
Noida News (चेतना मंच)। लाखों घर खरीदारों के सपने को चकनाचूर करने वाले बिल्डरों के गिरोह के सरगना व सुपरटेक के मालिक आर.के. अरोड़ा ने न केवल सरकारी खजाने को लूटा बल्कि अपने साथ काम करने वाले ठेकेदारों के लाखों करोड़ों रुपये भी डकार गया। सुपरटेक बिल्डर आर.के. अरोड़ा सहित 8 लोगों के खिलाफ एक पीड़ित ठेकेदार ने थाना सेक्टर-39 में काम का पैसे न देने व धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।
ग्राम सर्फाबाद निवासी रविंद्र यादव ने बताया कि वह निर्माणाधीन इमारतों का कॉन्ट्रेक्ट लेकर प्लास्टर कराने का काम करता है। उसने वर्ष 2013 में सुपरटेक कंपनी के ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के प्रोजेक्ट इको विलेज 2 में प्लास्टर कराने का कार्य किया था। यह कार्य उसे ग्रीप कंस्ट्रक्शंस के प्रोपराइटर प्रवीण बत्रा व लोकेश वर्मा के द्वारा दिया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि उसे काम करने के बाद पेमेंट सही समय से दे दी जाएगी। उसने अपने कार्य को समय से पूरा कर 80 लाख रुपये का बिल सुपरटेक बिल्डर के पास भेजा। इस पर सुपरटेक बिल्डर व ग्रीप कंस्ट्रक्शन ने उसे 44 लाख रुपये दे दिए। आरोपियों ने उसके बकाया 34 लाख 73 हजार 279 रुपये का भुगतान नहीं किया। गत 30 जुलाई 2022 को वह सेक्टर-96 स्थित सुपरटेक बिल्डर के ऑफिस पहुंचा।
सुपरटेक के डायरेक्टर आर.के. अरोड़ा, मोहित अरोड़ा, विकास कंसल, राजीव तेवतिया, प्रवीण बतरा व लोकेश वर्मा से अपने बकाया पैसे देने की मांग की। पीडि़त का आरोप है कि पैसे मांगते ही सभी आरोपी आग बबूला हो गए और उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और अपने बाउंसर बुलाकर उसे ऑफिस से बाहर निकलवा दिया। अपने साथ हुई घटना की जानकारी उसने थाना सेक्टर 39 पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
थाना प्रभारी ने बताया कि पीडि़त की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई है पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। Noida News