नोएडा के आज के सभी प्रमुख समाचार एक साथ पढ़ें। कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई, ऑटो-ई रिक्शा की मार्किंग, डूब क्षेत्र में बिजली संकट, जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, हाउसिंग सोसायटी फ्लैटों की रजिस्ट्री और किसानों के आंदोलन समेत बड़ी खबरें।

Noida News : नोएडा क्षेत्र उत्तर प्रदेश ही नहीं दिल्ली-एनसीआर का भी प्रमुख क्षेत्र है। नोएडा शहर को पूरी दुनिया में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी के नाम से भी जाना जाता है। नोएडा शहर में रहने वाले अधिकतर नागरिक नोएडा के समाचारों से हर वक्त परिचित रहना चाहते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए चेतना मंच प्रतिदिन नोएडा के सभी ताजा समाचार आपको एक स्थान पर उपलब्ध कराता है। बृहस्पतिवार 3 सितंबर 2026 को नोएडा शहर के सभी ताजा समाचार हम आपको यहां विस्तार से पढ़वा रहे हैं। इन समाचारों को नोएडा शहर में प्रसारित तथा नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले क्षेत्र के प्रमुख समाचार पत्रों से लिया गया है।
बृहस्पतिवार 3 सितंबर 2026 को अमर उजाला अखबार ने अपने संस्करण में एक बहुत ही महत्वपूर्ण समाचार प्रकाशित किया है। अमर उजाला में प्रकाशित इस समाचार का शीर्षक “15 कोचिंग संस्थानों को बंद करने का नोटिस” रखा गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा में शिक्षा विभाग ने अवैध रूप से संचालित किए जा रहे 15 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी कर संचालन बंद करने के निर्देश दिए हैं। नोएडा (गौतमबुद्धनगर) में तैनात जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम-2002 के तहत सभी कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के किसी भी कोचिंग सेंटर का संचालन नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण चल रहे कोचिंग सेंटरों को निर्धारित प्रक्रिया पूरी कराकर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए थे। कोचिंग शुरू करने से पहले संचालक को सक्षम अधिकारी से अग्निशमन प्रमाणपत्र लेना और छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी निर्धारित व्यवस्थाएं पूरी करना भी जरूरी है। जांच में नोएडा शहर में चल रहे कैरियर कोचिंग सेक्टर-62, श्री चेतन सी-56, लम्ब्ररी एजुकेशन, कैरियर अटटा और तथा दा आदि कोटिल्या नोएडा, दा ब्रिज टू सक्सेस सेक्टर-59 और विजन सिविल सिर्विस, ब्राइट एजुकेशन सेंटर, विवेकानंद एकेडमी, अवयांश एजुकेशन एकेडमी, लाइफ सक्सेस एकेडमी, प्रॉफिट लर्निंग इंग्लिश क्लास सर्फाबाद, ज्ञानपीठ शिक्षा केंद्र शाहबेरी, अपेक्षा एकेडमी और लॉ प्रेप ट्यूटोरियल सेक्टर 62 नोएडा को भी नोटिस जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि आगे भी कोई कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के चलता मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला अखबार ने 3 सितंबर 2026 के अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “सड़कों पर बने घेरे में बिठाएंगे सवारी” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा शहर की सड़कों पर जाम का कारण बनने वाले ऑटो और ई रिक्शा को व्यवस्थित ढंग से खड़े करने के लिए सड़कों पर मार्किंग की जाएगी। मार्किंग के अंदर ही वाहन खड़े करके यात्रियों को बैठाया जा सकेगा। जहां अभी तक दो से तीन लाइनें लगाकर ई-रिक्शा और ऑटो खड़े होते थे अब उन्हें एक ही लाइन में खड़े होने की जगह दी जाएगी। ताकि यातायात सुचारू बना रहे। फिर भी अगर निर्धारित लाइन के बाहर ई रिक्शा और ऑटो मिलेंगे तो उनके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। शहर में मेट्रो स्टेशन, बाजार और लेफ्ट फ्री लेन पास ऑटो-ई रिक्शा का जमावड़ा लगा रहता है। इससे न केवल लोगों को दिक्कतें होती हैं बल्कि पीछे से आने वाले वाहनों को भी परेशानी होती है। यही नहीं इस वजह से सड़क पर पूरा यातायात प्रभावित हो जाता है। सेक्टर 18, सेक्टर 52, 15, बॉटनिकल गार्डन, सिटी सेंटर, नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन के बाहरं कुछ इसी कारण जाम के हालात बने रहते हैं। सवारी के चक्कर में ऑटो-ई रिक्शा पूरी सड़क घेरकर खड़े हो जाते हैं ऐसे में पीछे की सड़क पूरी जाम हो जाती है। प्रमुख स्थानों पर ऐसा हाल होने की वजह से पीक समय में यातायात की स्थिति बेहद खराब रहती है। इनके कारण थोड़ी सी दूरी तय करने में दस से पंद्रह मिनट का समय लग जाता है।
अमर उजाला ने 03 सितंबर 2026 के अंक में अपने नोएडा के संस्करण में “अंधेरे में 1400 विद्यार्थियों की पढ़ाई” शीर्षक से बडा समाचार प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा डूब क्षेत्र में बिजली कटने से चोटपुर-बहलोलपुर के चार स्कूलों के लगभग 1400 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूलों में न बिजली का बैकअप है और न ही आपूर्ति हो रही है। ऐसे में शिक्षक बिना बिजली के ही कक्षाएं संचालित करने को मजबूर हैं। पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने के लिए किसी तरह पढ़ाई जारी रखी जा रही है। चोटपुर-बहलोलपुर क्षेत्र में दो लाख से अधिक आबादी रहती है। इलाके में निम्न आय वर्ग के परिवारों की बड़ी संख्या है। कक्षा एक से हाईस्कूल तक के कई स्कूल यहां संचालित हैं। स्कूलों में कंप्यूटर समेत बिजली से चलने वाले अन्य उपकरण बंद पड़े हैं। शिक्षकों का कहना है कि बिजली संकट लंबे समय तक बना रहा तो पढ़ाई का शेड्यूल प्रभावित हो सकता है। डूब क्षेत्र में निगम की कार्रवाई के तहत शनिवार से करीब 13 हजार बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। इसका असर घरों के साथ स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी पड़ रहा है। बिजली कटने का असर सिर्फ घरों और स्कूलों तक सीमित नहीं है। शाम होते ही चोटपुर और बहलोलपुर की गलियां और रास्ते अंधेरे में डूब जाते हैं। स्ट्रीट लाइटें भी बिजली आपूर्ति पर निर्भर हैं। ऐसे में लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। पानी से मोबाइल चार्ज तक करने की परेशानीः बिजली आपूर्ति बंद होने से रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। पानी के पंप और मोटर नहीं चलने से कई परिवारों के सामने पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों को दूसरे साधनों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। मोबाइल फोन चार्ज नहीं होने से भी परेशानी बढ़ गई है। बिजली पर निर्भर छोटे दुकानदारों और अन्य कारोबारियों का काम भी प्रभावित हो रहा है। पंखे और कूलर बंद होने से लोग गर्मी और उमस में रहने को मजबूर हैं। इलाके के दुर्गा मंदिर, शिव मंदिर समेत अन्य मंदिर भी बिजली कटौती से प्रभावित हैं। बिजली नहीं होने से शाम के समय होने वाली आरती और अन्य धार्मिक गतिविधियों में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली जाने के बाद पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी नहीं होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। कटने से स्थानीय दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। शाम के समय रोशनी के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। दुकानदारों को आशंका है कि बिजली संकट लंबे समय तक रहा तो कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
नोएडा शहर में प्रसारित होने वाले तथा नोएडा से ही प्रकाशित दैनिक जागरण अखबार के नोएडा संस्करण में 03 सितंबर 2026 का प्रमुख समाचार “जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली का सफर होगा आसान” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि शहर में प्रस्तावित सबसे ऊंची एलिवेटेड रोड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) आइआइटी रुड़की ने नोएडा प्राधिकरण को सौंप दी है। यह एलिवेटेड रोड करीब दो किमी लंबी व 20 मीटर ऊंची होगी। इसके निर्माण पर करीब 350 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। यह सड़क नोएडा की मैजेंटा मेट्रो लाइन के ऊपर से गुजरेगी व इसे चिल्ला एलिवेटेड रोड के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। सड़क छह लेन की बनेगी। इससे वाहनों की आवाजाही सुगम होगी व भविष्य में यातायात जाम से बचा जा सकेगा।
यह एलिवेटेड रोड सेक्टर-94 के पास यमुना तटबंध पर उतरेगा। आगे इसे जेवर एयरपोर्ट की ओर जाने वाली एलिवेटेड एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। डीपीआर में चार बोल्ट बनाने का प्रस्ताव है। प्राधिकरण टीम वर्तमान में डीपीआर का अध्ययन कर रही है, जिसमें बड़े बदलाव की संभावना कम है। महाप्रबंधक सिविल एसपी सिंह ने बताया कि परियोजना का मुख्य लाभ नोएडा एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को होगा। एयरपोर्ट की ओर आने वाले वाहन इस एलिवेटेड रोड से सीधे दिल्ली जा सकेंगे। इससे दिल्ली व नोएडा से जेवर एयरपोर्ट जाने वाले वाहनों को प्रमुख चौराहों व सिग्नल से गुजरने की जरूरत कम होगी। इस प्रस्तावित एलिवेटेड रोड से नोएडा व जेवर एयरपोर्ट के बीच तेज व निर्बाध सड़क संपर्क स्थापित करने की योजना है। इससे यातायात का दबाव बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।
दैनिक जागरण के 03 सितंबर 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “कापरेटिव हाउसिंग सोसायटीज में फ्लैटों के मालिकाना हक को प्राधिकरण बदलेगा बायलाज” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि प्राधिकरण कापरेटिव हाउसिंग सोसायटीज में फ्लैटों के मालिकाना हक के विवाद को सुलझाने की दिशा में गंभीरता दिखाई है। इस पहल के तहत करीब 2500 आवंटियों की समस्या का समाधान होगा, जिससे वे अपने फ्लैट की व्यक्तिगत रजिस्ट्री करा सकेंगे। नोएडा के सेक्टर-25, 28, 29, 30 व 37 सहित अन्य क्षेत्रों में स्थित विभिन्न कापरेटिव हाउसिंग सोसायटीज में सैंकड़ों लोग रह रहे हैं, पर बायलाज में फंसे पेंच से उनकी व्यक्तिगत रजिस्ट्री नहीं हो पा रही। प्राधिकरण आगामी बोर्ड बैठक में बायलाज में परिवर्तन का प्रस्ताव लाएगा। यदि बोर्ड इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो इससे 2500 फ्लैटों के मालिकाना हक का मसला सुलझने की उम्मीद है। इन सोसायटियों को मास्टर लीज के आधार पर 1980-90 के दशक में भू-आवंटन हुआ था। अधिक आवंटन से प्राधिकरण ने पूरी सोसायटी की भूमि का एक मास्टर लीज सीधे सोसायटी के नाम पर कर दिया। हालांकि सोसायटियों ने फ्लैट बनाकर अपने सदस्यों को कब्जे तो सौंप दिए, पर नोएडा प्राधिकरण, सोसायटी व व्यक्तिगत फ्लैट खरीदार के बीच त्रिपक्षीय सब खरीदारों के पास केवल सोसायटी का अलाटमेंट लेटर है, जबकि सरकारी रिकार्ड में उनका व्यक्तिगत मालिकाना हक रजिस्ट्री नहीं है। इससे कई मूल आवंटियों ने बिना प्राधिकरण या सोसायटी की अनुमति अपने फ्लैटों की पावर आफ अटार्नी दूसरों को बेच दिए। वहीं, कई सोसायटियों में फर्जी या अवैध सदस्यता के विवाद भी सामने आए हैं। इससे प्राधिकरण ने संपत्ति ट्रांसफर पर रोक लगा दी थी। फ्लैटों की खरीद-फरोख्त भी प्रभावित हुई है व निवासियों के पास मालिकाना हक का सरकारी प्रमाण नहीं है।
नोएडा शहर से प्रकाशित तथा नोएडा शहर में प्रसारित समाचार पत्र (अखबार) तथा दैनिक जागरण के 03 सितंबर 2026 के अंक में “जनशिकायतों के 100% निस्तारण में कमिश्नरेट पुलिस प्रदेश में अव्वल” शीर्षक से भी नोएडा के नागरिकों के लिए समाचार प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट को जनशिकायतों का तत्काल व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के मामले में प्रदेश स्तर पर अगस्त 2026 की आइजीआरएस मूल्यांकन रिपोर्ट में पहला स्थान मिला है। बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय से रिपोर्ट जारी होने पर पुलिस आयुक्त ने 23 थाना प्रभारियों को बधाई देकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने पुलिस अधिकारी व कर्मियों को 24 घंटे जनता की निस्स्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित किया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जनशिकायतों के संबंधित पीड़ितों को तय समय में कार्रवाई से संतुष्टि करते हुए उनका बेहतर फीडबैक लेकर निस्तारण करने में कमिश्नरेट ने प्रदेश में सर्वोच्च प्रदर्शन किया है। आइजीआरएस यानी एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली सरकार का आनलाइन प्लेटफार्म है। इसमें लोग अपनी समस्याएं व शिकायतें दर्ज कराते हैं। शिकायतें मिलने के बाद तय समय में उसके निस्तारण की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड होती है। शिकायतकर्ता से संपर्क व उसके फीडबैक को मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाता है। शिकायतों के निस्तारण की नियमित निगरानी व थाना स्तर पर जिम्मेदारी तय करने का प्रभाव रैंकिंग में दिख रहा है। उनका कहना है कि पुलिस विभाग में पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण करने के बजाय शिकायतकर्ता से संपर्क स्थापित करने पर भी जोर है। बता दें कि पिछले कमिश्नरेट पुलिस कई महीनों से प्रदेश की शीर्ष स्तर पर है। जनवरी 2026 में जनशिकायतों के निस्तारण में जिले के 26 थानों का सर्वोच्च प्रदर्शन रहा था। इसके बाद मार्च 2026 में भी कमिश्नरेट को प्रदेश में पहले स्थान मिला था। इस बार महिला थाना, फेज दो, बिसरख, सूरजपुर, सेक्टर-49, सेक्टर-113, सेक्टर-58, नालेज पार्क, सेक्टर-39, इकोटेक थर्ड, सेक्टर-20, रबूपुरा, दनकौर, इकोटेक वन, दादरी, सेक्टर-63, फेज वन, जारचा, जेवर, सेक्टर-126 और सेक्टर-142, बादलपुर, बीटा टू थाने हैं।
दैनिक चेतना मंच समाचार पत्र दोपहर में प्रकाशित होता है। इस कारण दैनिक चेतना मंच के समाचार यहां पर 2 सितंबर 2026 (बुधवार) के अंक से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चेतना मंच के 2 सितंबर 2026 के अंक संख्या 254 के पहले पेज पर पहली प्रमुख खबर (लीड) का शीर्षक ''उत्तर प्रदेश सरकार ने बढ़ाया आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन शीर्षक से प्रकाशित की गई है। इस समाचार में बताया गया है कि ‘‘उत्तर प्रदेश सरकार ने बढ़ाया आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन’’ समाचार को विस्तार देते हुए लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी में 7 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही कर्मचारियों को बीमा और चिकित्सा संबंधी सुविधाएं भी देने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकोस) की वेबसाइट और पोर्टल लॉन्च किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निगम के लोगो का भी अनावरण किया और आउटसोर्स कर्मचारियों को चेक वितरित किए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को 50 लाख रुपये तक का बीमा कवर देने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आकस्मिक दवा के लिए 5 लाख रुपये और एयर एंबुलेंस की सुविधा के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। सरकार की इस पहल से बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्स के जरिये काम कर रहे कर्मचारियों का एकीकृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। अभी कर्मचारियों से संबंधित जानकारी अलग-अलग विभागों और आउटसोर्स एजेंसियों के स्तर पर रखी जाती है। नई व्यवस्था के बाद इस जानकारी को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। पोर्टल पर कर्मचारी की भर्ती, तैनाती, उपस्थिति और भुगतान से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे सरकार के लिए यह पता लगाना आसान होगा कि किस विभाग में कितने आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं और उन्हें कितना भुगतान किया जा रहा है। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा से जुड़ा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। किसी कर्मचारी की तैनाती, भुगतान या अन्य सेवा संबंधी जानकारी की जरूरत पडऩे पर उसे एक ही स्थान से देखा जा सकेगा। सरकार का मानना है कि एकीकृत डिजिटल व्यवस्था से आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से होने वाली प्रक्रिया में गड़बड़ी की संभावनाओं को कम करने और कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड की निगरानी को आसान बनाने में मदद मिलेगी। चेतना मंच के अंक संख्या 254 में प्रकाशित यह खबर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की डेट लाइन से अवश्य प्रकाशित हुई है किन्तु इस समाचार का संबंध से नोएडा सहित पूरे उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से इसलिए इस समाचार को हम पाठकों तक यहां नोएडा समाचार यानि नोएडा न्यूज सेक्शन में पहुंचा रहे हैं।
चेतना मंच का अगला समाचार एक दु:खद समाचार है। इस समाचार में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति से बुधवार को बेहद दुखद खबर सामने आई है। बुलंदशहर जिले की शिकारपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में पूर्व राज्यमंत्री रहे अनिल शर्मा का निधन हो गया है। 63 वर्षीय अनिल शर्मा लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। बुधवार दोपहर उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही बुलंदशहर से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अनिल शर्मा के निधन की खबर जैसे ही शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंची, बड़ी संख्या में उनके समर्थक, परिचित और क्षेत्रवासी स्तब्ध रह गए। उनके पैतृक गांव सुरजावली समेत शिकारपुर क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन और परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि अनिल शर्मा पिछले काफी समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। बीमारी के कारण उनकी तबीयत लगातार प्रभावित चल रही थी और दिल्ली के अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा था। उपचार के दौरान बुधवार को उनकी हालत बिगड़ी और उनका निधन हो गया। उनके निधन से भाजपा ने बुलंदशहर की राजनीति में अपना एक महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि खो दिया है। शिकारपुर क्षेत्र में अनिल शर्मा की मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती थी और लंबे समय से वह क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे थे। अनिल शर्मा का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा। वह अपने गांव सुरजावली के निर्विरोध प्रधान चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम बढ़ाया। वर्ष 2002 में वह पहली बार खुर्जा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए। इसके बाद वर्ष 2007 में उन्होंने खुर्जा सीट से दूसरी बार जीत हासिल की। परिसीमन के बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं और वर्ष 2012 में वह शिकारपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे, हालांकि उन्हें उस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद अनिल शर्मा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर शिकारपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर वह विधायक बने। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में उन्हें वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी मिली। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी अनिल शर्मा ने शिकारपुर सीट से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की और लगातार दूसरी बार शिकारपुर के विधायक बने।
दैनिक चेतना मंच समाचार पत्र नोएडा से प्रकाशित होने वाला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख समाचार पत्र है। चेतना मंच का नोएडा के विषय में अगला समाचार यहै कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में 3 सितंबर 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सहारनपुर जिले के रामपुर मनिहारान स्थित गोचर महाविद्यालय में राष्ट्रीय लोकदल की ओर से आयोजित की जा रही 'स्वाभिमान रैली" को लेकर पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। रैली से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता यतेंद्र सिंह कसाना उर्फ यतेंद्र बागी ने गंगोह विधानसभा क्षेत्र के गांवों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर किसानों, ग्रामीणों और कमेरे वर्ग के लोगों से बड़ी संख्या में रैली में पहुंचने की अपील की है। रालोद की इस रैली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कई दिनों से सहारनपुर और आसपास के जिलों में रालोद कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को रैली में पहुंचने का न्योता दे रहे हैं। स्वाभिमान रैली" को सफल बनाने के लिए रालोद नेता यतेंद्र सिंह कसाना ने गंगोह विधानसभा क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क किया। उन्होंने चकवाली, जुखेड़ी, बिलासपुर और जेहरा सहित कई गांवों का दौरा कर ग्रामीणों और किसानों से मुलाकात की। जनसंपर्क के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए 3 सितंबर को रामपुर मनिहारान पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रैली को लेकर क्षेत्र के लोगों में जबरदस्त उत्साह है और किसान तथा कमेरे वर्ग के लोग बड़ी संख्या में इस आयोजन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। यतेंद्र कसाना ने ग्रामीणों से कहा कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि किसानों, युवाओं, मजदूरों और आम ग्रामीणों की आवाज को मजबूती देने का अवसर है। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में लोगों से रैली में पहुंचकर इसे ऐतिहासिक बनाने की अपील की। रालोद की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का संबोधन होगा। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं बिजनौर सांसद चंदन चौहान भी रैली की तैयारियों को लेकर लगातार सक्रिय हैं। पार्टी की ओर से पहले दी गई जानकारी के मुताबिक रैली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, युवाओं, विद्यार्थियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। रालोद नेता यतेंद्र सिंह कसाना ने कहा कि 'स्वाभिमान रैली" का उद्देश्य किसानों और कमेरे वर्ग की आवाज को मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान लंबे समय से अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर मुखर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि 3 सितंबर को रामपुर मनिहारान के गोचर महाविद्यालय पहुंचकर अपनी एकजुटता का परिचय दें। रालोद की तैयारियों में किसानों के साथ-साथ युवाओं, मजदूरों और ग्रामीणों को भी जोडऩे पर जोर दिया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पार्टी नेता और कार्यकर्ता लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं।
नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले अखबार चेतना मंच का अगला समाचार यह है कि नोएडा के हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटे जाने और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर चल रहा विवाद अब बड़ा आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। छिजारसी, चोटपुर और पुश्ता पार क्षेत्र में बिजली संकट को लेकर स्थानीय लोगों के विरोध के बीच अब भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और किसान नेता सुखबीर खलीफा खुलकर मैदान में उतर गए हैं। सुखबीर खलीफा ने इस मुद्दे को लेकर 6 सितंबर 2026 को पुश्ता रोड पर विशाल महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद नोएडा के डूब क्षेत्र की बिजली समस्या को लेकर आंदोलन और तेज होने के आसार हैं। भारतीय किसान परिषद की ओर से किसानों, मजदूरों, युवाओं और क्षेत्र के नागरिकों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों से भी महापंचायत में बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की जा रही है। नोएडा में किसानों के मुद्दों को लेकर लंबे समय से सक्रिय सुखबीर खलीफा ने डूब क्षेत्र की बिजली समस्या को भी बड़ा जन मुद्दा बना दिया है। उनका कहना है कि पुश्ता पार क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवार वर्षों से रह रहे हैं और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय किसान परिषद इससे पहले भी डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर आंदोलन कर चुकी है। फरवरी 2026 में भी परिषद के नेतृत्व में सेक्टर-16 स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान सुखबीर खलीफा ने डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई थी। जून 2026 में भी चोटपुर क्षेत्र में भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में बिजली और पानी की समस्याओं को लेकर पंचायत हुई थी, जिसमें सुखबीर खलीफा ने क्षेत्र के लोगों से एकजुट होकर समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया था। भारतीय किसान परिषद की ओर से घोषित महापंचायत 6 सितंबर, रविवार को पुश्ता रोड पर आयोजित की जाएगी। संगठन का दावा है कि महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, स्थानीय निवासी और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल होंगे। सुखबीर खलीफा ने क्षेत्र के लोगों से महापंचायत में पहुंचने की अपील करते हुए बिजली समस्या को मजबूती से उठाने की बात कही है। परिषद का कहना है कि महापंचायत में शासन, प्रशासन और विद्युत निगम के सामने डूब क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से रखा जाएगा तथा आगे के आंदोलन की रणनीति भी तय की जाएगी। बिजली संकट को लेकर भारतीय किसान परिषद ने दावा किया है कि डूब क्षेत्र में करीब ढाई लाख लोग बिजली की समस्या से प्रभावित हैं। परिषद का आरोप है कि पहले जिन लोगों को बिजली कनेक्शन दिए गए थे, उनमें से भी हजारों कनेक्शन काट दिए गए हैं। सुखबीर खलीफा ने क्षेत्र में करीब ढाई लाख लोगों के बिजली समस्या से प्रभावित होने की बात कही है और यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में दिए गए हजारों बिजली कनेक्शन काट दिए गए।
नोएडा के विषय में चेतना मंच समाचार पत्र का अगला समाचार यह है कि नोएडा के सेक्टर-63 से सटे चोटपुर, छिजारसी और आसपास के डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटे जाने का मामला अब केवल बिजली संकट तक सीमित नहीं रह गया है। हजारों परिवारों की परेशानी के बीच यह मुद्दा तेजी से राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। एक तरफ विद्युत निगम बिजली चोरी और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को जरूरी बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय निवासी आरोप लगा रहे हैं कि कार्रवाई की चपेट में वैध कनेक्शन वाले उपभोक्ता भी आ गए हैं। पिछले कई दिनों से बिजली संकट झेल रहे लोगों का गुस्सा अब सड़क पर दिखाई दे रहा है। विधायक पंकज सिंह के कार्यालय के घेराव के बाद आंदोलनकारी अब जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे नोएडा से पैदल लखनऊ कूच कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। इस बीच 6 सितंबर को डूब क्षेत्र में महापंचायत बुलाए जाने की घोषणा ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। दूसरी ओर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी और नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह के चोटपुर-छिजारसी पहुंचने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक सक्रियता भी बढ़ गई है। चोटपुर और छिजारसी के डूब क्षेत्र में विद्युत निगम ने बिजली चोरी और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार छिजारसी और चोटपुर में 3,000 से अधिक कनेक्शन काटे गए हैं, जबकि बिजली चोरी के मामले में 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने और 11 केवी केबल तथा ट्रांसफार्मर जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके पीछे विद्युत निगम की ओर से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लाइन लॉस और कथित अवैध बिजली नेटवर्क को कारण बताया गया है। एक रिपोर्ट में छिजारसी के डूब क्षेत्र में 13 हजार से अधिक अवैध कनेक्शनों की जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने की बात कही गई है। दूसरी रिपोर्टों में इससे भी बड़े पैमाने पर कथित अवैध बिजली नेटवर्क और हर महीने करोड़ों रुपये की कथित वसूली के आरोप सामने आए हैं। इन आंकड़ों और आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित सरकारी जांच से होना बाकी है। यही इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा सवाल बन गया है। विद्युत विभाग का अभियान कथित अवैध कनेक्शनों और बिजली चोरी के खिलाफ है, लेकिन चोटपुर और छिजारसी के अनेक निवासी दावा कर रहे हैं कि उनके घरों में मीटर लगे हुए थे और वे बिजली के बिलों का भुगतान करते रहे हैं। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति बाधित होने अथवा कनेक्शन काटे जाने से उनके सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली बंद होने के साथ पानी की समस्या भी बढ़ गई है। भीषण गर्मी के बीच बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। यही कारण है कि अब स्थानीय लोगों की मांग केवल बिजली बहाली तक सीमित नहीं है। वे प्रत्येक कनेक्शन की अलग-अलग जांच, वैध उपभोक्ताओं को राहत और नियमित बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। बिजली संकट से नाराज बड़ी संख्या में लोग मंगलवार को नोएडा विधायक पंकज सिंह के कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। पंकज सिंह के सामने लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं और बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की। स्थानीय निवासियों की प्रमुख मांगों में बिजली की तत्काल बहाली, वैध उपभोक्ताओं को परेशान नहीं करना और स्थायी मीटर कनेक्शन उपलब्ध कराना शामिल है। विधायक पंकज सिंह की ओर से भी इस पूरे मामले को सरकार के सामने उठाए जाने की जानकारी सामने आई है। उनका जोर इस बात पर है कि बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो। विधायक कार्यालय के घेराव के बाद स्थानीय लोगों ने अब प्रशासन के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया है। आज बड़ी संख्या में लोगों द्वारा गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम को ज्ञापन दिए जाने की तैयारी है। ज्ञापन के माध्यम से लोगों का कहना है कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और विद्युत विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी, लेकिन अभी तक उन्हें राहत नहीं मिली है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि जिलाधिकारी स्तर पर भी समाधान नहीं हुआ तो वे नोएडा से पैदल लखनऊ जाएंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी समस्या रखेंगे। यानी आने वाले दिनों में यह आंदोलन नोएडा से निकलकर सीधे लखनऊ तक पहुंच सकता है। इस पूरे मामले में राजनीतिक सक्रियता का दूसरा बड़ा केंद्र शालिनी सिंह बनी हैं। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी और नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने चोटपुर कॉलोनी और छिजारसी गांव का दौरा कर स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने बिजली कनेक्शन, मीटर, बिलिंग, बिजली चोरी और उपभोक्ताओं की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। शालिनी सिंह ने कहा कि बिजली चोरी के वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन वैध कनेक्शन वाले और नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को सामूहिक कार्रवाई का नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के पिछले वर्षों के मीटर, कनेक्शन, बिलिंग, विद्युत खपत, जमा राजस्व और लाइन लॉस से जुड़े रिकॉर्ड का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग भी उठाई है। चोटपुर और छिजारसी का बिजली संकट अब नोएडा की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। एक ओर क्षेत्र के मौजूदा विधायक पंकज सिंह इस मामले को शासन स्तर पर उठाते हुए आम नागरिकों को राहत दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर शालिनी सिंह स्थानीय लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रही हैं और विद्युत व्यवस्था की निष्पक्ष जांच तथा स्वतंत्र ऑडिट की मांग कर रही हैं। इसी वजह से दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर बयानबाजी तेज होने लगी है। हालांकि यह भी जरूरी है कि बिजली जैसे संवेदनशील जनहित के मुद्दे को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग रखकर देखा जाए। असली सवाल यह है कि बिजली चोरी के वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई कैसे हो और वैध उपभोक्ताओं के घरों में बिजली कैसे पहुंचे। चोटपुर और छिजारसी में बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर पानी की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बिजली नहीं होने के कारण मोटर और पानी की अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में गर्मी के मौसम में परिवारों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। यही वजह है कि आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल बिजली का मुद्दा नहीं बल्कि बिजली-पानी और हजारों परिवारों के जीवन से जुड़ा सवाल बन चुका है। आंदोलन को अब संगठित रूप देने की तैयारी भी शुरू हो गई है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार भारतीय किसान परिषद ने चोटपुर-छिजारसी डूब क्षेत्र की बिजली समस्या को लेकर 6 सितंबर को पुश्ता रोड पर महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है। इसके लिए आसपास के इलाकों में बैठकें भी शुरू होने की बात सामने आई है। यदि बिजली समस्या का समाधान तत्काल नहीं हुआ तो यह महापंचायत बड़े आंदोलन में बदल सकती है। फिलहाल यह आंदोलनकारियों की घोषित रणनीति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले विधायक, विद्युत विभाग और प्रशासन के स्तर पर अपनी समस्या उठाई है। अब वे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि नोएडा में उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे पैदल लखनऊ कूच करेंगे। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि आंदोलन लखनऊ तक पहुंचे, उससे पहले नोएडा में ही समस्या का ऐसा समाधान निकले जिससे वैध उपभोक्ताओं को बिजली मिले और अवैध बिजली नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई भी जारी रह सके। चोटपुर-छिजारसी विवाद ने नोएडा की बिजली व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर बिजली चोरी हुई है तो चोरी करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अगर अवैध नेटवर्क चल रहा था तो उसे चलाने वालों और उसमें मिलीभगत करने वालों की जांच होनी चाहिए। लेकिन अगर किसी उपभोक्ता के पास वैध मीटर है और वह नियमित बिल जमा कर रहा है तो उसके घर की बिजली क्यों काटी जाए? यही वह सवाल है जिसने अब पूरे विवाद को जनआंदोलन का रूप देना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रत्येक घर के कनेक्शन और मीटर की अलग-अलग जांच हो। वैध उपभोक्ताओं को तत्काल बिजली दी जाए और अवैध कनेक्शनों के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। चोटपुर, छिजारसी और आसपास के डूब क्षेत्र में बड़ी आबादी रहती है। इसलिए यह मुद्दा केवल कुछ गलियों या कुछ हजार कनेक्शनों का मामला नहीं है। इसका असर व्यापक आबादी पर पड़ रहा है। एक तरफ सरकार और विद्युत निगम बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिक अपने घरों में बिजली और पानी की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो विधायक कार्यालय के घेराव से शुरू हुआ विरोध, जिलाधिकारी को ज्ञापन, 6 सितंबर की महापंचायत और संभावित लखनऊ पैदल मार्च ये सभी घटनाएं मिलकर नोएडा में एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकती हैं। और सबसे बड़ा सवाल क्या हजारों लोगों को नोएडा से लखनऊ तक पैदल जाने की जरूरत पड़ेगी या नोएडा प्रशासन और शासन स्तर पर ही इस मामले का समाधान निकल आएगा? फिलहाल चोटपुर और छिजारसी की बिजली की चिंगारी नोएडा की राजनीति को भी गर्म कर चुकी है। आने वाले कुछ दिन इस पूरे मामले की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं।
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