
Noida News : उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी नोएडा में नई फैक्ट्री लगाना अब बेहद आसान हो गया है। नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड ने सारे नियम बदलकर अब नोएडा शहर में फैक्ट्री लगाने के नए नियम लागू कर दिए हैं। अब नोएडा में फैक्ट्री लगाने के लिए औद्योगिक भूखंडों का आवंटन ड्रॉ अथवा ई- नीलामी से नहीं बल्कि इंटरव्यू के द्वारा किया जाएगा।
दो नवंबर को नोएडा के सेक्टर 6 में स्थित नोएडा प्राधिकरण के प्रशासनिक कार्यालय में नोएडा प्राधिकरण बोर्ड की एक अति महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में नोएडा शहर में नई फैक्ट्री लगाने के लिए नए नियम बना दिए गए हैं। नए नियम के अनुसार, अब नोएडा में फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन (प्लॉट) फैक्ट्री लगाने के इच्छुक व्यक्ति पर कंपनी की रैंकिंग के आधार पर इंटरव्यू के द्वारा मिलेगी। नोएडा प्राधिकरण फैक्ट्री लगाने वालों के लिए स्कीम घोषित करेगा। स्कीम में दिए गए आवेदन पत्र भरना होगा। आवेदन पत्र में दी गई जानकारी के आधार पर एक रैंकिंग सूची तैयार की जाएगी। उस रैंकिंग सूची के आधार पर आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इंटरव्यू में मिले अंकों के आधार पर फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन आवंटित कर दी जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण में अब तक चार हजार वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भूखंड ड्रॉ द्वारा आंवटित करने का नियम था। चार हजार वर्ग मीटर से ऊपर के साइज के भूखंडों का आवंटन पहले इंटरव्यू के द्वारा किया जाता था। नोएडा प्राधिकरण की निवर्तमान सीईओ रितु माहेश्वरी ने इंटरव्यू वाली व्यवस्था को बदल कर बड़े भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के जरिए करने का फैसला किया था। अब नई व्यवस्था के तहत छोटे व बड़े सभी साइज के प्लॉटों का आंवटन इंटरव्यू के द्वारा किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के पूरे दस्तावेज पर नोएडा प्राधिकण के बोर्ड ने अपनी मोहर लगा दी है। नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड की जिस बैठक में दो नवंबर को यह प्रस्ताव पास किया गया उस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज सिंह ने की। मनोज सिंह की पहल पर ही यह नई व्यवस्था बनाई गई है।
नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में नोएडा प्राधिकरण के CEO डॉ. लोकेश एम. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO डॉ. अरुणवीर सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO रवि कुमार एनजी के प्रतिनिधि, नोएडा (गौतमबुद्धनगर) के DM मनीष कुमार वर्मा के प्रतिनिधि के तौर पर ADM बलराम सिंह, नोएडा प्राधिकरण के ACEO संजय खत्री, वंदना त्रिपाठी एवं सतीश पाल समेत तमाम उच्च अधिकारी मौजूद थे। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर इस बैठक में लखनऊ से आनलाइन जुड़े थे।
नोएडा शहर में फैक्ट्री लगाने के लिए बनाई गई नई व्यवस्था को बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। इस विषय में पूछे जाने पर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन तथा उत्तर प्रदेश के IDC मनोज कुमार सिंह ने चेतना मंच ने बातचीत की है। मनोज कुमार सिंह ने चेतना मंच डॉट कॉम को बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में नए उद्योग लगाने का प्रयास कियाज रहा है। प्रदेश का व्यापक औद्योगिकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ड्रॉ अथवा ई- नीलामी के द्वारा फैक्ट्री का प्लॉट लेने में जैनविन उद्योगपति रुचि नहीं रहे थे। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अधिक से अधिक नए उद्योग लगें इसके लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। यह व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी रहे इस कारण रैंकिंग सिस्टम को अपनाया गया है। इस व्यवस्था के शुरू होने से नोएडा व ग्रेटर नोएडा में भारी मात्र में पूंजी निवेश होगा।