
Noida News (अंजना भागी)। नोएडा शहर की आबादी जिस तेजी के साथ बढ़ी है उसका अंदाजा नोएडा की स्थापना करने वालों को शायद कभी नहीं हुआ होगा। इसलिए आज अधिकतर आवासीय सेक्टर पुरानी पाईप लाइनें, इंफ्रास्टक्चर से अपना काम चला रहे हैं। इस हिसाब से नोएडा के आवासीय सेक्टरों में समस्याओं की भरमार है जिसे चेतना मंच की विशेष मुहिम ‘शहर में घूमता आइना’ उजागर कर रहा है। आज नोएडा के केन्द्र में बसे सेक्टर-20 की विशेषताओं व उसकी समस्याओं की तस्वीर आपके सामने पेश कर रहे है -
सेक्टर-21, 26, 10 और 4 के केंद्र में स्थिति सेक्टर-20 शहर का अहम सेक्टर है। शहर के बीचों-बीच स्थित होने के कारण ही नोएडा स्टेडियम, मोदी माल, सिनेमा हॉल, बालभारती, डीपीएस पब्लिक स्कूल यहां तक कि नवनिर्मित सिविल लाइन से भी मात्र आधा किलोमीटर की दूरी पर सेक्टर-20 स्थित है। सेक्टर-20 की लगभग सभी सेक्टरों से अच्छी कनेक्टिविटी, मेट्रो स्टेशन के पास तथा इंडस्ट्रीज के सामने होने के कारण यह नोएडा के मुख्य बाजारों से लगभग 5 किलोमीटर के रेडियस में ही आता है। यह बहुत ही घना बसा हुआ इलाका है, यहां सडक़ें चौड़ी हैं। बिजली और पानी की समस्या भी बहुत ज्यादा नहीं होती सिवाय गर्मियों के। लेकिन अब सभी घर चार मंजिला हो गए हैं। आबादी बढ़ती ही जा रही है। अब 1978 में बना सिस्टम लगभग चार गुना बढ़ी आबादी का भार नहीं झेल पा रहा है।
वर्ष- 1989 में सेक्टर-20 को बसाना शुरू किया गया। यहां 1650 मकान हैं। शहर का सबसे बड़ा थाना, बिजली घर, पंप हाउस भी इस सेक्टर में हैं। इन सरकारी महकमों के कम्पाउंड में ही मकान बने हुए हैं। जिनमें टाइप-1, टाइप-2 तथा 3 के स्टाफ क्वार्टर्स हैं। बिजली घर तथा गंगा वाटर मिक्सिनग प्लांट यहाँ होने के कारण यह ग्रीन और खुला लगता है। परंतु सच पूछिए तो इस सेक्टर के अंदर बहुत ही खिच-पिच है। क्योंकि इसमें जनता फ्लैट 500, एलआईजी 300, एमआइजी-1 63 मीटर 150, एमआईजी-2, 112 मीटर 150, 500 प्लॉट 162 मीटर तथा 250 मीटर के हैं।
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यहां 200 डबल स्टोरी एलआईजी हैं और ये सब ही फ्लैट्स अब चार मंजिल बन चुके हैं। सेक्टर-20 की आबादी लगभग 25000 से भी अधिक है। इसमें 7 ब्लॉक हैं। 4 ग्रीन बेल्ट्स हैं जिनमें से 3 बहुत सुंदर हैं, पर एक पर कब्जा है। उस पर 12वीं कक्षा तक का बाल्मीकि विद्यालय चल रहा है। 16 पार्कों वाले इस सेक्टर में कुछ पार्क छोटे तथा कुछ मीडियम आकार के हैं, लेकिन पार्कों की कमी पूरा करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने इस सेक्टर को ग्रीन बेल्ट बहुत अच्छी तरह डेवलप करके दी है।
सेक्टर को सुरक्षित रखने के लिए सेक्टर-20 की आरडब्ल्यूए ने बाउंड्री वॉल तथा सेक्टर में 8 गेट लगाए हैं। सेक्टर के गेट नंबर-1, 2, 3 की तरफ सेक्टर-8 और 9 की झुग्गियां हैं। जिसके कारण यहां पर छोटी-मोटी चोरी उठाईगिरी की समस्या तो लगी ही रहती थी। इतना ही नहीं सेक्टर-20 के अंदर कई बार झुग्गियों में रहने वाले युवा नशा करके पड़े रहते थे। इन सबसे बचने के लिए ही आरडब्ल्यू प्रेसिडेंट रामपाल भाटी ने 8 गेट लगवाकर इसको कंट्रोल किया।
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गेट नंबर-4 सेक्टर-19 के सामने पड़ता है। गेट नंबर-5, 6, 7 सेक्टर-26 के सामने हैं। गेट नंबर-8 जलवायु विहार के सामने पड़ता है। इतने गेट बना देने के बावजूद यहां उठाईगिरी की समस्या कम नहीं हुई तो आरडब्लूए ने गेट नंबर- 4 और 8 को छोडक़र बाकी सभी गेटों के लिए नियम बनाया कि गेट 4 और 8 को छोडक़र बाकी सभी गेटों पर दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक पूरी तरह से ताला रहेगा। सुबह और शाम इन गेटों से सिर्फ पैदल जाने वालों के लिए ही रास्ता छोड़ा जाता है। गेट नंबर-4 और 8 पर 4-4 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही रात 11 बजे के बाद गेट नंबर 4 भी बंद कर दिया जाता है। सिर्फ गेट नंबर-8 ही खुला रहता है।
सेक्टर-20 में समस्याओं की बात करें तो यह सेक्टर समस्याओं से घिरा पड़ा है। सेक्टर में घुसते ही यहां की घिच-पिच का अंदाज हो जाता है। गेट नंबर-8 से घुसते ही दिखता है कि हर फ्लैट चार मंजिल बना है। एक कमरे के जनता फ्लैट के निवासियों ने प्राधिकरण द्वारा छोड़ी गई बरसाती नाली को कवर कर एक कमरे के फ्लैट को नीचे दो रूम, ऊपर बालकनी निकालकर उसके ऊपर 3 कमरे बना लिए हैं। उसके बाद फेंसिंग करके पेड़ पौधे लगाये हैं। फिर उसके आगे गाडिय़ां खड़ी कर देते हैं। अंदर की गलियों में गाडिय़ों के लिए तो रास्ता ही नहीं बचता।
सड़क पर चलने वालों के लिए तो रास्ता बचता ही नहीं है। इस सेक्टर में 12वीं कक्षा तक के दो स्कूल हैं। इन दोनों स्कूल के गेट सेक्टर के अंदर होने के कारण यहां से बच्चों को छोड़ने व ले जाने के लिए सुबह और दोपहर बहुत भीड़ हो जाती है। जो सेक्टर की सुरक्षा के लिए भी सही नहीं। इसलिए यहां की आरडब्ल्यूए ने नियम बनाए हैं। सुबह और दोपहर यहां की सड़कें पब्लिक से भरी होती हैं। उससे भी बड़ी समस्या है यहाँ पार्किंग की।
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इस सेक्टर के आठों गेटों पर पता नहीं कहां-कहां से लोग आकर गाड़ियां पार्क कर जाते हैं। जिसका जहां मौका लगता है वह वहीं गाड़ी लगा चला जाता है। फ्लैट्स लोगों ने पूरी तरह से कवर्ड कर लिए हैं। गंगा वाटर मिक्सिंग प्लांट इस सेक्टर में है। लेकिन जल पीने लायक नहीं है पीने के लिए पानी खरीदना पड़ता है। शहर का सबसे बड़ा बिजली घर इसके अंदर है लेकिन पॉवर कट की अब कोई लिमिट नहीं।
इस सेक्टर की कुछ अच्छाई है तो वह है यहां की ग्रीन बेल्ट। गेट नंबर-8 पर एडवोकेट लहरी अपने सुपरविजन में ग्रीन बेल्ट के इस भाग की देखभाल करते हैं। यहां पर अंजीर, चीकू, आम के पेड़ हैं। नोएडा का सबसे बडा थाना सेक्टर-20 गेट नंबर-1 के पास पड़ता है। वहाँ से जो नाली बहती है उसकी सफाई कम होती है। इसलिए पूरे सेक्टर में मच्छरों की भरमार है।
अध्यक्ष रामपाल भाटी ने बताया कि थोड़ी सी बारिश ही यहाँ अच्छा खासा जल भराव कर देती है। 16 साल पहले इन्होंने इस सेक्टर की कमान संभाली थी। इनके अच्छे कार्यों के कारण आज तक यह सेक्टर की आरडब्ल्यूए की कमान संभाले हुए हैं। इस सेक्टर में अधिकतर लोग आरडब्लूए की मेम्बरशिप भी नहीं देते। आरडब्लूए के सुरेश तिवारी व सुधाकर तिवारी इनके साथ बड़ी मेहनत करते हैं।
सह अध्यक्ष हरीश शर्मा यूपीपीसीएल की बिल्डिंग की मरम्मत को लेकर इन दिनों भाग दौड़ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल भराव, ट्रैफिक तथा अधिक पब्लिक हो जाने के कारण यहाँ की सीवर लाइन डी-103 से लेकर डी-136 तक बुरे हाल में थी। साफ जल की नियमित सप्लाई, सीवर की नियमित सफाई। पंप हाउस भी साफ किया जाये। सेक्टर की नालियों में दवा का नियमित छिडक़ाव और फोगिंग नियमित रूप से हो। प्रतिदिन सेक्टर में कूड़ा उठवाया जाए।
सेक्टर के अंदर अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहन खासकर कार, ठेलियां इन सबको हटवाया जाए। सेक्टर की सडक़ें चौड़ी हैं। कहीं-कहीं पतली हैं लेकिन उन पर स्पीड ब्रेकर लगवाए जाएं। सैक्टर के पार्कों का सौंदर्यीकरण होना चाहिये। उन्होंने बताया कि सेक्टर के विकास को लेकर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि सेक्टर-20 में लगभग 1 करोड़ 20 लाख का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। 1.03 करोड़ के कार्य चल रहे हैं।
इसके साथ ही 87 लाख का कार्य प्रस्तावित है। सेक्टर में 421 एलईडी लाइटें लगाई गई हैं । साथ ही 7 हाई मास्क लाइट से सैक्टर रोशन हो रहा है। फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा तथा आरडब्लूए के कडे परिश्रम के बाद जल विभाग ने नई सीवर लाइनें बिछाने का काम भी शुरू करवा दिया है। Noida News