
Noida News : जी हाँ यह ख़बर पूरी तरह से सच है कि जल्दी ही आपको एक नया नोएडा शहर बसता हुआ नज़र आएगा। इस शहर को बसाने की अधिकारिक घोषणा तो पहले ही हो चुकी है, किन्तु अब इस घोषणा ने ज़मीन पर उतारना शुरू कर दिया है। न्यू नोएडा के नाम से बसने वाला यह शहर गौतमबुद्धनगर ज़िले के दादरी नगर से लेकर सिकंदराबाद के बीच में बसाया जा रहा है। इस शहर को बसाने के लिए ज़मीन अधिग्रहण का काम जल्दी ही शुरू होने वाला है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो इसी साल यानी 2023 में ही आपको एक नया नोएडा बसता हुआ नज़र आएगा। न्यू नोएडा में भी वर्तमान नोएडा शहर की तरह से ही उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम 1976 के नियमकायदे क़ानून लागू होंगे।
आपको बता दें कि नोएडा शहर की स्थापना उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम 1976 के तहत वर्ष 1977 में की गई थी। नोएडा व्यवस्थित योजनाबद्ध भारतीय शहर है और नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (NOIDA) इसकी देखरेख और प्रबंधन करता है। 1975-1977 के दौरान शहर यूपी औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 के तहत बनाया गया था। इसकी स्थापना 17 अप्रैल 1976 को की गई और 17 अप्रैल को 'नोएडा दिवस' के रूप में मनाया जाता है। नोएडा को दिल्ली का एक उपनगरीय शहर भी कहा जाता है। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा है।
वर्त्तमान नोएडा शहर के विकास के इतिहास का 1972 से शुरू हुआ, जब उत्तर प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र में अनधिकृत जमीन की खरीद फ़रोख्त और अनियमित विकास की सम्भावना का ध्यान रखते हुए, दिल्ली के निकट स्थित बुलंदशहर जिले के 50 गाँवों को UP Regulation of Building Operations Act, 1958 के तहत “यमुना- हिंडन -दिल्ली सीमा क्षेत्र ” के रूप में घोषित किया गया।
प्राधिकरण ने विनियमित क्षेत्र के विकास के विभिन्न पहलुओं पर 5 साल विचार किया, लेकिन एक नए शहर की स्थापना के लिए बहुत कुछ नहीं कर सकीं। अंत में 17 अप्रैल 1976 को उत्तर प्रदेश सरकार ने 36 गाँवों को नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण के रूप में अधिसूचित किया।
नोएडा विकास प्राधिकरण के पास तेजी से लैंडबैंक खर्च हो रहा है। नोएडा शहर का डेवलपमेंट करीब करीब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अब केवल नोएडा साउथ और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे ही जमीन बची है। इन दोनों इलाकों में नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। किसानों से जमीन खरीदने के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। नोएडा की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया इस वित्त वर्ष के दौरान न्यू नोएडा और नोएडा में तेजी से जमीन खरीदने का आदेश चेयरमैन द्वारा दिया गया है।
न्यू नोएडा शहर को बसाने के लिए प्रारंभिक दौर में ग्रेटर नोएडा के नजदीक वाले गांवों में जमीन की खरीदारी की जाएगी। दादरी तहसील क्षेत्र से जमीन खरीदने के बाद यह प्रक्रिया सिकंदराबाद तहसील के गांवों में आगे बढ़ेगी। न्यू नोएडा मुख्य रूप से लोजिस्टिक्स हब के तौर पर विकसित होगा। जल्दी ही नोएडा प्राधिकरण यहाँ भूमि अधिग्रहण की दरें तय करेगा।
इस इलाके में किसानों के साथ लैंड पूलिंग फार्मूला अपनाया जाएगा। इसके बाद निर्धारित हिस्सा किसानों को वापस लौटाया जाएगा। उस विकसित ज़मीन पर किसान अपनी सुविधा के अनुसार डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ला सकेंगे। हालाँकि, उन विकास परियोजनाओं पर प्राधिकरण के नियम लागू होंगे।