
Noida News (चेतना मंच)। नोएडा प्राधिकरण में पिछले 15 वर्षों के दौरान मुआवजा वितरण घोटाले को लेकर गठित SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) सोमवार से सभी मामलों की फाइलों को खंगालेगी। SIT की टीम के नोएडा प्राधिकरण में पहुंचने की जानकारी मिली है। इस जांच को लेकर उन अधिकारियों में हड़कंप में मचा हुआ है जिनके कार्यालय में फर्जी मुआवजा वितरण का गोरखधंधा किया गया था। एसआईटी को अपनी जांच रिपोर्ट कर सप्ताह में अदालत में सौंपनी है। यह जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू की गई थी।
मालूम हो कि इस साल सितंबर में प्रदेश सरकार ने गेझा मुआवजा से संबंधित प्रकरण में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। इनमें बोर्ड ऑफ रेवन्यू के चेयरमैन हेमंत राव, एडीजी मेरठ राजीव सभरवाल और मेरठ मंडल की कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे को जांच की जिम्मेदारी दी गई। SIT ने चार दिन तक नोएडा प्राधिकरण में रहकर मामले की जांच की थी।
जांच संबंधित रिकार्ड और डेटा के लिए मेरठ मंडल की कमिश्नर के प्रतिनिधि के रूप में अपर आयुक्त बच्चू सिंह को नोएडा भेजा गया है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि अपर आयुक्त की तरफ से मुआवजा प्रकरण से संबंधित ग्राम वार और वर्षवार हिसाब से जो फाइलें मांगी जा रही हैं, उनको मुहैया कराना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण के बोर्ड रूम में अधिकारी ने जांच शुरू की है।
पूर्व के शासन के काल में अतिरिक्त मुआवजे का खेल किया गया। करीब 100 करोड़ अतिरिक्त मुआवजा प्राधिकरण अधिकारियों ने किसानों के साथ मिलकर बांटा और आर्थिक लाभ कमाया। ये मामला 2015 के आसपास का है। जांच का दायरा अब बड़ा होगा। बात करें 30 मार्च 2002 से लेकर अब तक एसआईटी को मुआवजा और जमीन अधिग्रहण से जुड़े करीब 12 हजार से ज्यादा फाइलों की जांच करनी होगी। फिलहाल अभी 2010 की फाइलों को मंगवाया गया है।
प्राधिकरण ने 30 मार्च 2002 से अब तक 32 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया। ये जमीन 10 हजार 73 किसानों की है। इसके एवज में प्राधिकरण ने किसानों को 11 अरब 78 करोड़ 63 लाख से ज्यादा का मुआवजा बांटा। इसी तरह प्राधिकरण ने समझौते के आधार पर करीब 39 गांवों के 2480 किसानों से 3 अरब 12 करोड़ 55 लाख से ज्यादा मुआवजा 64.7 की दर से वितरित किया। इन सभी किसानों की फाइलों की जांच की जाएगी।
पिछले 15 वर्षों में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी उसमें बादौल बांगर के 169, बादौली खादर के 344, सुथियाना के 469, कोंडली बांगर के 353 , छजारसी के 417 , रोहिल्लापुर के 455, सुल्तानपुर के 230, याकूबपुर के 193, बेगमपुर के 344, छपरौली बांगर के 278, सदरपुर के 981, लखनावली के 58, बहलोलपुर के 300, चोटरपुर के 187, नगलीनगला के 41, सलारपुर के 322, हल्दोनी के 118, झट्टा के 103, शाहपुर गोवर्धन खादर के 371, बसी बहाउद्दीनगर के 241, वाजिपुर के 373, शाहपुर गोवर्धन बांगर के 290, गुलावली के 327, रायपुर के खादर के 130, छलैरा बांगर के 13, गेझा तिलपताबाद के 3, गढ़ृी चौखंडी के 59 , पर्थला खंजरपुर के 327, नलगढ़ा के 6, शहदरा के 795 ,सोरखा जाहिदाबाद के 1371, अगरपुर जागीर के 405 किसान शामिल है। जिनको फाइलों को एसआईटी खंगालेगी।