
Noida News : पिछले 6 सालों से नोएडा, ग्रेटर नोएडा व गाजियाबाद में छिपकर रह रही रजनी प्रिया से CBI ने पूछताछ शुरू कर दी है। CBI की पटना विशेष कोर्ट में रजनी प्रिया को 17 अगस्त तक के लिए CBI को रिमांड पर सौंपा है। आशा जताई जा रही है कि अब रजनी प्रिया को एक हजार से भी अधिक के सृजन घोटाले के सारे राज उगलने पड़ेंगे।
आपको बता दें कि 10 अगस्त 2023 को सीबीआई की एक विशेष टीम ने बेहद शातिर अपराधी रजनी प्रिया को गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम से गिरफ्तार किया था। इस समय चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि बिहार में 1000 करोड़ रुपये से भी अधिक का घोटाला करने वाली रजनी प्रिया एक शातिर ठग है। रजनी प्रिया पिछले 6 वर्षों से नोएडा, ग्रेटर नोएडा व गाजियाबाद में नाम बदल बदल कर रह रही थी। गिरफ्तार करने के बाद उसे गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने ट्राजिट रिमांड पर उसे पटना भेज दिया था। पटना की सीबीआई कोर्ट ने रजनी प्रिया को 21 अगस्त 2023 तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। सीबीआई की एक अर्जी पर सोमवार, 14 अगस्त 2023 को सीबीआई कोर्ट ने सीबीआई को रजनी प्रिया का रिमांड दे दिया है। अब सीबीआई 17 अगस्त को रिमांड खत्म होने के बाद एक बार फिर रजनी प्रिया को अदालत में पेश करेगी।
अदालत ने रजनी प्रिया को 14 अगस्त से लेकर 17 अगस्त तक चार दिन के लिए सीबीआई को रिमांड पर सौंपा है। रजिनी प्रिया को रिमांड पर लेेते ही सीबीई ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। समाचार लिखे जाने तक यह पूछताछ चल रही थी। सीबीआई के अंतरंग सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में रजनी प्रिया से सृजन घोटाले के विषय में सवाल किए जा रहे हैं। सीबीआई के अधिकारियों को भरोसा है कि रजनी प्रिया को घोटाले से संबंधित सारे छिपे हुए राज उलगने पड़ेंगे।
रिमांड के दौरान सीबीआई रजनी प्रिया से यह राज भी उगलवाएगी कि उसका पति अमित कुमार मर गया अथवा जिंदा है ? यहा यब बताना जरुरी है कि रजनी प्रिया घोटाले के लिए बनाई गई सृजन नामक संस्थापक मनोरमा देवी की बहू है। मनोरमा देवी के बेटे का नाम अमित कुमार है। अमित कुमार के साथ ही रजनी प्रिया पिछले 6 साल से फरार थी।
गिरफ्तारी के समय रजनी प्रिया ने सीबीआई के सामने दावा किया कि उसके पति अमित कुमार की मोत हो चुकी है। अमित कुमार कब मरा ? कैसे मरा ? इसका कोई पुख्ता सबूत रजनी प्रिया नहीं दे पा रही है। सीबीआई के एक अंतरंग सूत्र ने चेतना मंच को बताया कि जांच टीम को शक है कि दूसरी बातों की तरह ही रजनी प्रिया अपने पति अमित कुमार के मरने की फर्जी कहानी बना रही है। आशंका है कि अमित कुमार भी नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद अथवा एनसीआर के किसी दूसरे शहर में छिपा हो सकता है। सीबीआई की टीम अमित कुमार के राज से भी पर्दा उठाने का पूरा प्रयास कर रही है।
Read More -एक हजार करोड से भी अधिक का सृजन घोटाला करने वाली रजनी प्रिया 6 साल से छिपी हुई थी NCR में
जैसा कि पहले भी बताया जा चुका है कि सृजन घोटाले की मास्मर माइंड रजनी प्रिया लगभग डेढ़ साल तक नोएडा में छुपी रही थी। सीबीआई के सूत्रों की माने तो नोएडा शहर के सेक्टर 93 में स्थित एक बहुमंजिला सोसायटी में डेढ़ साल तक छुपकर रही थी। उस सोसायटी में रजनी प्रिया किसी रईसजादी की तरह से रहती थी। उनकी पड़ोसन 1000 करोड़ रुपये भी अधिक की घोटालेबाज महिला है इस बात का अहसास उसके पड़ोसियों को कभी नहीं हो पाया। वह जब भी घर से बाहर निकलती थी तो हमेशा मास्क पहनकर रखती थी। सीबीआई के सूत्रों का दावा है कि 6 वर्ष तक फरार रहने वाली सृजन घोटाले की मास्टर माइंड रजनी प्रिया बहुत ही शातिर दिमाग वाली है।
सृजन घोटाला बिहार राज्य का एक बहुत बहुचर्चित घोटाला रहा है। इस घोटाले में 1000 करोड़ रुपये के सरकारी धन का गबन कर लिया गया था। इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। सीबीआई के अनुसार घोटाला बिहार के जिला भागलपुर स्थित एनजीओ सृजन महिला विकास सहयोग समिति की संस्थापक मनोरमा देवी की मौत के बाद सामने आया था। समिति की सचिव रजनी प्रिया मनोरमा देवी की बहू हैं। सीबीआई इस मामले में आरोपी अमित कुमार व रजनी की 13 चल व अचल संपत्ति की कुर्की कर चुकी है।
Noida Newsआपको बता दें कि भागलपुर में 2003 में डीएम रहते हुए केपी रमैया ने सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं को एक पत्र जारी करके सृजन संस्था के बैंक खाते में रुपये जमा कराने के लिए आदेश दिया था। इसके बाद इस एनजीओ के बैंक खाते में रुपये जमा कराए गए थे। सृजन संस्था के कई अधिकारी बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ मिलकर जाली दस्तावेज से सृजन के खाते में रकम डालते थे और बाद में मिलकर बंदरबांट कर लेते थे। Noida News