
Noida News (चेतना मंच)। कुख्यात सरिया और स्क्रैप माफिया रवि नागर उर्फ़ रवि काना के खिलाफ नोएडा कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में है। स्क्रैप माफिया रवि नागर और उसके गैंग के खिलाफ एक ही रात में लंबी स्क्रीप्ट लिखी गई। स्क्रीप्ट तैयार होते ही तुरंत ही कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुलिस ने छह माह पुरानी दुष्कर्म पीड़िता युवती की उस शिकायत पर भी कार्रवाई कर दी, जो छह माह से पुलिस थाने की फाइल में दबी पड़ी थी। एक ही रात में नोएडा पुलिस ने रवि नागर के खिलाफ ऐसा अभियान चला कि 16 लोगों पर गैंगस्टर लगा दी और प्रशासन से मिली सुरक्षा को भी हटा दिया। पुलिस के एक्शन मोड़ से माफियाओं में खलबली मची हुई है।
थाना बीटा-2 प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के ग्राम दादूपुर दनकौर निवासी रवि नागर उर्फ रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना पुत्र यतेंद्र, उसकी पत्नी मधु, राजकुमार नागर पुत्र बलराज निवासी ग्राम दादूपुर, तरुण छोंकर पुत्र स्व. बिजेंद्र निवासी सरायथला सोहना गुरुग्राम हरियाणा, अमन पुत्र राजेश निवासी सी-93 ओमीक्रोन 1 कासना, विशाल पुत्र वीरेंद्र निवासी कासना, अवध उर्फ बिहारी उर्फ अमर सिंह निवासी पुत्र राजकुमार निवासी दादूपुर, महकी नागर उर्फ महकार पुत्र जगमाल नागर निवासी दादुपुर, अनिल पुत्र मनसा राम निवासी दादूपुर, विक्की पुत्र नानक चंद निवासी सलारपुर जारचा, अफसार पुत्र मकसूद निवासी लोहला अगौता, बुलंदशहर, राशिद अली पुत्र शकील निवासी कपूरपुर, धौलाना हापुड़, आजाद नागर पुत्र धर्मवीर निवासी दादूपुर, प्रहलाद पुत्र अंतराम बड़ा गांव कमतरी, आगरा, विकास नागर पुत्र सतपाल नागर निवासी दादूपुर, कुमारी काजल झा पुत्री सुनील कुमार निवासी न्यू फ्रेंडस कालोनी नई दिल्ली के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि रवि नागर ने एक संगठित गिरोह बना रखा है। यह गिरोह अपने भौतिक एवं आर्थिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पिछले काफी समय से जनपद में सरिया व स्क्रैप के अवैध व्यवसाय में सक्रिय है। गिरोह के सदस्य विभिन्न निर्माणाधीन साइटों पर आने वाले सरियों सेभरे ट्रकों को रास्ते में रोक लेते हैं इसके बाद इस गिरोह के सदस्य ट्रक चालक को डरा धमकाकर सरिया उतरवा लेते हैं। सरिया उतरवाने के बाद रवि नागर व उसके गुर्गे साइट के मैनेजर को डरा धमका कर स्टॉक बुक में पूरा वजन अंकित करवा देते हैं। दबंगई से उतारे गए सरिए को बाजार भाव से व्यापारियों को बेचकर गिरोह द्वारा अनुचित लाभ उठाया जा रहा है।
गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किया गया रवि नागर उर्फ़ रवि काना का सरिया के अवैध व्यवसाय के साथ-साथ स्क्रैप के व्यापार में भी खासा बोलबाला है। रवि के इशारे पर उसके गुर्गे ग्रेटर नोएडा की फैक्ट्री से निकलने वाले स्क्रैप के टेंडर को मनचाही दर पर उठाते हैं। आलम यह है कि रवि नागर के इशारे पर उसके गुर्गे अपनी कंपनी तथा सहयोगियों की बेनामी कंपनियों के नाम बाजार रेट का 1 से 10 प्रतिशत यानी अत्यंत न्यूनतम दर पर टेंडर प्राप्त करते हैं।
स्क्रैप के व्यापार में रवि का इस कदर बोलवाला है कि कोई उसके सामने टेंडर डालने की हिम्मत नहीं करता है। अगर कोई व्यक्ति टेंडर भर भी देता है तो उसके गुर्गे उसे भयभीत कर टेंडर वापस लेने पर मजबूर कर देते हैं। पुलिस के मुताबिक रवि नागर की कंपनी प्राइम प्रेसिंग टूल प्राइवेट लिमिटेड ने महज 3 वर्षों में 97 प्रतिशत की दर से अवैध तरीके से वृद्धि की है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ से प्राप्त इनपुट के आधार पर गैंग लीडर रवि नागर अवैध सरिया व स्क्रैप का कारोबार कुख्यात अनिल दुजाना गिरोह के लिए कर रहा था। अनिल दुजाना की मुठभेड़ में मौत के बाद अब स्क्रैप के काले कारोबार की पूरी कमान रवि के हाथ में है।
पुलिस के मुताबिक सरिया के अवैध कारोबार के चलते रवि नागर के बड़े भाई हरेंद्र प्रधान की हत्या सुंदर भाटी गिरोह ने की थी। हालांकि इस हत्या के पीछे कुछ लोगों का कहना है कि हरेंद्र प्रधान का सरिया के कारोबार के साथ-साथ राजनीति में भी लगातार कद बढ़ रहा था। इसी कारण उसकी सुंदर भाटी गैंग से ठन गई थी। हरेंद्र प्रधान की तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान पार्टी के नेताओं से गहरी पैट थी। इसी कारण उसने सरिया व स्क्रैप के अवैध कारोबार में अपना एक अलग मुकाम बना लिया था।
सरिया के कारोबार पर वर्चस्व को लेकर वर्ष 2015 में ग्रेटर नोएडा के नियाना गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए हरेंद्र प्रधान और उनके सरकारी गनर भूदेव शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने सुंदर भाटी व उनके गुर्गों के खिलाफ हत्या किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। हरेन्द्र प्रधान हत्याकांड के बाद परिवार को सरकारी सुरक्षा भी दी गई थी। हरेन्द्र प्रधान की हत्या के बाद उसकी पत्नी ने सपा के टिकट से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था लेकिन उसे हार का मुंह देखना पड़ा था। प्रदेश में राजनैतिक परिदृश्य बदलने पर हरेन्द्र नागर के परिवार ने भाजपा का दामन थाम लिया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गैंगस्टर रवि नागर के खिलाफ करीब 5 साल पहले पुलिस ने रंगदारी और सरिया चोरी का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पिछले साल भी रवि नागर और राजकुमार के खिलाफ थाना ईकोटेक-3 और कासना थाने में रंगदारी मांगने का केस दर्ज हुआ था। हालांकि इन दोनों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। हाल में अब रवि नागर व उसके साथियों के खिलाफ थाना सेक्टर-39 में एक युवती के साथ बलात्कार के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई से स्क्रैप माफिया व उसके गुर्गों में हडक़ंप मचा हुआ है। Noida News