
Noida News : सहारा समूह के संस्थापक सुब्रह रॉय सहारा का निधन हुए पांच दिन बीत गए हैं। देश तथा विदेश के साथ ही साथ यूपी के नोएडा शहर के साथ भी सुब्रत रॉय सहारा का गहरा रिश्ता रहा है। उनके निधन के बाद भी नोएडा शहर के हजारों घरों में सहाराश्री के नाम से प्रसिद्ध सुब्रह रॉय सहारा को पूरी शिद्दत के साथ याद किया जा रहा है।
सब जानते हैं कि कभी स्कूटर पर बिस्कुट नमकीन बेचने वाले सुब्रत रॉय सहारा ने अपने बलबूते पर एक बड़ा साम्राज्य खड़ा किया था। वर्ष 2004 में दुनिया की प्रसिद्ध पत्रिका टाइम मैगजीन ने सुब्रह रॉय सहारा को भारत में नौकरी देने वाला देश का दूसरा सबसे बड़ा कारोबारी घोषित किया था। उस समय सहारा समूह में 12 लाख कर्मचारी नौकरी करते थे। इन कर्मचारियों में बड़ी संख्या में नोएडा शहर व इसके आसपास रहने वाले कर्मचारियों की थी।
नोएडा शहर के सेक्टर 11 में आज भी सहारा समूह का सबसे बड़ा कार्यालय सुब्रत रॉय सहारा द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय सहारा समाचार पत्र समूह का मुख्यालय तथा सहारा टीवी का मुख्य स्टूडियो मौजूद है। एक जमाना था जब नोएडा शहर के सेक्टर 11 को सहारा वाले सेक्टर के नाम से जाना जाता था। आज भी नोएडा के सेक्टर 11 में प्रवेश करते ही सहारा समूह का दफ्तर सबसे बड़े भवन के रुप में दिखाई देता है।
नोएडा शहर के सेक्टर 11 में स्थित सु्ब्रत रॉय सहारा के कार्यालय में बड़े बड़े आयोजन होते रहे हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मुलायम सिंह यादव नोएडा में सहारा समूह के सेक्टर 11 में स्थित कार्यालय में आते रहते थे। स्व. मुलायम सिंह यादव के साथ खास माने जाने वाले चर्चित नेता ठाकुर अमर सिंह तो अक्सर ही सुब्रह रॉय सहारा से मिलने उनके सेक्टर 11 वाले कार्यालय में आया करते थे। नोएडा शहर का शायद ही कोई ऐसा सेक्टर हो जिस सेक्टर में सुब्रह रॉय सहारा की कंपनी में कभी ना कभी काम करने वाला कोई कर्मचारी निवास ना करता हो।
नोएडा के सेक्टर 15 में रहने वाले सहारा समूह के पुराने कर्मचारी अरुण सक्सेना बताते हैं कि नोएडा शहर के हजारों घर सहाराश्री द्वारा दी गई नौकरी के दम पर चला करते थे। इन हजारों घरों में सहाराश्री के व्यक्तित्व तथा उनके काम करने की अनोखी शैली को लेकर आज भी चर्चा होती है। नोएडा में ऐसे भी हजारों लोग रहते हैं जिन्होंने सहारा समूह की निवेश योजनाओं में पूंजी निवेश कर रखा था। इन हजारों लोगों का करोड़ों रुपये का निवेश सहारा समूह की गलत नीतियों के कारण लगभग डूब गया है। अब पूरे देश के निवेशकों की तरह से ही नोएडा के निवेशक भी सुब्रत रॉय सहरा को खूब गालियां देते हैं।