावा है कि संजय गोयल को सत्तारूढ पार्टी के एक बड़े नेता का आशीर्वाद प्राप्त है। इस कारण पुलिस उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं कर पा रही है। यह भी आरोप है कि पुलिस के कुछ अधिकारी भी मजदूर की मौत के लिए जिम्मेदार ठेकेदार संजय गोयल की मदद कर रहे हैं।
इस बीच नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डा. लोकेश एम ने इस मामले में प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक विपिन कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। साथ ही विभाग के महाप्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में सविता इलेक्ट्रिकल कंस्ट्रक्शन कंपनी (Savita Electrical Construction Company) के पेटी ठेकेदार फिरोज अंसारी व उसके सुपरवाइजर सहबान को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि संजय गोयल ने अपनी कंपनी के नाम ठेका लेकर फिरोज अंसारी को काम करने के लिए ठेका दे दिया था। नोएडा प्राधिकरण में इस मामले को लेकर अनेक प्रकार की चर्चाएं हो रही हैं। प्राधिकरण के सूत्रों का दावा है कि बड़ी संख्या में ठेकेदार अपनी कंपनियों के नाम पर ठेके लेकर दूसरे ठेकेदारों से काम कराते हैं। यह पूरी प्रक्रिया गैर कानूनी है।