
Noida News (चेतना मंच)। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में जून 2023 से आयोजित होने वाले स्पेशल ओलम्पिक वर्ल्ड समर गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय खिलाडिय़ों की तैयारियों के लिए तीसरा राष्ट्रीय शिविर सेक्टर-125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में लगाया गया। इस शिविर में देश के 23 राज्यों के 177 स्पेशल एथलीटों सहित 380 से अधिक कैंपर युवा 15 खेलों के लिए तैयारी करने के लिए इकट्ठा हुए है। शिविर को युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। जिसमें सभी तरह के खेल यूनिवर्सिटी के विशाल परिसर में चल रहे हैं और गोल्फ का आयोजन नोएडा गोल्फ कोर्स में किया जा रहा है।
एमिटी यूनिवर्सिटी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में स्पेशल ओलम्पिक भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा ने खिलाडिय़ों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वर्ल्ड गेम्स एथलीटों के लिए अपनी काबिलियत, पाजिटिविटी और आत्मविश्वास दिखाने का एक शानदार अवसर है। यहां एमिटी यूनिवर्सिटी में जारी नेशनल कैंप में हमारे एथलीट अपने कोचों के देखरेख में अपनी क्षमताओं को और भी अधिक बढ़ा रहे हैं, और वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने के लिए अधिक आत्मविश्वास प्राप्त कर रहे हैं।
भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान पद्मश्री रानी रामपाल ने एथलीटों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा, मैं इस तरह के सुंदर प्रयास का हिस्सा बनकर बहुत खुश महसूस कर रही हूं, और आशा करती हूं कि वे देश के लिए कई ख्याति अर्जित करें। उन्होंने कहा कि केवल खेलों में ही हम सभी को एक साथ लाने और मौजूदा बाधाओं को तोडऩे की शक्ति है। विश्व खेलों से पहले एमिटी विवि में आयोजित राष्ट्रीय शिविर में एथलीटों को प्रदान की जा रही सुविधाओं के स्तर को देखकर अच्छा लग रहा है।
एमिटी यूनिवर्सिटी के संस्थापक व प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. अशोक चौहान इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए और कहा कि इस शिविर का उद्देश्य व्यक्तिगत रूप से और साथ ही एथलीटों के प्रतिस्पर्धी कौशल को इस वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। कोचों की ब्रीफिंग और एथलीटों के प्रशिक्षण के सत्र दोनों को समग्र अनुभव सुनिश्चित करने के लिए समानांतर चल रहे हैं, साथ ही इन दोनों के बीच आपसी जुड़ाव के ज्यादा अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।
एमिटी ह्यूमैनिटी फाउंडेशन के तत्वावधान में अमिताशा और अतुलशा स्कूलों के माध्यम से विकलांग और कम सुविधा प्राप्त बच्चों का समर्थन करने के लिए जबरदस्त काम कर रहा है। यह एमिटी द्वारा हासिल किया गया एक और मील का पत्थर है जो दिव्यांगों के व्यक्तित्व के समग्र विकास के लिए उनके प्रयासों का समर्थन करता है और उन्हें अपने कौशल का प्रदर्शन और पोषण करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
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गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. महेश शर्मा ने राष्ट्रीय शिविर में आये खिलाडिय़ों को जर्मनी में होने वाली प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि दिव्यांग बच्चे ईश्वर की अनमोल कृति हैं। उनमें भी आम लोगों की तरह प्रतिभाओं का भंडार छिपा होता है। समाज को इन्हें अपने से अलग नहीं समझना चाहिए। पूर्व में हुए टोक्यो पैरा ओलंपिक में खिलाडिय़ों ने देश के लिए मेडल जीतकर पूरी दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। आज आवश्यकता है कि ईश्वर की इस अनमोल कृति को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग दें तथा आम खिलाडिय़ों की तरह इन्हें भी मौका दें।