
Noida News (चेतना मंच)। राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मणिपुर में हो रही हिंसा के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इन कार्यकर्ताओं की मांग थी कि मणिपुर की सरकार को तत्काल बर्खास्त करके वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाए तथा हिंसा में मारे गये लोगों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
रालोद जिलाध्यक्ष जनार्दन भाटी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मणिपुर हिंसा को लेकर एसडीएम उमेश चंद्र निगम को महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जर्नादन भाटी ने कहा कि मणिपुर राज्य में महिलाओं के साथ जो घटना हुई वह मानवता को शर्मसार करने वाली है। केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार ने इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी को मूकदर्शक बनकर होने दिया। जिसने मणिपुर के नाजुक सामाजिक ताने-बाने को पूरी तरह नष्ट कर दिया। मणिपुर हिंसा के कारण दूसरे पूर्वांचल राज्यों में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि मणिपुर में बढ़ रहे संविधानिक संकट पर संसद के दोनों सदनों में कोई चर्चा नहीं हुई और ना ही देश के प्रधानमंत्री सदन की कार्रवाई में शामिल होकर अपना बयान दिया है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि मणिपुर सरकार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए तथा सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाए जिसमें मणिपुर हिंसा की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही मणिपुर में महिला आदिवासी दलित तथा गरीबों के साथ हो रहे उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए। मणिपुर हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा मुहैया कराए जाएं।
इस मौके पर इंद्रवीर भाटी, प्रियंका अत्री, विजेंद्र यादव, कविता, सपना, सुमित भाटी, नीरज शर्मा, श्याम सिंह प्रधान, जसवीर भाटी, आसाराम भाटी, लाला जाटव, राजेंद्र प्रजापति, मदन शर्मा, गजेंद्र भाटी, गौरव आजाद, जोगिंदर तालान, हरबीर तालान, नीतू, शिमला सागर, अंकित कुमार, देवेश, दीपेंद्र, आदित्य, भारत कुमार, जाहिद, गिरीश अत्री व नागेंद्र अत्री आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। Noida News