
Noida News : नोएडा व ग्रेटर नोएडा के नागरिक सावधान हो जाएं। महिलाओं और युवतियों को अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। दरअसल, कुछ लोग युवतियों को नौकरी लगवाने के नाम पर उनके साथ दुराचार करने का गंदा धंधा कर रहे हैं। ऐसे धंधेबाज किसी सुंदर युवती को अपने जाल में फंसाते हैं। उन्हें नौकरी लगवाने का झांसा देते हैं और फिर उनकी जिंदगी बर्बाद कर देते हैं। ऐसे धंधेबाजों से बेहद सावधान रहने की जरुरत है।
नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवती का जीवन बर्बाद करने का ताजा मामला ग्रेटर नोएडा के थाना इकोटेक क्षेत्र का है। इकोटेक थाने के प्रभारी सुनील दत्त ने चेतना मंच को बताया कि गत दिनों एक महिला ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उनके जानकार शहादत रजा ने उनकी बेटी की नौकरी लगवाने की बात कही। नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी उनकी बेटी से मिलने लगा। कुछ समय बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। इस दौरान शहादत रजा ने उनकी बेटी को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता का आरोप है कि शहादत रजा खान ने अपने साथी के साथ मिलकर उसकी बेटी को कार से टक्कर मारकर कुचलने का प्रयास किया। इस हादसे में उसकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर बलात्कार व जानलेवा हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज कर आरोपी शहादत रजा को कच्ची सड़क चौराहे से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने का दूसरा किस्सा भी पढ़ लीजिए। यह किस्सा नोएडा के सेक्टर 63 थाना क्षेत्र का है। सेंट्रल जोन के एडीसीपी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि थाना सेक्टर 63 पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने अजय कुमार, नरेश चंद्र गुप्ता, जावेद खान व सिद्धार्थ गुप्ता को सी ब्लॉक चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से लैपटॉप, प्रिंटर, बायोमेट्रिक मशीन, रेटिना स्कैनर, थंब स्कैनर, वेब कैमरा, 6 फर्जी आधार कार्ड, दो फर्जी पैन कार्ड व एक बाइक बरामद हुई।
एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके आवेदन पत्र ले लेते थे। इसके बाद बेरोजगारों द्वारा दिए गए दस्तावेजों से उनके फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड बनवा कर बैंकों में फर्जी खाता खुलवा लेते थे। इस दौरान बेरोजगार युवकों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों की वसूली की जाती थी। उन्होंने बताया कि इस गिरोह के चारों सदस्यों की अलग-अलग भूमिका तय थी। अजय और नरेश गुप्ता बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे। जावेद बेरोजगार युवकों के फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड तैयार करने का काम करता था तथा सिद्धार्थ बैंक खाता खुलवा कर अवैध तरीके से रुपयों का लेनदेन करता था। उन्होंने बताया कि इनके द्वारा बैंकों में खुलवाए गए फर्जी खातों की जब डिटेल निकलवाई गई तो उसमें करोड़ों रुपए का लेनदेन की बात सामने आई है। आरोपियों ने सैकड़ों बेरोजगार युवकों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। Noida News
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