
Noida News : नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लंबे अर्से से परेशान हजारों फ्लैट बॉयर्स के लिए अच्छी खबर आ रही है। खबर यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार लोकसभा के 2024 में होने वाले आम चुनाव से पहले फ्लैट बॉयर्स के सभी मामलों को हल करने के लिए सक्रिय है।
आपको बता दें कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कुकुरमुत्तों की तरह बिल्डर पैदा हुए हैं। उत्तर प्रदेश में रही समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी की सरकारों के समय बिल्डरों को बेस कीमती सरकारी जमीन बेहद सस्ते दामों पर आवंटित की गई। आंवटन के पहले पूरी कीमत के मात्र 10 प्रतिशत पैसे उनसे लिए गए। यह पूरा खेल ''सेटिंग गैटिंग'' के फार्मूले पर चला।
ज्यादातर बिल्डरों ने बड़े बड़े विज्ञापनों के जरिए फ्लैट देने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जमा करा लिए। कुछ बिल्डरों ने तो फ्लैट दे दिए किंतु ज्यादातर आम इच्छक बायर्स का पैसा हड़प कर ले गए। जिन बिल्डरों ने फ्लैट बनाकर दे भी दिए उन फ्लैटों पर बॉयर्स को मालिकाना हक आज तक नहीं मिला है। अपनी बकाया राशि चुकता किए बिना नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण फ्लैटों की रजिस्ट्री की अनुमति नहीं दे रहे है। इन सब समस्याओं को निपटाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार अब सक्रिय नजर आ रही है।
आपको बता दें कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा में फ्लैट बॉयर्स की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने अतिमाभ कांत की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी बनाई थी। भारत के नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत की समिति ने अपनी संस्तुति की रिपोर्ट इसी साल 2023 के जनवरी में केंद्र सरकार को सौप दी थी। केंद्र सरकार ने अपनी टिप्पणी के साथ उस रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा था।
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने अमिताभ कांत समिति की रिपोर्ट को नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पास भेजा है। बताया जा रहा है कि अमिताभ कांत की अध्यक्षता वाली समिति ने जो सिफारिशें की हैं उनका पालन करने से बॉयर्स की समस्याओं का हल निकल जाएगा।
नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट का विश्लेषण करके उसे लागू करने के मकसद से नोएडा प्राधिकरण व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने अधिकारियों की समिति का गठन किया है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा गठित कमेटी में नोएडा प्राधिकरण के दो ACEO, वित्त नियंत्रक, CLA व मुख्य वास्तुविद टाउन प्लानर को शामिल किया गया है। ठीक इसी प्रकार की कमेटी ग्रेटर नोएडा में भी बनाई गई है। यह कमेटी जल्दी ही अपनी रिपोर्ट देकर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करेगी। Noida News