
Noida News / लखनऊ। 200 करोड़ रुपये के सरकारी खजाने में सेंधमारी के राज खुलने शुरू हो गए हैं। इस मामले में चेतना मंच द्वारा जताई गई आशंका सच साबित हो गई है। हमने पहले ही आशंका जताई थी कि बैंक में रखे सैकड़ों करोड़ के धन को उड़ाने की योजना में कोई बड़ा 'खिलाड़ी' शामिल है। पुलिस की अभी तक जांच उसी तरफ आगे बढ़ रही है। नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने इस सिलसिले में तीन जालसाजों को दबोचा है। ये जालसाज गाजियाबाद, बुलंदशहर व लखनऊ के रहने वाले हैं।
आपको बता दें कि यह मामला नोएडा प्राधिकरण के 200 करोड़ रुपये में की गई सेंधमारी का है। सेंधमारों ने 9 करोड़ 90 लाख रुपये तो बैंक से उड़ा लिए थे, जब वे 9 करोड़ रुपये और निकाल रहे थे तब इस प्रकरण की पोल खुली। नोएडा कमिश्नरी पुलिस के एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण की तरफ से गत 4 जुलाई को थाना सेक्टर 58 में फर्जी दस्तावेजों का आधार पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। दर्ज रिपोर्ट में बताया कि प्राधिकरण ने अपने बैंक खातों में जमा धनराशि पर अधिकतम ब्याज देने के आधार पर सेक्टर 62 स्थित बैंक ऑफ इंडिया को 200 करोड़ रुपये की एफडी करने के लिए स्वीकृत किया था। इस संबंध में 21 जून को बैंक खाता संचालन के लिए पत्र भी निर्गत किया गया। 23 जून को बैंक ऑफ इंडिया ने अपने पत्र व ईमेल के द्वारा बैंक खाता खोले जाने की पुष्टि की। इसके पश्चात प्राधिकरण ने 100— 100 करोड़ रुपये की धनराशि 26 जून को एचडीएफसी बैंक व इंडियन बैंक के खाते से भेजकर बैंक ऑफ इंडिया को 200 करोड़ रुपये की एफडी नोएडा प्राधिकरण को उपलब्ध कराने को कहा।
3 जुलाई को बैंक ऑफ इंडिया की शाखा को दिए गए रुपयों की एफडी की पुष्टि करने के लिए जब प्राधिकरण कर्मी बैंक पहुंचे तो पता चला कि 200 करोड रुपये की एफडी नहीं बनवाई गई है बल्कि 30 जून को उस खाते से तीन करोड़ 90 लाख रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। इस दौरान प्राधिकरण को सूचना मिली कि अब्दुल खादर नामक व्यक्ति द्वारा उक्त खाते से 9 करोड़ रुपये और निकालने का प्रयास किया गया था।
नोएडा पुलिस ने इस मामले में गाजियाबाद जिले के मुरादनगर कस्बे के रहने वाले सुधीर चौधरी, बुलंदशहर निवासी मुरारी जाटव तथा लखनऊ के रहने वाले राजेश नामक युवक को गिरफ्तार किया है। इनका एक साथी पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। गिरफ्तार किए गए जालसाजों ने पुलिस को बताया कि उनका एक पूरा गिरोह इस काम में लगा हुआ था। उनके गिरोह का बॉस मनु पोला नामक व्यक्ति है। अपने बॉस के विषय में इन जालसाजों ने पुलिस को अधिक कुछ नहीं बताया है। अब पुलिस मनु पोला की तलाश में जुटी है।
इस बीच पुलिस के अधिकारी व नोएडा प्राधिकरण के अफसरों की जांच कमेटी इस पूरी सेंधमारी के असली मास्टर माइंड की तलाश कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि असली खिलाड़ी बैंक या प्राधिकरण के अंदर का ही कोई अधिकारी व कर्मचारी हो सकता है। अब तक पकड़े गए जालसाजों के बॉस मनु पोला की गिरफ्तारी के बाद असली 'खिलाड़ी' तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इस बीच पुलिस ने नोएडा प्राधिकरण के वित्त विभाग के अफसरों व कर्मचारियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। उधर, नोएडा प्राधिकरण के अफसरों की जांच कमेटी बैंक के अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। Noida News