
सार
Noida News : आजकल शादी विवाह हो, कोई भंडारा अथवा जन्म दिन की दावत भोजन केवल बुफे (buffet) में परोसा जाता है। ऐसा लगता है कि मानो पंगत में बैठकर पत्तल पर खाना तो हम भूल ही गए हैं। यदि आपने पंगत में बैठकर पत्तल पर भोजन नहीं किया तो सच मानिए आप एक अदभुत आनंद से वंचित हैं।
विस्तार
Noida News : नोएडा शहर के सेक्टर 49 के पास एक पुराना गांव स्थित है। गांव का नाम है बरौला। हाल ही में बरौला में सत्यनारायण की कथा के बाद भंडारे का आयोजन हुआ। यह आयोजन पूरे साल होने वाले तमाम आयोजनों से बिल्कुल ही अलग था। अत्याधुनिक शहर में गिने जाने वाले नोएडा शहर के बीचोबीच बसे बरौला गांव में भंडारे का पूरा भोजन पंगत लगाकर पत्तलों पर परोसा गया।
नोएडा के बरौला गांव में दशकों बाद पंगत में बैठकर पत्तल पर भोजन करने का आनंद सैकड़ों लोगों ने लिया। इस आनंद को अपने शब्दों में में बयान करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता आरपी सिंह ने बताया कि बचपन में पत्तल पर भोजन किया था। बहुत वर्षों बाद अचानक पंगत में बैठकर पत्तल पर भोजन करने का आनंद बेहद अनोखा व अदभुत था। ऐसा लग रहा था कि मानो हम अपने पूर्वजों के समय में वापस लौट गए हों।
बरौला के भंडारे में पंगत में बैठकर पत्तल पर भोजन करने के बाद जब 65 वर्षीय अरुण मिश्रा ने अपने अनुभव अपनी पत्नी पूर्णिमा मिश्रा के साथ साझा किए तो उन्होंने पंगत में बैठकर भोजन करने को कुछ इस प्रकार बयां किया। उन्होंने कहा कि ....
शादी विवाह के (buffet) खाने में वो आनंद नहीं...जो उनदिनों पंगत में आता था जैसे......
फटाफट पहले जगह छेकना..
बिना फटे पत्तल का सिलेक्शन...
उतारे हुयें चप्पल जूतें पर आधा ध्यान रखना...
फिर पत्तल पे ग्लास रखकर उड़ने से रोकना..
नमक रखने वाले को जगह बताना...
यहां रख नमक...
सब्जी देने वाले को गाइड करना..
हिला मिला के दे या थोड़ा थोड़ा देना..
उँगलियों के इशारे से मिठाई और गुलाब जामुन लेना...
पूरी छाँट छाँट के और गरम गरम लेना...
पीछे वाली पंगत में झांक के देखना क्या क्या आ गया...
अपने इधर और क्या बाकी है..
जो बाकी है उसके लिए आवाज लगाना...
पास वाले रिश्तेदार के पत्तल में जबरदस्ती पूरी रखवाना..
रायते वाले को दूर से आता देखकर फटाफट रायते लेना...
पहले वाली पंगत कितनी देर में उठेगी..
उसके हिसाब से बैठने की पोजीसन बनाना...
और आखिर में पानी वाले को खोजना...
आज भी कई जगह थोड़ी बहुत जीवित है यह व्यवस्था पर धीरे धीरे विलुप्त होती जा रही है...
क्यों सही कहा न ? ( Noida News)