
Noida News: उत्तर प्रदेश के आधुनिक शहर और देश की राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार की तमाम तरह की अपील और हिदायतों को नजरअंदाज कर लोग पूरी तरह से लापरवाह बने हुए हैं। हालात यह है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) रेड जोन में बना हुआ है और हालात सामान्य होते नजर नहीं आ रहे हैं।
बुधवार को नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) रेड जोन में बना रहा, वहीं गुरुवार को AQI 448 दर्ज किया गया। जबकि ग्रेटर नोएडा में इसका स्तर 338 रिकॉर्ड हुआ। वायु प्रदूषण की रोकथाम के इंतजामों में खानापूर्ति की जा रही है। उधर क्रेडाई एनसीआर ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को पत्र लिखकर निर्माण कार्यों पर लगी रोक को हटाने की मांग की है।
ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपायों के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। केवल कुछ ही निर्माणाधीन साइटों पर एंटी स्मॉग गन से छिड़काव किया जा रहा है। सड़कों पर प्राधिकरण छिड़काव नहीं करा रहा है। क्रेडाई के अध्यक्ष ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को पत्र लिखकर एनसीआर के प्रोजेक्टों को समय पर पूरा करने का हवाला देकर निर्माण से रोक हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अभी ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 400 से नीचे है। ऐसे में रोक हटाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि निर्माण पर रोक से मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। इससे वह घर लौट रहे हैं।