Noida News : कोई इनसे सीखे दोहरे हमलों के बीच जीने की जंग
भारत
RP Raghuvanshi
27 Nov 2025 04:21 PM
भारत
RP Raghuvanshi
27 Nov 2025 04:21 PM
Noida : नोएडा । आपराधिक मानसिकता के सनकी तत्वों द्वारा लड़कियों के चेहरे पर एसिड डालने से घायल लड़की बमुश्किल दर्द व कष्ट से तो किसी तरह उबर जाती हैं लेकिन इसके बाद जो सामाजिक हमले होते हैं उनसे लोहा लेना कितना मुश्किल होता है, यह भुक्तभोगी तेजाब हमले से प्रभावित लड़कियों से बेहतर भला कौैन जानता होगा।
सीमा राजपूत, अंशु राजपूत, रितु सैनी, डॉली, नगमा, रूकैया, रूपा, विमला, खुशबू आदि ऐसी भुक्तभोगी लड़कियों ने अपना यह दर्द जब बयां किया तो रोंगटे खड़े हो गए।उन्होंने बताया कि महीनों व वर्षों अस्पताल में दर्द की वेदना से ठीक होने के बाद जब बदसूरत चेहरा लेकर समाज में चलना-फिरना दूभर हो जाता है। लोगों के तरह-तरह के ताने, अपनों के ताने सुनने के बाद ग्लानि होती थी कि एसिड हमलावरों से तो किसी तरह बच गये लेकिन इन सामाजिक हमलों से कैसे बचा जाए। कुछ ने बताया कि उनके रिश्तेदारों, करीबियों ने डाक्टरों को यहां तक कह दिया कि कोई इंजेक्शन लगा दो ताकि जिंदगी खत्म हो जाए। जिंदा रहकर वे क्या करेंगी। परिवार का बोझ ही बनेगी। इसी स्थिति के बीच उन्हें रोज दो-चार होना पड़ता था, लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी।
लेकिन 'छांव फाउंडेशन' ने इस दिशा में कार्य किया तथा ऐसी लड़कियों को स्वावलंबी तथा समाज के प्रति उनकी जवाबदेही को सशक्त करने का कार्य किया। फाउंडेशन के संस्थापक आलोक दीक्षित ने बताया कि ऐसी करीब 150 लड़कियों से संपर्क कर संस्थान ने उनके लिए संघर्ष किया। उन्होंने आगरा तथा लखनऊ में एसिड प्रभावित लड़कियों को कैफे शीरोज हैंगआउट नाम से क्योस्क आवंटित कराये ताकि वे जीविकोपार्जन कर सकें। अब उन्होंने नोएडा प्राधिकरण के सहयोग से दो क्योस्क के संचालन की जिम्मेदारी इनको सौंपी। इन तीनों स्थानों पर क्योस्क में 30 से 35 एसिड अटैक से पीडि़त लड़कियां काम कर रही हैं। सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. महेश शर्मा, नोएडा के विधायक पंकज सिंह, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, एसीईओ प्रवीण मिश्रा ने एसिड प्रभावित लड़कियों को आर्थिक व सामाजिक मदद का पूरा आश्वासन दिया है।
और भी क्योस्क उपलब्ध कराएगा प्राधिकरण: सीईओ
नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि छांव फाउंडेशन को जितने भी क्योस्क चाहिए प्राधिकरण उनकी व्यवस्था करेगा। पार्कों में ऐसी जगह चिन्हित कर क्योस्क बनाये जाएंगे जिससे एसिड अटैक प्रभावितों को लाभ मिल सके। बता दें कि प्राधिकरण इसके पूर्व महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स, पिंक स्टेशन के अलावा ट्रांसजेंडर के लिए प्राईड मेट्रो स्टेशन बना चुकी है। जहां पर ट्रांसजेंडर्स की नियुक्ति कर उनको ड्यूटी दी गयी ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।