
Noida News : अस्पताल इंसानों की बीमारी ठीक करने व जान बचाने के लिए बनाए जाते हैं। जब अस्पताल के कारण ही किसी की जान चली जाए तो मरने वाले के परिवार पर क्या बीतती है इसका अंदाजा लगाना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है। नोएडा के सेक्टर 39 स्थित सरकारी अस्पताल में एक ऐसी घटना घटी है कि उस घटना को हर सुनने वाला हैरान व परेशान है।
नोएडा के सेक्टर 39 में बने सरकारी अस्पताल की अव्यवस्था ने 25 साल के जवान युवक रविंद्र की जान ले ली। हुआ यह कि सड़क दुर्घटना में घायल होने के कारण रविंद्र नाम का युवक इलाज कराने सरकारी अस्पताल गया था। वहां के स्टॉफ ने उसे अल्ट्रासाउंड की लाइन में लगा दिया। दर्द से तड़पते हुए रविंद्र की उसी लाइन में मौत हो गई।
आपको बता दें कि रविंद्र नामक 25 वर्षीय युवक सोमवार की सुबह करीब 11 बजे दादरी बाईपास पर सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। उसकी बांयी टांग में फ्रैक्चर था। राहगीर ने उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती करा दिया था, जहां से उसे सोमवार शाम ही जिला अस्पताल लाया गया। बृहस्पतिवार को उसके पैर का ऑपरेशन होना था। बुधवार की सुबह रविंद्र की हालत स्थिर थी। उल्टी होने की शिकायत पर डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी थी। दोपहर करीब 12.30 बजे परिजन स्ट्रेचर पर लिटाकर अल्ट्रासाउंड केंद्र ले गए।, रविंद्र को दर्द से तड़पते देख परिजन लगातार डॉक्टरों और स्टाफ से जल्दी अल्ट्रासाउंड करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। रविंद्र की तबीयत बिगड़ गई। उसे आईसीयू में ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया।
जैसा कि अक्सर सभी सरकारी मामलों में होता है इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है। सरकारी अस्पताल की सीएमएस डा. रेनु अग्रवाल ने पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी बना दी है। इस कमेटी को 48 घंटे में पूरे मामले की जांच करके रिपोर्ट देने को कहा गया है। उसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही तय करने की बात कही गई है। Noida News