
Noida News : बीमार व्यक्ति की दवा को लेकर एक कहावत है कि जब बड़े से बड़े डाक्टर द्वारा दी गई दवाई काम नहीं आती है तो मिट्टी काम आ जाती है। आज भी बहुत सारे डाक्टर ऐसे हैं, कि उनके पास दवाई लेने के लिए दूर दूर से मरीज आते हैं। उनके द्वारा हाथ में इतना सफा होता है कि यदि वह अपने मरीज को एक छोटी सी गोली भी दे दें तो आराम लग जाता है। ऐसा ही कुछ नोएडा के जिला चिकित्सालय में देखने को मिला है। यहां पर कुछ ऐसे चिकित्सक हैं, जिनके हाथ से दी गई एक छोटी से गोली से ही रोगी को आराम लग जाता है।
सोमवार, 14 अगस्त को नोएडा के जिला चिकित्सालय में एक मरीज 300 किलोमीटर दूर का सफर तय करके दवा लेने के लिए केवल इसलिए पहुंचा, क्योंकि यहां के डाक्टर द्वारा दी गई दवाई ने उसे ऐसा आराम पहुंचाया, जो बड़े से बड़े डाक्टर द्वारा दी गई दवाई से भी नहीं मिला। नोएडा से 300 किलोमीटर दूर सैफई के मेडिकल कालेज में सुधार नहीं होते देख वहां के मोहित शुक्ला अपनी 70 वर्षीय मां को एंबुलेंस में लेकर यहां दवा लेने के लिए पहुंचे।
नोएडा के जिला अस्पताल के आईसीयू में उनकी मां का उपचार चल रहा है। आईसीयू के डाक्टरों ने बताया कि 2021 में कोविड की दूसरी लहर के दौरान मोहित खुद बीमार हो गए थे। उन्हें इसी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था और कुछ दिन बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर पहुंच गए थे। तब से लेकर आज तक मोहित शुक्ला नोएडा के सरकारी अस्पताल के मुरीद हैं।
नोएडा के सरकारी अस्पताली के डाक्टर ने बताया कि अब कई दिनों से मोहित की 70 वर्षीय मां बीमार है। उन्हें सैफई के मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था, लेकिन कोई राहत न मिलने पर मोहित अपनी मां को लेकर नोएडा आए हैं। मोहित ने बताया कि वह 300 किलोमीटर लंबा सफर तय करके यहां आए हैं। उन्हें सैफई से यहां तक आने में करीब चार घंटे का समय लगा। Noida News