Noida News : भू-माफियाओं के चंगुल में है यमुना खादर का क्षेत्र
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 01:08 AM
Noida : नोएडा। प्रशासन, सिंचाई विभाग व रजिस्ट्री विभाग की लापरवाही तथा साठगांठ के कारण यमुना खादर का क्षेत्र पूरी तरह भू-माफियाओं के चंगुल में चला गया है। इस ओर ना तो प्रशासन को कोई चिंता है और ना ही शासन को। यह गोरखधंधा पिछले कई वर्षों से बदस्तूर चल रहा है। यमुना नदी के आसपास डूब क्षेत्र में खुलेआम कॉलोनी काटी जा रही है। यहां पर फार्म हाउस एवं अवैध निर्माण खुलेआम चल रहे हैं। ताज्जुब इस बात का है कि इसके बावजूद भी आज तक किसी भी महकमे ने यहां तक पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की है।
नोएडा में कालिंदी कुञ्ज से लेकर असदुल्लाहपुर गांव तक यमुना नदी का खादर पूरी तरह खत्म हो चुका है। करीब 6 किलोमीटर के इस दायरे में बड़े-बड़े फार्म हाउस बनाकर माफिया बेच रहा है। यहां दिल्ली-एनसीआर ही नहीं चंडीगढ़, लखनऊ और जयपुर तक के लोगों ने फार्म हाउस खरीद रखे हैं। माफिया ने यहां करीब 5,000 बीघा जमीन पर फार्म हाउस बनाकर बेचे हैं। बड़ी बात यह है कि सारी जमीन यमुना नदी के खादर की है। हजारों की संख्या में फार्म हाउस बनाए गए हैं। नंगली, नंगला, चक मंगरौला, नंगली साकपुर, नंगला बहरामपुर, दोस्तपुर मंगरौली, किड़वाली और असदुल्लाहपुर गांवों की यमुना खादर वाली जमीन माफिया ने बेच डाली है।
यमुना नदी में माफिया सड़कें बना रहा है और इमारतें खड़ी कर रहा है। फार्म हाउसों की पक्की और ऊंची दीवारें बनाई गई हैं। कई मंजिला इमारत फार्म हाउस के नाम पर हैं। इमारतों के भीतर तमाम तरह के उपकरण और सामान इस्तेमाल हो रहे हैं। जिनका प्रवेश यमुना खादर में पूरी तरह प्रतिबंधित है। इतना ही नहीं, यहां माफिया ने फार्म हाउस बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पुराने वृक्षों की कटाई की है। यमुना नदी का पूरा इकोसिस्टम खत्म कर दिया गया है। बड़े पैमाने पर कंक्रीट, सीमेंट और स्टील का उपयोग निर्माण गतिविधियों में हुआ है। पर्यावरणविद विक्रांत तोंगड़ ने इस पर कहा, इसमें कोई दोराय नहीं कि नोएडा के खादर क्षेत्र को बर्बाद कर दिया गया है। यह बात एकदम सही है कि माफिया यमुना ने नदी की हत्या कर दी है। नोएडा के पास इस जमीन की कीमत बहुत ऊंची है। लोग यमुना नदी के किनारे दिल्ली और नोएडा के नजदीक फार्म हाउस देखकर ललायित हो जाते हैं। केंद्र सरकार के वाटरमैन अवार्ड से सम्मानित विक्रांत तोंगड़ ने कहा, यहां एक शहर बसा दिया गया है। जिसमें रहने वाले लोगों का सीवर सीधे नदी में जा रहा है। कूड़ा, प्लास्टिक और गार्बेज से पूरा इलाका भरा पड़ा है। यमुना का खादर एक तरफ नोएडा और दूसरी ओर दिल्ली के फेफड़ों का काम करता है। विक्रांत आगे कहते हैं, फार्म हाउस बनाने के लिए यहां पुराने पेड़ों को बड़े पैमाने पर काटा गया है।
स्थानीय ग्रामीण समय सिंह चौहान ने बताया, जब तक यहां फार्म हाउस जैसी अवैध गतिविधियां शुरू नहीं हुई थीं, तब तक बड़ी संख्या में काले हिरण, नीलगाय, सारस, बारहसिंघा हिरन और चीतल जैसे वन्यजीव यहां रहते थे। इन वन्य जीवों की संख्या बहुत ज्यादा थी। जैसे-जैसे यमुना खादर क्षेत्र में अवैध फार्म हाउस बनने शुरू हुए, उसके साथ ही यहां से वन्यजीव पलायन करने लगे। वन विभाग, सिंचाई विभाग, नोएडा अथॉरिटी और नोएडा पुलिस के अफसरों की मिलीभगत भूमाफिया से रही है। जिसकी वजह से इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती है।