
Noida News : यूपी के नोएडा व ग्रेटर नोएडा से बड़ी खबर आ रही है। यह खबर हर भारतीय नागरिक के लिए गौरवान्वित करने वाली खबर है। न्यूज यह है कि ग्रेटर नोएडा के पास बन रहे जेवर एयरपोर्ट पर ही जहाज के कलपुर्जे (उपकरण) (parts) बनाने की फैक्ट्री लगने वाली है।
हम आपको पहले भी बता चुके हैं कि यूपी के ग्रेटर नोएडा के पास स्थित जेवर कस्बे के निकट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से बन रहे इस हवाई अड्डे को जेवर एयरपोर्ट भी कहा जा रहा है। इस एयरपोर्ट के दूसरे चरण में एयरपोर्ट के पास जहाजों के उपकरण (parts) बनाने की फैक्ट्री लगाई जाएगी। हमारे देश भारत में जहाज के उपकरण बनाने वाली यह पहली फैक्ट्री होगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। इस एयरपोर्ट के प्रथम चरण का काम तेजी से चल रहा है। अगले साल वर्ष 2024 के जनवरी फरवरी में इस एयरपोर्ट से फ्लाई उड़ने लगेंगी। एयरपोर्ट का दूसरा चरण 1365 हेक्टेयर जमीन के विशाल भू भाग पर विकसित किया जाएगा। एयरपोर्ट को बनाने का काम की पूरी निगरानी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के साथ ही साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड कंपनी (नॉयल) के भी सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए किसानों से जमीन का अधिग्रहण शुरू कर दिया गया है।
Read More - Noida News : UP में सरकार की आलोचना पड़ेगी भारी, जारी हुए खास दिशा निर्देशनॉयल के सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के पास ही 200 एकड़ जमीन पर जहाज के कलपुर्जे (parts) बनाने की फैक्ट्री लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही 200 एकड़ जमीन पर जहाजों की रिपेयरिंग करने का कारखाना व 100 एकड़ जमीन पर पायलट ट्रेनिंग के लिए प्रशिक्षण केंद्र बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस महत्वपूर्ण योजना में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण जमीन के आवंटन के लिए अलग से कोई स्कीम घोषित नहीं करेगा बल्कि फैक्ट्री लगाने की इच्छुक कंपनी को बिना स्कीम के ही भूमि का आवंटन कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि भारत में अभी तक जहाज के उपकरण (parts) बनाने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी प्रकार खराबी आ जाने के बाद जहाज की मरम्मत भी दूसरे देशों में ही करानी पड़ती है। भारत में जहाज की मरम्मत करने की कोई व्यवस्था नहीं है। जेवर एयरपोर्ट के पास फैक्ट्री लग जाने के बाद भारत में ही जहाजों की रिपेयरिंग व उपकरण बनने का बड़ा काम हो सकेगा। जहाज के उपकरण बनाने व रिपेयरिंग करने की फैक्ट्री पर कम से कम 80 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। इस प्रकार एक तो देश में जहाज के उपकरण बनने लगेंगे वहीं हजारों करोड़ रुपये का विदेशी पूंजी निवेश भारत व उत्तर प्रदेश में आएगा।
जेवर एयरपोर्ट पर जहाज के उपकरण बनाने व रिपेयर के लिए फैक्ट्री लगाने के लिए दुनिया की कोई बड़ी कंपनी आएगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सूत्रों का दावा है कि दुनिया की जहाज बनाने की प्रसिद्ध कंपनी ब्रिटिश एविएशन, एविएशन टेक्निकल सर्विसेज, एयर बस, बोइंग, जीई एविएशन, एसटी एविएशन समेत एएआर कॉरपोरेशन आदि प्रमुख कंपनियों से यहां उद्योग लगाने के लिए प्रस्ताव देने को कहा गया है। आशा है कि जल्दी ही नॉयल को यह प्रस्ताव मिल जाएगी और फैक्ट्री लगाने का काम शुरू हो जाएगा। Noida News