
Noida News : उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दो लाख ऐसे बैंक खातों का पता चला है, जिनमें पिछले दो साल से कोई लेनदेन नहीं हुआ है। इन बैंक खातों में दस हजार से अधिक रुपये फंसे हुए हैं। लेनदेन ना होने की वजह से बैंकों ने इन खातों को निष्क्रिय घोषित कर दिया। निष्क्रिय हुए कुल दो लाख बैंक खातों में एक लाख 55 हजार बैंक खातें सेविंग एकाउंट है और 55 हजार खाते करंट एकाउंट हैं। सबसे ज्यादा पैसा करंट एकाउंट में जमा है।
आपको बता दें कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों की 570 ब्रांच संचालित हैं। इन ब्रांचों में करीब 12 लाख 5 हजार खाताधारक हैं। सभी बैंकों के खातों की लेनदेन प्रक्रिया पर गौर किया जाए तो दो लाख से अधिक ऐसे बैंक खाते हैं, जिनमें पिछले दो सालों से कोई लेनदेन नहीं हुआ है, जिस कारण यह बैंक खाते इनएक्टिव हो चुके हैं। इन बैंक खातों में करीब 10 हजार करोड़ रुपये जमा है। ज्यादातर यह बैंक खाते कंपनियों के हैं। हर एक खाते में औसतन 14.86 लाख रुपये जमा है। इसके अलावा 1.45 लाख बैंक खातों में करीब 2 हजार करोड़ रुपये जमा हैं।
दो साल से लेनदेन नहीं होने से यह सभी बैंक खाते इनएक्टिव हो गए हैं। दोनों बैंक खातों में केवाईसी के अभाव में 10 हजार करोड़ रुपये फंसे हैं। बैंक ने इन खातों को बंद नहीं किया है। खाताधारकों की केवाईसी का इंतजार है। केवाईसी के बाद फिर से इनका उपयोग खाताधारक कर सकेंगे।
लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला बताते हैं कि दो लाख बैंक खातों में दो साल से लेनदेन नहीं हुआ है। इनमें करीब 10 हजार करोड़ रुपये जमा है। केवाईसी के बाद ही इन खातों को एक्टिव किया जा सकेगा। जिन बैंक खातों से लेनदेन नहीं हुआ है उनकी सूचना खाताधारकों को बैंकों से भेजी गई है।