
Noida News : उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिरण के क्षेत्र में रहने वाले फ्लैट खरीददारों के लिए यूपी की राजधानी लखनऊ से बड़ी और खुश कर देने वाली खबर आ रही है। खबर यह है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत पूरे यूपी में फ्लैट खरीददारों को मकानों पर कब्जा देकर उनके पक्ष में रजिस्ट्री या सब डीड कराने का रास्ता साफ हो गया है।
आपको बता दें कि रविवार को राज्य सरकार की ओर से नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ कांत की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों को मानने का निर्णय किए जाने के बाद यूपी के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। इस शासनादेश में खरीददारों और बिल्डर्स की समस्याओं के समाधान के लिए पैकेज तय किया गया है। जिसके अनुसार सभी पूर्ण निर्मित फ्लैट या ऐसे फ्लैट जिनमें खरीददार कब्जा प्रमाण पत्र प्राप्त कर या इसके बिना रह रहे हों, उनकी औपचारिकताएं पूरी कर तीन माह के अंदर रजिस्ट्री की जाएगी। रजिस्ट्री करने के पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फ्लैट/टावर को अग्निशमन और निर्माण संबंधी सभी अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त हो गए हों।
आपको बता दें कि एनसीआर में लगभग 2.4 लाख ऐसे फ्लैट हैं जो पूरे नहीं हो सके हैं। शासनादेश में कहा गया है कि प्राधिकरण का बोर्ड पैकेज के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। सभी महत्वपूर्ण निर्णय बोर्ड से मंजूर कराए जाएंगे। पैकेज का क्रियान्वयन पूरा होने तक प्रत्येक बोर्ड बैठक में एक एजेंडा के रूप में अनिवार्य रूप से इसकी निगरानी की जाएगी।
सबसे पहले थर्ड पार्टी/चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा आंकलित किये गए बकाये तथा कोरोना महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों के दृष्टिगत दो वर्ष की अवधि के लिए दी जाने वाली जीरो पीरियड (एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2022 तक) की रियायत को कुल बकाये की राशि से घटाते हुए शुद्ध बकाये की राशि का आकलन किया जाएगा। पैकेज के मुताबिक सहमति देने वाले तथा कार्य करने वाले बिल्डर का पट्टा विलेख निरस्त नहीं किया जाएगा।
पैकेज स्वीकार कर शुद्ध बकाये के सापेक्ष 25 प्रतिशत धनराशि जमा करने पर प्राधिकरण की ओर से भूमि गिरवी रखने की अनुमति दी जाएगी ताकि बिल्डर परियोजनाओं को पूरा करने और बकाये के भुगतान के लिए संसाधन जुटा सकें। शुद्ध बकाये के सापेक्ष 25 प्रतिशत धनराशि जमा करने के बाद रजिस्ट्री, प्लान की मंजूरी और विस्तार की अनुमति 15 दिन के अंदर मिल सकेगी।