
Noida News : नोटिस के बाद भी नोएडा प्राधिकरण के करीब 9 हजार करोड़ के बकायेदार बिल्डर्स पर अब कड़ी कार्रवाई की तलवार लटक चुकी है। पहले आरसी के जरिए वसूली के प्रयास किए जाएंगे। सफलता न मिलने पर संपत्ति जब्त कर आबंटन रदद किया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) प्रसून द्विवेदी ने बताया कि कुछ बकाया जमा हुआ है। लेकिन अधिकांश बिल्डर नोटिस के बाद भी भुगतान करने में आनाकानी कर रहे हैं। नोटिस देकर ऐसे बिल्डर्स को 15 दिनों का वक्त दिया गया था। वह समय सीमा भी अब समाप्त हो गयी है। अब ऐसे बिल्डर्स से वसूली के लिए आरसी जारी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 56 बिल्डरों पर 9 हजार करोड़ रुपए बकाया है। वैसे कुल बकाया 12 हजार करोड़ रुपए का है। इसमें 3 हजार करोड़ रुपए एनसीएलटी में चल रहे मामलों के है। बता दे हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश को निष्प्रभावी करते हुए नोएडा प्राधिकरण की ब्याज दर के हिसाब से बिल्डरों को बकाये का भुगतान करने का आदेश दिया था। नोएडा में 100 परियोजनाओं पर बकाया चल रहा है।
बकाए की गणना 11.5 प्रतिशत साधारण ब्याज और तीन प्रतिशत दंड ब्याज के साथ करवाई है। यह दरें 30 जून 2020 तक लगाई गई हैं। इसके बाद 1 जुलाई 2020 से गणना नौ जून 2020 को आए शासनादेश के मुताबिक की गई हैं। शासनादेश में बकाये पर एमसीएलआर के मुताबिक ब्याज दरें और एक प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क लेने के निर्देश जारी हुए थे। बिल्डरों का कहना है कि प्राधिकरण द्वारा जिस ब्याजदर से बिल्डरों पर वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है, वह बिल्डरों के लिए दे पाना संभव नहीं है। इस वसूली से 95 प्रतिशत से अधिक बिल्डर दिवालिया हो जाएंगे और तीन लाख से अधिक घर भी फंस जाएंगे। उन्होंने मांग की है बिल्डरों के लिए ओटीएस स्कीम लायी जाए।
पैसा जमा करने के साथ ही नोएडा में आठ हजार बायर्स की रजिस्ट्री फंस सकती है। इसमें आम्रपाल, यूनीटेक और जेपी के अलावा एनसीएलटी के मामले शामिल नहीं है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि संपत्ति जब्त करने से पहले ही बिल्डर प्राधिकरण को पैसा जमा करवा देगा। जिन बिल्डर्स को नोटिस जारी किए गए थे उनमें से प्रमुख तौर पर ओमेक्स बुल्डवेल, एजीसी रियल्टी, एटीएस टाउनशिप, सनवर्ल्ड रेजीडेंसी, इमपेयिरल हाउसिंग वेंचर्स,
टीजीबी रियलकॉन, प्रतीक इंफ्रा प्रोजेक्ट इंडिया, एमपीजी रियल्टी, गुलशन होम्ज, कैपिटल इंफ्राप्रोजेक्टस, आईआईटीएल निबंस द हाइड पार्क, सनवर्ल्ड डेवलेपर्स, महागुन रियल एस्टेट, फ्यूटैक शेल्टर्स, सनशाइन इंफ्रावेल, नेक्सजैन इंफ्राकॉन, एम्स प्रोमोटर्स, गुलशन होम्स एंड इंफ्रास्टक्चर्स, स्काईटैक कंस्ट्रक्शन, पारस सीजन्स हेवन, डिवाइन इंडिया, पेन रियल्टर्स, प्रतीक रियल्टर्स, सिविटैक डेवलेपर्स, परफेक्ट मेगा स्टक्चर्स, एपेक्स ड्रीम होम, आरजी रेजीडेंसी आदि हैं।