
Noida News (चेतना मंच)। कोरोना काल में लॉक डाउन के दौरान नौकरी जाने से बेरोजगार हुए तीन दोस्तों ने लोन दिलाने की ठग कंपनी खोल ली। लोन दिलाने के नाम पर आरोपियों ने सैकड़ों लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। इस ठग गिरोह के तीन सदस्यों को थाना सेक्टर-63 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से 5 लाख 13 हजार की नकदी, ठगी के पैसे से खरीदे गए प्लॉट व फ्लैट के पेपर, फर्जी लोन अप्रूवल लेटर सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। तीनों दोस्त प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के नाम पर फर्जी लोन दिलाने का झांसा देते थे।
एडीसीपी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि थाना प्रभारी अमित कुमार मान ने मुखबिर की सूचना पर सेक्टर-63 के एच ब्लॉक से विकास, दीपक व शाहरुख को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी सोशल मीडिया पर सस्ती दरों पर लोन दिलाने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। इनकी वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर जब कोई व्यक्ति इनसे लोन दिलाने के लिए बात करता था तो यह उस से विभिन्न प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रुपये लेते थे और उसे फर्जी लोन अप्रूवल लेटर थमा देते थे। आरोपियों के शिकार कई लोगों ने पुलिस से शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया।
पकड़े गए आरोपी बहरामपुर से अपने इस पूरे धंधे का संचालन कर रहे थे। इनके पास से लैपटॉप, सीपीयू, मॉनिटर, यूपीएस, 32 फर्जी लोन अप्रूवल लेटर, चार एटीएम कार्ड, दो स्कूटी, बाइक, 5 लाख 13 हजार की नकदी, ठगी की रकम से खरीदे गए प्लॉट और फ्लैट के पेपर बरामद हुए हैं।
आरोपी विकास ने बताया कि उसने बीटेक, दीपक ने बीकॉम किया हुआ है। इस गिरोह का तीसरा सदस्य शाहरुख 12वीं पास है। कोरोना की दूसरी लहर में लगे लॉकडाउन में उनकी नौकरी चली गई थी। काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें दोबारा नौकरी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने लोगों को ठगने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने लोन दिलाने के लिए एक फर्जी वेबसाइट बनाई और उसे सोशल मीडिया के जरिए संचालित करने लगे। एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। Noida News