
Noida News (चेतना मंच)। शादियों में करोड़ों खर्च करने के बावजूद बेटियां अपनी ससुराल में सुख नहीं भोग पा रही हैं। दहेज के लोभियों की भूख दिनोंदिन बढ़ती रहती है, जिस वजह से ससुराल में बेटियों को प्रताडि़त किया जाता है और दहेज में लाया गया कीमती सामान भी हड़प लिया जाता है। नोएडा में ऐसे ही दहेज उत्पीड़न के दो मामले सामने आए हैं।
ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा-2 में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मंजू (काल्पनिक नाम) ने बताया कि उसकी शादी सेक्टर-62 रजत विहार निवासी कारण नागर के साथ 10 मार्च 2019 को हुई थी। शादी के समय उसके पिता ने करीब डेढ़ करोड़ रूपया खर्च किया था। विदाई के समय उसके पिता ने दो किलो सोना, 2 किलो चांदी, 21 लाख रुपये नकद, 15,51,000 रूपये कार खरीदने के लिए दिए थे। पूरी शादी में करीब डेढ करोड रुपये से अधिक का खर्च किया गया था। शादी से पूर्व ही करण नागर, ससुर रिशिपाल नागर, सास जया, ननद आरती ने दहेज की मांग थी।
शुरुआत में इन लोगों ने उसके पिता से शादी के अवसर पर कार दिए जाने की बात कही थी, लेकिन ऐन मौके पर उसके ससुराल वाले नकद रुपये की मांग करने लगे। जिस पर उन्हें कार खरीदने के लिए 15 लाख 51000 रूपये नकद कन्यादान के अलावा दिया गया था। मंजू के मुताबिक शादी के कुछ समय पश्चात ही उसके पति करण नागर तथा ससुराल वालों ने उसे पर मायके से कार लाने का दबाव डालना शुरू कर दिया। इसके अलावा उसे पर 15 लाख रुपये भी मायके से लाने का दबाव डाला जाने लगा। उसने जब मायके से पैसे और कार लाने से इनकार कर दिया तो उसे प्रताडि़त किया जाने लगा। यह बात जब उसके मायके वालों को पता चली तो उसकी शादी की सालगिरह पर उन्होंने लोन कराकर एक स्विफ्ट गाड़ी करण नागर को दी। इसके बाद भी ससुराल वालों की दहेज की भूख शांत नहीं हुई और वह लगातार उस पर मायके से पैसे लाने का दबाव डालते रहे। पैसों की मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। जिस कारण उसका अप्रैल वर्ष 2021 में अनचाहा गर्भपात हो गया। अगस्त माह वर्ष 2023 के अंतिम सप्ताह में उसका पति उसे सेक्टर-143 में किराये के फ्लैट में ले आया। इस दौरान ससुराल वालों ने उसके जेवरात यह कहकर अपने पास रख लिए कि किराये के घर में जेवरात सुरक्षित नहीं रहेंगे। सेक्टर-143 में छोड़कर उसका पति वापस नहीं लौटा। उसने मकान का किराया देने से भी इंकार कर दिया। मंजू का आरोप है कि ससुराल वालों ने उसे मानसिक व शारीरिक प्रताडि़त करने के साथ-साथ उसके सभी जेवरात छल कपट पूर्वक अपने पास रख लिये।
इसके अलावा थाना सेक्टर-39 में कुलेसरा निवासी रिंकी (काल्पनिक नाम) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसकी शादी 22 अप्रैल 2022 को दिनेश सोलंकी उर्फ गोलू निवासी ग्राम फलेंद्र बांगर के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही उसके पति दिनेश सोलंकी व ससुराल वालों ने उसे मायके से अतिरिक्त दहेज लाने के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। ससुराल वाले अक्सर उसे ताने मारते थे कि उसके पिता ने शादी में चार पहिए की गाड़ी न देकर समाज में उनकी बेइज्जती कर दी है।
दिनेश सोलंकी व उसके परिजन उसे पर मायके से सेंट्रो कर व ढाई लाख रुपये नकद लाने के लिए दवाब बनाने लगे। 22 दिसंबर 2022 को आरोपियों ने उसे दहेज की मांग पूरी ने होने पर मारपीट कर घर से निकाल दिया। इस दौरान उसके रिश्तेदारों व परिजनों ने ससुराल वालों की खुशामद की जिसके बाद वह उसे अपने साथ लेकर गए। रिंकी का आरोप है कि 19 मार्च को एक बार फिर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। उसने इस बात की जानकारी अपने परिजनों को दी परिजन जब ससुराल पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची लेकिन उससे पहले ही उसके ससुराल वाले घर छोड़कर चले गए। पुलिस के जाने के बाद ससुराल वाले घर पहुंचे और उसे जान से मारने की धमकी देते हुए घर से बाहर निकाल दिया।