Noida News : बकाया जमा न करने पर बिल्डर्स की संपत्ति होगी जब्त
Noida News: State's first structural audit policy implemented
भारत
चेतना मंच
22 Nov 2022 04:31 PM
Noida News : नोएडा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण दो दिन में 75 बिल्डर परियोजनाओं को बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी कर रहा है। इन बिल्डरों पर 9 हजार करोड़ रुपए बकाया है। वैसे कुल बकाया 12 हजार करोड़ रुपए का है। इसमें 3 हजार करोड़ रुपए एनसीएलटी में चल रहे मामलों के है। इस वसूली के लिए नए विकल्प देखे जाएंगे। नोटिस के तहत बिल्डर को 15 दिन का समय दिया जा रहा है। 15 दिन में बकाया जमा नहीं होने पर आरसी जारी की जाएगी। जिला प्रशासन फिर भूलेख प्रक्रिया के तहत बिल्डर से वसूली करेगा। इसके लिए बिल्डर की प्रापर्टी को अटैच किया जाएगा। इसके बाद मुनादी और फिर निलामी के जरिए वसूली की जाएगी।
प्राधिकरण वसूली के लिए उन प्रापर्टी का आवंटन निरस्त कर सकता है जिन पर कुछ नहीं बना। इसके लिए टीमों की ओर से सर्वे कर एक सूची तैयार की जा रही है। इस वसूली में आम्रपाली और यूनिटेक के मामलों को नहीं जोड़ा गया है। क्योंकि उनके से अदालतों में मामले चल रहे है।
करीब 12 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश को निष्प्रभावी करते हुए नोएडा प्राधिकरण की ब्याज दर के हिसाब से बिल्डरों को बकाये का भुगतान करने का आदेश दिया था। इसके बाद प्राधिकरण ने बकाया धनराशि का आंकलन शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण ने बकाए की गणना 11.5 प्रतिशत साधारण ब्याज और तीन प्रतिशत दंड ब्याज के साथ करवाई है। यह दरें 30 जून 2020 तक लगाई गई हैं।
इसके बाद 1 जुलाई 2020 से गणना नौ जून 2020 को आए शासनादेश के मुताबिक की गई हैं। शासनादेश में बकाये पर एमसीएलआर के मुताबिक ब्याज दरें और एक प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क लेने के निर्देश जारी हुए थे। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि ग्रुप हाउसिंग की 116 परियोजनाएं हैं। इनमें से करीब 16 परियोजनाओं पर कोई बकाया नहीं है, जबकि 100 परियोजनाओं पर बकाया चल रहा है। इनमें से करीब 75 परियोजनाओं पर प्राधिकरण का 9 हजार करोड़ रुपये बकाया है। इन परियोजनाओं के बिल्डरों को बकाया देने के लिए नोटिस जारी किया गया है।